जितने दिन दुकान खुले, उतने दिन का ही सेल्समैन को दिया जाए वेतनः कलेक्टर

जितने दिन दुकान खुले, उतने दिन का ही सेल्समैन को दिया जाए वेतनः कलेक्टर
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अनूपपुर, 24 मार्च (हि.स.)। विकासखण्डवार शासकीय उचित मूल्य दुकानों के सेल्समैन की लिस्ट लेकर यह देखें कि सेल्समैन कितने दिन दुकान खोलता है। अगर वह दुकान नहीं खोलता तो उसके कारण जानें, जितने दिन दुकान खोले, उसको उतने ही दिन का वेतन दिया जाए। यह सुनिश्चित किया जाए कि उपभोक्ता दुकान पर आए या नहीं आए, मगर दुकान अवश्य खोली जाए। यह निर्देश बुधवार को कलेक्टर चन्द्रमोहन ठाकुर ने लक्षित सार्वजनिक वितरण प्रणाली की समीक्षा बैठक में कनिष्ठ आपूर्ति अधिकारियों को दिये। बैठक में अपर कलेक्टर सरोधन सिंह, जिले के अनुविभागीय अधिकारी राजस्व, तहसीलदार, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद, मुख्य नगरपालिका अधिकारी, जिला आपूर्ति अधिकारी समेत विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। उन्होंने कहा कि व्यवस्था सुधारने के लिए यह आवश्यक है कि एक सेल्समैन एक ही उचित मूल्य दुकान चलाएं। अगर कोई सेल्समैन एक से अधिक दुकान चलाते पाया गया, तो इसके लिए सहायक पंजीयक सहकारिता को जवाबदार माना जाएगा। अनुविभागीय अधिकारियों राजस्व को निर्देश दिए कि वे खण्ड स्तर पर कनिष्ठ आपूर्ति अधिकारी के साथ बैठकर पोर्टल देखें कि खाद्यान्न का आवंटन आया या नहीं और आवंटन दुकानों पर पहुंचा कि नहीं और दुकान पर पहुंचा, तो उसका उपभोक्ताओं में वितरण हुआ कि नहीं। हर महीने 15 तारीख तक आवंटन जारी हो जाना चाहिए। कलेक्टर ने कहा कि जो उपभोक्ता एक वर्ष या उससे अधिक समय से राशन नहीं ले रहे हैं, उनके नाम सूची से हटवाएं जाएं। इसके लिए पहले पंचायत सचिव से जांच करा ली जाए। उन लोगों को राशन दिया जाए, जिन्हें राशन की जरूरत है। कलेक्टर ने निर्देश दिए कि अप्रैल माह का आवंटन अप्रैल माह तक अनिवार्य रूप से दुकानों पर पहुंच जाए। आपने इसका वितरण अन्न उत्सव में अनिवार्य रूप से कराने और इस काम में रोजगार सहायकों और सचिवों को लगाने के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों जनपद को निर्देश दिए और कहा कि यह उनकी जिम्मेदारी है कि जिस दिन अन्न उत्सव है, उस दिन खाद्यान्न का वितरण हो जाए। मुख्य कार्यपालन अधिकारियों जनपद और मुख्य नगर पालिका अधिकारियों को निर्देशित किया कि इस बात का व्यापक प्रचार-प्रसार करावें कि जो उपभोक्ता जिस दुकान से राशन का उठाव कराना चाहे, तो वह वहां से राशन उठा सकता है। गांव से शहर में मजदूरी करने आने वाले लोग शहर की किसी भी उचित मूल्य दुकान से राशन उठा सकेंगे। कल्याणकारी संस्थाओं और छात्रावासों को जारी होने वाले खाद्यान्न आवंटन की समीक्षा करने के भी अनुविभागीय अधिकारियों राजस्व को निर्देश दिए। हरेक उचित मूल्य दुकान की सतर्कता समिति बनी हुई हैं, जिनकी नियमित बैठकें कराना सुनिश्चित करने की बात कहीं। नवीन परिवारों का सत्यापन कराया जाए और नवीन जोड़ेे गए परिवारों को पात्रता पर्ची का वितरण किया जाए। नागरिक आपूर्ति विभाग और सहकारिता विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि उचित मूल्य दुकानों पर समय पर खाद्यान्न का आवंटन पहुंचाना सुनिष्चित किया जाए। हिन्दुस्थान समाचार/ राजेश शुक्ला

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