झागर में अब तक 13 मौतें पर प्रशासन का दावा अज्ञात बीमारी से हुई

झागर में अब तक 13 मौतें पर प्रशासन का दावा अज्ञात बीमारी से हुई
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13/05/2021 गुना, 13 मई (हि.स.) । शहर के बाद अब जिले की ग्राम पंचायतों में कोरोना संक्रमण पैर पसार चुका है। हालात यह हैं कि झागर ग्राम पंचायत में 13 लोगों की मौत हो गई, लेकिन जनपद पंचायत बमोरी ने इन मौतों का कारण कोरोना नहीं, बल्कि अज्ञात बीमारी बताया है। साथ ही कहा कि जिन ग्रामीणों की मौत हुई थी, उनका पीएम नहीं कराया गया, जिससे वह मौत का कारण कोरोना नहीं मानते हैं। हालांकि, ग्रामीणों की मौत के बाद इस गांव में 20 ऑक्सीजन बिस्तर का अस्थाई अस्पताल भी संचालित कर दिया गया है। उधर, स्वास्थ्य विभाग ने जो आंकड़े दिए हैं, उसके अनुसार ग्रामीण क्षेत्रों में अब तक 726 कोरोना संक्रमित मरीज पाए गए हैं, जिसमें सबसे अधिक संक्रमित गुना ग्रामीण क्षेत्र में है। जिला पंचायत प्रशासन ने ग्रामीण क्षेत्रों में कोरोना संक्रमण को रोकने के लिए 233 माइक्रो कंटेनमेंट जोन भी बनाए हैं। जनपद पंचायत बमोरी की ग्राम पंचायत झागर के सचिव आजाद सिंह किरार ने बताया कि पिछले 22 दिनों के भीतर उनके गांव में 13 मौत हो चुकी हैं। उनका दावा है कि एक मौत कोरोना संक्रमण की वजह से हुई है, तो बुखार, खांसी, हार्टअटैक, ब्लडप्रेशर की बीमारी से 12 लोगों की जान गई है। हालांकि, इस गांव में हुई मौत के बाद स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन ने हाईअलर्ट कर दिया। साथ ही झागर गांव में मौत के आंकड़े को कम करने के लिए 20 ऑक्सीजन बेड एक स्कूल में लगाकर कोरोना संक्रमण की रोकथाम का प्रयास किया गया। आज भी इस गांव का एक मरीज ऑक्सीजन बेड पर कोरोना से लड़ाई लड़ता दिखाई दे रहा है। निजी और अन्य जिलों में करा रहे मरीज इलाज: जिला पंचायत की रिपोर्ट के अनुसार सबसे अधिक 233 गुना ग्रामीण की पंचायतों में कोरोना संक्रमित मरीज मिले हैं, तो बमोरी की पंचायतों में 176 मरीज मिले हैं। चांचौ?ा में 77, राघौगढ़ में 114 और आरोन की पंचायतों में 136 कोरोना संक्रमित मरीज मिले हैं। संक्रमित मरीज उपचार निजी अस्पताल और प्रदेश के अन्य जिलों में करा रहे हैं। ग्राम पंचायतों में झोलाछाप डॉक्टरों के भरोसे मरीज: जिले की 425 ग्राम पंचायतों में मरीज बुखार और अन्य बीमारी सहित कोरोना का इलाज भी झोलाछाप डॉक्टरों से करा रहे हैं। पिछले दिनों बमोरी क्षेत्र में एक मामला सामने आया था कि नदी में गड्ढे खोदकर 50 से अधिक ग्रामींणों ने पानी निकाला। ग्रामीणों का कहना था कि सूखी नदी में गड्ढे से जो पानी निकला है, उससे कोरोना संक्रमण दूर होगा। हालांकि, एडीएम विवेक रघुवंशी ने गंदा पानी पीने से ग्रामीणों को रोकने के लिए कोटवार की ड्यूटी लगाई थी और जेसीबी चलवाकर गड्ढे को भरवा दिया था। 233 ग्राम पंचायतों में कोरोना का कहर, बनाए कंटेनमेंट जोन: जिले की 233 ग्राम पंचायतों में कोरोना का कहर है। हालात यह हैं कि इन पंचायतों में जिला पंचायत ने कंटेनमेंट जोन बनाए हैं। जिला पंचायत रिपोर्ट के अनुसार बमोरी जनपद पंचायत में सबसे अधिक 70 माइक्रो कंटेनमेंट जोन बनाए गए हैं। आरोन में 29, चांचौ?ा में 27, गुना ग्रामीण 60 और राघौग? में 47 पंचायतों में माइक्रो कंटेनमेंट जोन बनाए गए हैं। जिला पंचायत प्रशासन के आंक?ों के हिसाब से पंचायतों में संक्रमित 407 मरीजों ने कोरोना से जंग जीत ली है। आरोन जनपद पंचायत में 80, बमोरी में 112, चांचौ?ा में 36, गुना ग्रामीण में 107 और राघौगढ़ जनपद पंचायत में 72 लोग कोरोना से जंग जीतकर अपने घर पहुंच चुके हैं। उधर, आज भी 130 ग्राम पंचायतों में माइक्रो ओरेंज कंटेनमेंट जोन बनाए गए हैं। झागर पंचायत में 13 लोगों की कुछ दिनों पहले मौत हुई थी। यह मौत अज्ञात बीमारी की वजह से हुई है। मृतकों का पीएम नहीं कराया गया, जिससे यह पुष्टि नहीं हुई कि उनकी मौत कोरोना संक्रमण की वजह से हुई है। - प्रदीप पाल, सीईओ, जनपद पंचायत बमोरी हिन्दुस्थान समाचार / अभिषेक

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