शा.माधवनगर में बंद हुआ ऑख का हॉस्पिटल
शा.माधवनगर में बंद हुआ ऑख का हॉस्पिटल
मध्य-प्रदेश

शा.माधवनगर में बंद हुआ ऑख का हॉस्पिटल

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उज्जैन, 01 अगस्त (हि.स.)। शा .माधवनगर अस्पताल को कोविड-19 हॉस्पिटल बनाने के बाद यहां चल रहे ऑंख के हॉस्पिटल को बंद कर दिया गया था। आज भी आई वार्ड का सामान एक कमरे में रखा है वहीं ऑपरेशन थियेटर बंद पड़ा है। यहां के स्टॉफ को अस्थायी रूप से जिला अस्पताल में शिफ्ट कर दिया गया था। जिला अस्पताल में ऑख के सर्जन और डॉक्टर ओपीडी चला रहे हैं। ऑपरेशन पूरी तरह से बंद है। एक पखवाड़ा पूर्व कलेक्टर आशीषसिंह ने निर्देश दिए थे कि ऑख का हॉस्पिटल बंद होने से मरीजों को परेशानी हो रही है। अत: चरक भवन की 5वीं मंजील पर इसे प्रारंभ किया जाए। उनके निर्देश पर चरक भवन की 5वीं मंजील पर ऑख के चिकित्सक एवं सर्जन पहुंचे और मुआयना किया। यहां पर वार्ड आदि सुविधाएं हैं लेकिन ऑपरेशन थियेटर नहीं होने से डॉक्टर्स का कहना था कि मोतियाबिंद सहित अन्य सर्जरी कहां करेंगे? इस पर तय हुआ कि यहां पर ऑपरेशन थियेटर बनवा लिया जाए। शा.माधवनगर में बंद पड़े ऑपरेशन थियेटर में सारा सामान है ही, उसे यहां ले आएंगे। एक सुझाव ने बिगाड़ दिया पूरा मामला सूत्रों के अनुसार जब ऑपरेशन थियेटर बनाने की स्वीकृति की प्रक्रिया कागज पर चल रही थी,उसी दौरान एक वरिष्ठ चिकित्सक ने सुझाव दे दिया कि जब ऑपरेशन थियेटर बनवा ही रहे हो तो मॉड्यूलर बनवाओ,इसके लिए सरकार रूपये भी दे रही है। इस पर प्रस्ताव का मसौदा बदला गया और मॉड्यूलर ऑपरेशन थियेटर बनाने की स्वीकृति एवं बजट आवंटन का पत्र बनाकर भोपाल भेज दिया गया। अब जब तक वहां से स्वीकृति नहीं आएगी,ऑपरेशन थियेटर बन नहीं पाएगा। ऐसे में मरीजों की परेशानी का अंत नहीं होगा। एक साल में हो जाते हैं 3 हजार से अधिक ऑपरेशन आय वार्ड से प्राप्त जानकारी के अनुसार गत वर्ष को आधार बनाएं तो अप्रेल,19 से 20 मार्च 2020 तक एक वर्ष में 3 हजार से अधिक मोतियाबिंद के ऑपरेशन हो गए थे। अन्य सर्जरी अलग है। 21 मार्च से आय वार्ड में ऑपरेशन बंद हो गए ओर फिर लॉकडाउन में अस्पताल बंद ही रहा। शा.माधवनगर को कोविड-19 बनाने के बाद आई वार्ड की ओपीडी ही चल रही है जिला अस्पताल में। इनका कहना है सीएमएचओ डॉ.महावीर खण्डेलवाल के अनुसार जल्द ही ऑपरेशन थियेटर बन जाएगा। इसके बाद वार्ड और सर्जरी,दोनों प्रारंभ हो जाएगी। चरक भवन की पांचवी मंजील आई वार्ड के लिए दे दी गई है। वरिष्ठ नेत्र चिकित्सक डॉ.अजयसिंह तोमर के अनुसार कोरोनाकाल में मोतियाबिंद के ऑपरेशन बंद हो गए,यह सबसे गलत बात हुई। गरीब लोग भटक रहे हैं। प्रायवेट इलाज के रूपये नहीं है गरीबों के पास। उन्होने कहाकि चरक भवन में जब तक मॉड््यूलर ऑपरेशन थियेटर नहीं बन जाता, तब तक अस्थायी रूप से थियेटर बनाकर काम शुरू किया जा सकता है। सारा सामान हमारे पास पहले से ही है। ऐसा क्यों नहीं हो रहा,पता नहीं। मैरी ड्यूटी तो पीटीएस में कोरोना मरीजों की साजसंभाल में लगी है। हिन्दुस्थान समाचार / ललित-hindusthansamachar.in