लापरवाही: सामान्य और कोरोना मरीज का एक ही स्थान पर उपचार, तीन डॉक्टर हुए संक्रमित

लापरवाही: सामान्य और कोरोना मरीज का एक ही स्थान पर उपचार, तीन डॉक्टर हुए संक्रमित
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अशोकनगर,14 अप्रैल(हि.स.)। बढ़ते कोरोना संक्रमण के बीच यहां जिला अस्पताल में समुचित व्यवस्थायें न होने के कारण सामान्य मरीजों के साथ अस्पताल में ड्यूटी पर पदस्थ डॉक्टरों में कोरोना संक्रमण फैलने का खतरा उत्पन्न हो गया है। अस्पताल प्रबंधन की लापरवाही के चलते यहां लगातार दो डॉक्टरों के कोरोना संक्रमित होने के साथ सिविल सर्जन संदेहस्पद कोरोना संक्रमित हो चुके हैं। पर प्रशासन और अस्पताल प्रबंधन द्वारा कोरोना जैसे गंभीर मामले के चलते जिला अस्पताल में ड्यूटी पर पदस्थ डॉक्टर और आने वाले सामन्य एवं कोरोना संक्रमित मरीजों के लिए कोई कोरोना गाइड लाइन का पालन होता दिखाई नहीं दे रहा है, जिससे अस्पताल में कोरोना संक्रमितों के उपचार की बजाय अस्पताल से कोरोना संक्रमण बढऩे के खतरे दिखाई दे रहे हैं। जिला अस्पताल में पदस्थ एक डॉक्टर ने बुधवार को हिन्दुस्थान समाचार को बताया कि अस्पताल में सामान्य मरीजों और कोरोना संक्रमित मरीजों के लिए केवल एक ही ओपीडी है, एक ही ओपीडी में सामान्य मरीज और कोरोना मरीज देखे जा रहे हैं। इस कारण से सामान्य मरीजों में कोरोना संक्रमण फैलना स्वाभाविक है। इसी प्रकार अस्पताल में सामान्य मरीजों और कोरोना संक्रमितों के लिए पर्चे बनवाने के लिए अलग-अलग खिडक़ी के इंतजाम भी अस्पताल प्रबंधन द्वारा नहीं किए गए हैं एक खिडक़ी से सामान्य एवं कोरोना मरीजों के पर्चे बनाए जा रहे हैं। तीन डॉक्टर हुए कोरोना संक्रमित: अस्पताल में चल रहे लापरवाह हालातों के बीच बीते दिनों तीन डॉक्टर कोरोना संक्रमित हो चुके हैं, जिनमें सिविल सर्जन डॉ.एसएस छारी कोरोना संदेहस्पद संक्रमित पाए गए थे, मंगलवार को उनकी आरटीपीसीआर रिपोर्ट नेगेटिव आ चुकी है, वहीं सिविल सर्जन डां.छारी की पत्नि डॉ.रजनी छारी एवं डॉ.बीएल टैगोर कोरोना संक्रमित हैं। डॉक्टरों के पास न मास्क न सेनेटाइजर: जहां प्रशासन और नेता आमजन को मास्क लगाने और सेनेटाइजर का उपयोग करने का ढिंढोरा पीट रहे हैं वहीं जिला अस्पताल में ड्यूटी पर पदस्थ डॉक्टरों को मास्क, गिलोब्ज और सेनेटाइजर तक उपलब्ध नहीं हो रहे हैं। बीते दिन जिला अस्पताल में पदस्थ डॉक्टरों की बैठक में उन्हें मास्क, गिलोब्ज और सेनेटाइजर तक उपलब्ध न होने की बात सामने आई थी। बताया गया कि इसी प्रकार जिला अस्पताल में डॉक्टरों के लिए हाथ धोने के लिए वासवेसन की व्यवस्था भी नहीं है। रात्रि में नहीं अस्पताल में सुरक्षा व्यवस्था: बढ़ते कोरोना संक्रमित मरीजों के अस्पताल में पहुंचने के बावजूद भी रात्रि में अस्पताल में सुरक्षा के पुख्ता प्रबंध भी नहीं है, जिससे यदाकदा मरीजों के अटेंडरों द्वारा डॉक्टरों के बीच विवाद की स्थिति पैदा होती है। अस्पताल में पदस्थ डॉक्टरों के द्वारा सुरक्षा की दृष्टि से पुलिस गार्ड इंतजाम किए जाने की मांग भी की गई है। हिन्दुस्थान समाचार/ देवेन्द्र ताम्रकार