आदिवासी परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़, आयोग ने लिया संज्ञान

आदिवासी परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़, आयोग ने लिया संज्ञान
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भोपाल, 08 जून (हि.स.)। मध्यप्रदेश मानव अधिकार आयोग ने सीधी जिले के एक आदिवासी परिवार पर मुसीबतों का पहाड़ टूटने और परिवार में सिर्फ भाई-बहन के जीवित बचने पर संज्ञान लिया है। मामले में आयोग ने कमिश्नर, रीवा एवं कलेक्टर सीधी से जांच कर की गई कार्यवाही का 15 दिवस में तथ्यात्मक प्रतिवेदन मांगा है। आयोग द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार सीधी जिले के नगर क्षेत्र मंझोली के वार्ड क्र0 12 में एक आदिवासी गरीब परिवार पर बीते दो माह में दुखों का पहाड टूट पड़ा है। बीते दो माह में इस परिवार के तीन वरिष्ठ सदस्यों की मृत्यु हो चुकी है। अब परिवार में एक 20 वर्षीय बेटी सीमा कोल और उसका छोटा भाई ही बचे हैं। दोनों भाई-बहन के पास न तो कोई जमीन जायदाद है और न ही जीविका का और काई अन्य सहारा है। ऐसे में उनके लिये जीवन यापन करना काफी कठिन और संघर्षमय है। सीमा ने बताया कि उनकी मां के नाम पर प्रधानमंत्री आवास मंजूर किया गया था। पहली किस्त मिली जिससे आधा-अधूरा निर्माण कार्य हुआ। लेकिन कुछ पैसा माता-पिता, दादी के इलाज में खर्च हो जाने के कारण घर का निर्माण कार्य अधूरा है, जिससे आवास योजना की दूसरी किश्त मिलना भी असंभव है। हिन्दुस्थान समाचार/केशव दुबे