बीमार को ले जा रही कार को रोका, अस्पताल में मौत

बीमार को ले जा रही कार को रोका, अस्पताल में मौत
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उज्जैन, 14 अप्रैल (हि.स.)। बीमार मां को इलाज के लिए कार में ले जा रहे भाजपा मंडल उपाध्यक्ष को भेरूगढ़ स्थित सिद्धवट मंदिर के सामने एएसआई और आरक्षक ने रोक लिया। काफी देर तक चले विवाद के बाद मंडल उपाध्यक्ष अपनी मां को जब इलाज के लिए जीवाजीगंज अस्पताल लेकर पहुंचे तो परीक्षण के बाद वृद्धा को डॉक्टर ने मृत घोषित कर दिया। उपाध्यक्ष का आरोप है कि पुलिस द्वारा रोके जाने के कारण उनकी मां को समय पर इलाज नहीं मिल पाया, जिससे उनकी मौत हो गई। भैरवगढ़ स्थित माणक चौक निवासी जीवाजीगंज भाजपा मंडल उपाध्यक्ष प्रवीण चतुवेर्दी की माता समीष्ठा देवी (60) का बुधवार दोपहर अचानक स्वास्थ्य खराब हो गया। प्रवीण अपने भाई के साथ कार से माता को इलाज के लिए अस्पताल ले जाने के लिए निकले थे। कोरोना कर्फ्यू होने पर सिद्धवट के समीप पुलिस ने बैरिकेड लगाकर रास्ता बंद कर रखा था। वहां से गुजरते समय पुलिस ने उनकी कार रोकी और पूछताछ की। इस बीच मंडल उपाध्यक्ष की पॉइंट पर लगे आरक्षक आशीष पटेल और एएसआई धारासिंह चावड़ा से कहासुनी हो गई। कार में बीमार महिला होने की जानकारी देने के बाद भी पुलिस ने उन्हें जाने से रोका। हंगामा बढ़ा तो एएसआई ने बैरिकेड हटवाए। लेकिन अस्पताल पहुंचने पर मंडल उपाध्यक्ष की माता का निधन हो गया। इसकी जानकारी क्षेत्र के पूर्व पार्षद संजय कोरट, मंडल अध्यक्ष जितेन्द्र कुमावत, भाजपा कार्यकर्ता और रहवासियों को लगी तो उनका गुस्सा भड़क गया। उन्होंने भैरवगढ़ थाने पहुंचकर घेराव कर दिया और पुलिस द्वारा कार रोककर विवाद करने का आरोप लगाते हुए आरक्षक व एएसआई को निलंबित करने की मांग रख दी। पार्षद और रहवासियों का आरोप था कि पुलिस को कार में बीमार महिला की जानकारी देने के बाद भी बैरिकेड नहीं हटाए थे। जिसके चलते अस्पताल पहुंचने में देरी हुई और समय पर उपचार नहीं मिलने से मंडल उपाध्यक्ष की माता का निधन हो गया। टीआई ने समझाया आक्रोशित लोगों को थाना प्रभारी ब्रजेश श्रीवास्तव द्वारा समझाने का प्रयास किया गया, लेकिन लोग नहीं माने। इसी दौरान जानकारी लगते ही सीएसपी एआर नेगी मौके पर पहुंच गए। उन्होंने मामले की जांच का आश्वासन दिया और निष्पक्ष कार्रवाई की बात कहते हुए मामला शांत कराया, लेकिन थाने का घेराव करने वाले दोनों पुलिसकर्मियों को सस्पेंड करने की मांग पर अड़े रहे। उन्होंने दोनों पुलिसकर्मियों के खिलाफ शिकायती आवेदन भी दिया और बाद में वापस भी ले लिया। हिन्दुसाथान समाचार/गजेंद्र सिंह तोमर