बंदी अपने अपराध के संबंध में आत्मावलोकन करें : चतुर्वेदी

बंदी अपने अपराध के संबंध में आत्मावलोकन करें :  चतुर्वेदी
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गुना, 16 जून (हि.स.) । जेल में निरूद्ध बंदी अपने द्वारा किए गए अपराध के संबंध में आत्मावलोकन करें एवं जो गलती हुई है, आगे उसकी पुनरावृत्ति न हो, इसका प्रयास करें। जीवन में नशामुक्ति का संकल्प लेकर अपना भविष्य स्वस्थ एवं सुरक्षित रखने की ओर अग्रसर हों। उक्त विचार जेल में आयोजित विधिक साक्षरता शिविर में जिला न्यायाधीश संजय चतुर्वेदी द्वारा व्यक्त किए गए। उन्होंने नि:शुल्क विधिक सहायता संबंधी उपबंधों की जानकारी प्रदान की। कार्यक्रम में जिला न्यायाधीश एके मिश्र ने बंदियों से कोविड-19 की गाईड लाइन का कड़ाई से पालन करने तथा अपने परिजनों को मुलाकात के दौरान कोरोना वैक्सीन लगवाये जाने हेतु प्रेरित करने की अपील की। साथ ही उच्च न्यायालय द्वारा याचिकाओं में दिए गए अंतरिम जमानत एवं पैरॉल संबंधी निर्देशों के संबंध में विस्तार से बताया। कार्यक्रम में जिला विधिक सहायता अधिकारी दीपक शर्मा ने एचआईवी से संबंधित जानकारी के लिए जारी किए गए राष्ट्रीय हेल्पलाइन नम्बर 1097 एवं नालसा टोल फ्री नं. 15100 के संबंध में जानकारी प्रदान की। इस अवसर पर वरिष्ठ जेल उपाधीक्षक दिलीप सिंह, जेल स्टॉफ एवं बंदी उपस्थित रहे। हिन्दुस्थान समाचार / अभिषेक

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