बालाजी अस्पताल में ताला, निजी क्लीनिकों पर कसा शिकंजा

बालाजी अस्पताल में ताला, निजी क्लीनिकों पर कसा शिकंजा
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गुना 07 मई (हि.स.) । स्वास्थ्य विभाग ने बालाजी अस्पताल का पंजीयन निरस्त किया, तो उसके 48 घंटे के बाद ताला भी डल गया। दो दिन पहले तक अस्पताल मरीजों के भर्ती होने से भरा हुआ था, लेकिन शुक्रवार को बालाजी अस्पताल में ताला लगने के बाद बाहर का परिसर भी खाली पड़ा हुआ था। उधर, कलेक्टर कुमार पुरुषोत्तम ने निजी अस्पतालों की निगरानी को लेकर टीमें गठित कर दी हैं। उनका कहना है कि निजी अस्पताल संचालकों की अंटेडरों ने शिकायत की है कि उनसे मरीजों के इलाज के दौरान चार्ज अधिक लिया जा रहा है, जिसकी जांच भी की जा रही है। उन्होंने कहा कि मरीजों से अगर इलाज को लेकर अधिक राशि ली जाएगी, तो कार्रवाई की जाएगी। बालाजी अस्पताल में जिला प्रशासन को अनियमितताएं मिली थी, उसके बाद शुक्रवार को उसमें ताला जड़ दिया गया। उधर, सीेएमएचओ डॉ. पी. बुनकर भी निजी अस्पतालों की शिकायतों की जांच करने में जुटे हैं। कलेक्टर कुमार पुरुषोत्तम ने निजी अस्पताल की निगरानी को लेकर नोडल अधिकारी नियुक्त किए हैं, तो स्वास्थ्य विभाग की टीम भी अब मॉनीटरिंग में जुटी है। जिला प्रशासन के अफसरों की मानें, तो अभी हाल में जो रेट लिस्ट निजी अस्पताल संचालकों ने दीवारों पर चस्पा की है, उससे अधिक राशि वसूली जा रही है, जिसको लेकर टीम जांच करने में जुटी है। मरीज के अंटेडरों ने भेजे कलेक्टर को डिस्चार्ज के बाद बिल: जिला प्रशासन के अफसरों का कहना है कि मरीजों के अंटेडरों ने कलेक्टर कुमार पुरुषोत्तम के वॉट्सएप पर डिस्चार्ज के बाद बिल भेजे हैं, उसके बाद कलेक्टर ने जांच टीम का गठन कर दिया है, यह टीमें बिल के अनुसार ही निजी अस्पताल संचालकों से पूछताछ करेंगी। साथ ही अगर निजी अस्पताल संचालक दोषी पाए जाते हैं, तो बालाजी अस्पताल की तर्ज पर कार्रवाई की जाएगी। प्रदेश सरकार के गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने कहा है कि निजी अस्पताल अगर मनमाने तरीके से मरीजों के अंटेडरों से पैसा वसूल करते हैं, तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। साथ ही थाने में भी मामला दर्ज होगा। बीते रोज मुख्य सचिव इकबाल सिंह वैश ने भी प्रदेश भर के कलेक्टरों को दिशा निर्देश दिए हैं कि वह रेट लिस्ट से संबंधित हर रोज अपडेट सूची भेजें। हिन्दुस्थान समाचार / अभिषेक