रेमडेसिविर और ऑक्सीजन की कालाबाजारी को लेकर 21 के विरुद्ध हुई रासुका में कार्यवाही

रेमडेसिविर और ऑक्सीजन की कालाबाजारी को लेकर  21 के विरुद्ध हुई रासुका में कार्यवाही
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भोपाल, 07 मई (हि.स. ) । प्रदेश में रेमडेसिविर इंजेक्शन की कालाबाजारी करने पर 20 व्यक्तियों के विरुद्ध तथा ऑक्सीजन की कालाबाजारी करने पर एक व्यक्ति के विरुद्ध राष्ट्रीय सुरक्षा कानून के अंतर्गत कार्यवाही की गई है। इसी प्रकार अधिक शुल्क वसूलने पर 61 स्वास्थ्य संस्थाओं,व्यक्तियों के विरुद्ध कार्रवाई की गई है। इनसे सात लाख 34 हज़ार रुपये की राशि मरीजों के परिजनों को वापस दिलाई गई है। इनमें से दो संस्थाओं का लाइसेंस निरस्त किया गया है तथा 22 व्यक्तियों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज की गई है। उक्त जानकारी अधिकारियों द्वारा शुक्रवार को कोरोना समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को दी गई। अधिकारियों ने सीएम शिवराज को बताया कि प्रदेश में कोरोना के नए 11 हजार 708 प्रकरण आए हैं। एक्टिव प्रकरणों की संख्या 95 हजार 423 है। पिछले 24 घंटे में 4815 मरीज स्वस्थ हुए हैं। साप्ताहिक पॉजिटिविटी रेट 19.4 प्रतिशत है एवं 12 हजार 270 औसत प्रकरण प्रतिदिन आ रहे हैं। वहीं, उनके द्वारा यह भी बताया गया कि प्रदेश के 14 जिलों में 200 से अधिक नए प्रकरण आये हैं। इंदौर में 1753, भोपाल में 1576, ग्वालियर में 910, जबलपुर में 795, रतलाम में 380, उज्जैन में 370, रीवा में 309, शिवपुरी में 298, सतना में 242, नरसिंहपुर में 239, धार में 231, सागर में 231, सीहोर में 206 एवं सिंगरौली में 204 नये प्रकरण आये हैं। वहीं, इस दौरान मुख्यमंत्री श्री चौहान ने निर्देश दिए कि सभी जिलों में कोविड केयर सेंटर्स पर ध्यान दिया जाये एवं जिन मरीजों के घर पर होम आइसोलेशन की व्यवस्था नहीं है अथवा स्थान कम है, उन्हें कोविड केयर सेंटर्स में शिफ्ट किया जाए। मुख्यमंत्री चौहान ने सीधी जिले की समीक्षा के दौरान ज़िला अस्पताल की व्यवस्थाओं को चुस्त-दुरुस्त किये जाने के निर्देश दिए। विदिशा जिले के 272 गाँव, राजगढ़ जिले के 189 गाँव एवं सीधी जिले के 245 गाँव में कोरोना संक्रमण होने से वहाँ माइक्रो कंटेंटमेंट जोन बनाकर कोरोना संक्रमण सख्ती से रोकने के निर्देश दिए गये। सिंगरौली जिले की साप्ताहिक पॉजिटिविटी दर 30.5% पाये जाने पर विशेष ध्यान दिये जाने के निर्देश दिये गये। इसी तरह से राजगढ़ जिले की समीक्षा के दौरान बताया गया कि वहाँ कुछ लोग कोरोना को टाइफाइड मानकर उसका इलाज कर रहे हैं एवं इसके लिए झाड़-फूँक भी करवा रहे हैं। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने इसे गंभीरता से लेते हुए निर्देश दिये कि कोरोना के इलाज में किसी प्रकार की भ्रांति नहीं होनी चाहिये। थोड़ी भी लापरवाही जानलेवा सिद्ध हो सकती है। लक्षण दिखने पर पहले दिन से ही उसका इलाज कराया जाए, अँधविश्वास में बिल्कुल न रहें। हिन्दुस्थान समाचार/डॉ. मयंक चतुर्वेदी