उन्नत बीजों के अभाव में खेतों में नहीं लगी खरीफ की नर्सरी, बुवाई में होगी परेशानी

उन्नत बीजों के अभाव में खेतों में नहीं लगी खरीफ की नर्सरी, बुवाई में होगी परेशानी
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अनूपपुर, 20 जून (हि.स.)। कृषि को लाभ धंधा बनाने और शासकीय स्तर पर वृहत स्तर पर पैदावार करने वाले किसानों को अनुदान के साथ उन्नत बीज उपलब्ध कराने की शासन की योजना इस वर्ष किसानों के लिए परेशानी का सबब बन गई है। मानसून के समय पर आगमन के साथ लगातार हो रही बारिश के बीच तैयार किये गए खेतों के लिए किसानों को बीज नहीं मिल रहे हैं। बताया जाता है कि खरीफ की बुवाई में उन्नत किस्म के बीजों की किट के लिए विभाग द्वारा भौतिक लक्ष्य तैयार किया गया है, लेकिन वितरण के लिए कोई लक्ष्य निर्धारित नहीं किया गया है। विभाग द्वारा मांगी गई उन्नत किस्म के बीज किट की डिमांड में अधिकृत संस्थाओं ने अपने पास भी बीजों की कमी की बात कहते हुए हाथ खड़े कर दिए हैं। जिसके कारण तैयार खेतों में छिडक़ाव कर बुआई या नर्सरी नहीं लगाई जा सकी है। उन्नत किस्म के बीज विभागीय स्तर पर उपलब्ध नहीं होने से किसान विभाग और बाजार का चक्कर लगाकर परेशान हैं। कृषक छत्रशाल राठौर का कहना है कि अगर समय पर विभाग द्वारा उन्नत किस्म बीज ग्रामीण विस्तार केन्द्र पर उपलब्ध नहीं कराए गए तो किसान बढिय़ा वेरायटी की फसल की पैदावार नहीं कर सकेंगे। वहीं विभागीय अधिकृत संस्थाओं के पास भी बीज की उपलब्धता नहीं होने से विभागीय अधिकारी परेशान है। कृषि विभाग का कहना है कि जब संस्थाओं के पास ही उन्नत किस्म के बीज उपलब्ध नहीं है तो वे अन्य से क्रय नहीं कर सकते हैं। अधिकारियों ने आगामी 4-5 दिनों में संस्थाओं द्वारा बीज उपलब्ध कराए जाने के आश्वासन दिए गए हैं। विभागीय जानकारी के अनुसार मानसून के सीजन और खरीफ की बुवाई में 15 जून को पहली खेफ के रूप में पुष्पराजगढ़ के किसानों की मांग पर लगभग 100-150 क्विंटल बीज की उपलब्धता कराई गई थी। लेकिन इसके बाद अब तक अन्य विकासखंडों में कोई भी बीज उपलब्ध नहीं कराया गया है। विदित हो कि जिले में 1 लाख 85 हजार 236 हेक्टेयर रकबा खेती योग्य है। जिसमें 1 लाख 10 हजार 811 से अधिक किसान खेती करते हैं। इनमें खरीफ की खेती लगभग 1 लाख 70 हजार से अधिक रकबे पर होती है। विभाग ने संस्थाओं से रखी 140 क्विंटल बीज की मांग विभागीय जानकारी के अनुसार जिले में लगभग 400 किसान से अधिक किसान उन्नत बीजों को लेकर खेती करने चयनित है। इनकी मांगों के अनुसार विभाग द्वारा शासकीय स्तर की अधिकृत बीज संघ, राष्ट्रीय बीज निगम लि., नाफेड, कभको, एनएफएल, एचआईएल सहित अन्य से लगभग 140 क्विंटल बीज किट की मांग की है। लेकिन इन संस्थाओं द्वारा बीज की अनुपलब्धता बताते हुए विभाग को उपलब्ध कराने से इंकार कर दिया है। जिले में लगभग 100 सेंटर विभाग के अनुसार भौतिक लक्ष्य यंत्र, दवाई, बीज, पौधा सरंक्षण बीज, प्रदर्शन कार्यक्रम सहित अन्य घटकों के आधार पर तैयार किया जाता है। जिसमें बीज को मानकों के अनुसार जिला स्तर पर उपलब्ध होने पर विकासखंड स्तर पर बांटा जाता है। जिसमें विकासखंड स्तर पर स्थानीय ग्रामीण विस्तार क्षेत्र केन्द्र के माध्यम से किसानों तक उपलब्ध कराते हैं। जिले में लगभग 90-100 सेंटर हैं। पूर्व में यह आंकड़ा 150 से अधिक था। निजी दुकानों की आस अधिकृत शासकीय संस्थाओं द्वारा बीज की उपलब्धता नहीं होने से किसानों के पास खेती के लिए उन्नत बीज किट की कमी है। पिपरिया के किसान पारस पटेल बताते हैं कि वर्तमान में लगातार हो रही बारिश से किसान जल्द खेती आरम्भ करने की लालसा में बीज के लिए खुले रिटेलर या निजी दुकानों से बीज खरीदने को विवश है। जिसमें किसानों को बीज के प्रति संशय से बना रहता है। कृषि उप संचालक एनडी गुप्ता ने बताया कि विभाग स्तर पर भौतिक लक्ष्य निर्धारित कर दिया है। लेकिन बीज की उपलब्धता संस्थाओं द्वारा नहीं किया गया है। 4-5 दिनों में बीज उपलब्ध हो जाएंगे। हिन्दुस्थान समाचार/ राजेश शुक्ला

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