मप्र में 15 जून से आरंभ होगा मूंग का उपार्जन, कोरोना गाइडलाइन का पालन करना जरूरी

मप्र में 15 जून से आरंभ होगा मूंग का उपार्जन, कोरोना गाइडलाइन का पालन करना जरूरी
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मुख्यमंत्री चौहान ने किया मूंग और उड़द खरीद के पंजीयन का शुभारंभ भोपाल, 08 जून (हि.स.)। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि न्यूनतम समर्थन मूल्य पर मूंग की खरीद के लिए पंजीयन आज 8 जून से आरंभ किया जा रहा है। मूंग का उपार्जन 15 जून से आरंभ कर दिया जाएगा। ग्रीष्म-कालीन मूंग के दामों में आ रही कमी को देखते हुए न्यूनतम समर्थन मूल्य 7 हजार 196 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया है। खरीदी 90 दिन जारी रहेगी। ये निर्णय किसानों के हित के संरक्षण और कल्याण के उद्देश्य से लिए गए हैं। हमारी सरकार किसानों की सरकार है। खेती को लाभ का धंधा बनाना और किसानों की आय को दो गुना करना हमारी प्रतिबद्धता है। उक्त बातें मुख्यमंत्री ने मंगलवार को मूंग और उड़द खरीद के पंजीयन के शुभारंभ अवसर पर किसानों को मंत्रालय से वर्चुअली संबोधित करते हुए कही। कार्यक्रम में किसान-कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री कमल पटेल भी शामिल थे अल्पकालिक फसल ऋण की अदायगी 30 जून तक कर सकेंगे किसान चौहान ने कहा कि किसानों की आय दोगुनी करना प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का सपना है। राज्य सरकार इस दिशा में सभी प्रयास कर रही है। उत्पादन बढ़ाने, उत्पादन की लागत कम करने, किसानों को उचित मूल्य दिलाने और आपदा की स्थिति में सहायता देने जैसे कार्य राज्य सरकार द्वारा तत्परता से किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि हमारा प्रयास है कि किसान नई तकनीक का उपयोग करें। सिंचाई क्षेत्र का अधिक से अधिक विस्तार हो। वर्तमान में प्रदेश में 42 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा उपलब्ध है, इसे 65 लाख हेक्टेयर तक ले जाना है। बिजली की उपलब्धता भी पर्याप्त है। इन सुविधाओं से किसानों के लिए तीन फसलें लेना आसान हुआ है। कम ब्याज पर ऋण की व्यवस्था भी उत्पादन की लागत घटाने के उद्देश्य से की गई है। इस क्रम में लघु और छोटे किसानों की सुविधा को देखते हुए सहकारी समितियों द्वारा वितरित अल्पकालिक फसल ऋणों की अदायगी की तिथि को बढ़ाकर 30 जून किया गया है। मूंग खरीदी 90 दिन तक जारी रहेगी : कोरोना से बचाव की सावधानियों का पालन जरूरी मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना के कठिन काल में भी राज्य सरकार द्वारा चना, मूसर और सरसों की खरीदी 15 मार्च से आरंभ करने का निर्णय लिया गया था । इससे किसानों को अच्छे भाव मिले। अब मूंग की फसल बरसात में खरीदनी होगी, इसके लिए पर्याप्त व्यवस्था की जा रही है। उन्हीं केन्द्रों पर खरीदी होगी जहाँ मूंग को सुरक्षित रखने की व्यवस्था हो। प्रदेश में पर्याप्त स्थानों पर खरीदी केन्द्र खोले जाएँगे। खरीदी की प्रक्रिया 90 दिन तक जारी रहेगी। कोरोना संक्रमण को देखते हुए यह आवश्यक है कि उपार्जन केन्द्रों में अधिक भीड़ न हो, मास्क लगाये जायें और परस्पर दूरी बनाए रखी जाए। मुख्यमंत्री चौहान ने की किसानों से चर्चा मुख्यमंत्री चौहान ने पाँच जिलों के कृषकों से बातचीत भी की। होशंगाबाद के राम भरोसे ने कहा कि 60 दिन में पकने वाली मूंग की फसल से पर्याप्त राशि प्राप्त होगी। हरदा के ललित पटेल ने ग्रीष्म-कालीन मूंग के लिए नहर का पानी छोड़ने पर मुख्यमंत्री चौहान का धन्यवाद दिया। मुख्यमंत्री चौहान ने चर्चा में कहा कि क्राप पैटर्न बदलने के लिए आवश्यक प्रयासों के संबंध में भी विचार किया जाएगा। सीहोर के सुनील पवार, नरसिंहपुर के मनीष और खातेगाँव देवास के नर्मदा प्रसाद से भी मुख्यमंत्री चौहान ने बातचीत की। कृषि मंत्री पटेल ने माना आभार कृषि मंत्री कमल पटेल ने जानकारी दी कि प्रदेश के 25 जिलों में 4 लाख 77 हजार हेक्टेयर में ग्रीष्म-कालीन मूंग होती है। इस वर्ष 6 लाख 56 हजार मीट्रिक टन मूंग उत्पादन संभावित है। मंत्री पटेल ने मूंग का समर्थन मूल्य निर्धारित करने के लिए प्रदेश के किसानों की ओर से मुख्यमंत्री चौहान का आभार माना। कार्यक्रम में कृषि उत्पादन आयुक्त के.के. सिंह, अपर मुख्य सचिव अजीत केसरी और अन्य अधिकारी उपस्थित थे। प्रदेश के 25 जिलों के लगभग 10 लाख किसान कार्यक्रम में वर्चुअली जुड़े। हिन्दुस्थान समाचार / उमेद