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मध्य-प्रदेश

जनता को संक्रमण से बचाते खुद हुए संक्रमित, कोरोना से जंग जीतकर फिर संभाला सुरक्षा का जिम्मा

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गुना, 22 मई (हि.स.) । कोरोना महामारी के खिलाफ लड़ाई में पुलिसकर्मियों का जज्बा कम नहीं हुआ है। लोग घरों में सुरक्षित हैं, जबकि उनकी सुरक्षा के लिए पुलिसकर्मी बाहर ड्यूटी निभा रहे हैं। इस बीच 40 से अधिक पुलिसकर्मी कोरोना की चपेट में आए, लेकिन स्वस्थ होने के चंद घंटों बाद ही ड्यूटी पर तैनात हो गए। रक्षित निरीक्षक जिले की फोर्स को संक्रमित होने से बचाने के लिए वाहनों से थानों में काढ़ा, तो दवाओं की किट के साथ सैनिटाइजर और मास्क भेज रहे हैं, तो कोरोना से जंग जीतकर लौटे एएसपी, एसडीओपी गुना और टीआई ने फिर से आमजन की सुरक्षा का जिम्मा संभाल लिया है। अगर इरादे नेक हों और हर मुसीबत से लडऩे का जज्बा हो, तो दुनिया की कोई ताकत आपको हरा नहीं सकती है। इसी बात को साबित कर दिखाया है जिले के पुलिस अधिकारी और जवानों ने। स्वास्थ्य विभाग के सीएमएचओ, सिविल सर्जन और चिकित्सक कोरोना मरीजों की दिन-रात सेवा करके खुद संक्रमित हो गए, लेकिन आज उसी जज्बे के साथ स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी कोविड वार्ड में कोरोना संक्रमित मरीजों की जिदंगी बचाने में लगे हुए हैं। उधर, पुलिस अधीक्षक राजीवकुमार मिश्रा का कहना है कि 42 पुलिस के जवान संक्रमित हुए थे, जिनकी मदद के लिए विभाग के अधिकारी आगे आए हैं। साथ ही संक्रमित पुलिस जवानों के परिजनों को भर्ती कराने से लेकर हर जिम्मेदारी पुलिस विभाग निभा रहा है। एएसपी और थाना प्रभारी की रिपोर्ट निगेटिव आई, तो दो घंटे में पहुंचे ड्यूटी पर: अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक टीएस बघेल, एसडीओपी प्रियंका करचाम और सिटी कोतवाली टीआइ मदनमोहन मालवीय ड्यूटी करते समय कोरोना संक्रमित हो गए। इस दौरान इन लोगों ने खुद को अपने घरों में आइसोलेट कर लिया। एएसपी और सिटी कोतवाली टीआई ने बताया कि जैसे ही उनकी रिपोर्ट निगेटिव आई, तो वह दो घंटे की भीतर ही ड्यूटी पर लौट आए। साथ ही आम लोगों की सुरक्षा के लिए पहरा देना शुरू कर दिया। उनका कहना है कि लोग घरों में रहें। पुलिस के कंधों पर सुरक्षा की जिम्मेदारी है, जिसको वह पूरी तरीके से निभाएगी। पुलिस के अफसर सुबह 6 बजे से लेकर रात के 11 बजे तक जनता कफ्यू की ड्यूटी करते नजर आ रहे हैं। पुलिस फोर्स को संक्रमण से बचाते खुद को आया बुखार, लेकिन फोन से करते रहे ड्यूटी: रक्षित निरीक्षक उपेंद्र सिंह यादव का कहना है कि जिले के 1100 पुलिस फोर्स और थानों में कोविड संबंधी काढ़े के पैकेट और भोजन की व्यवस्था को लेकर पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में काम किया। इस दौरान जब उनको बुखार आया, तो उन्होंने खुद को एक कमरे में आइसोलेट करके पुलिस लाइन की व्यवस्थाएं देखी। उनका कहना है कि पुलिस अधीक्षक भी संक्रमित और बीमार जवान व अधिकारियों की चिंता करते रहे। उनकी सेहत के बारे में जानकारी ली। उधर, कैंट थाना प्रभारी अवनीत शर्मा भी पहले ड्यूटी करते समय संक्रमित हो चुके हैं, लेकिन आमजन की सुरक्षा को लेकर वह 18 घंटे की ड्यूटी करते नजर आ रहे हैं। सीएमएचओ और सिविल सर्जन कोरोना से जीते जंग, कोविड वार्ड में मरीजों की कर रहे देखभाल: सीएमएचओ डॉ. पी. बुनकर कोरोना संक्रमित होने के बाद ग्वालियर अस्पताल में भर्ती रहे। एक पखवाड़े के बाद स्वस्थ होने के बाद सीएमएचओ ड्यूटी पर लौट आए। उसके बाद सीधे कोविड वार्ड में पहुंचे। उधर, सिविल सर्जन डॉ. एचवी जैन की पत्नी और वह खुद कोरोना संक्रमित हो गए। लेकिन आज वह जिला अस्पताल में कोविड मरीजों को स्वस्थ करने को लेकर 15 घंटे तक ड्यूटी करते नजर आ रहे हैं। हिन्दुस्थान समाचार / अभिषेक