इंदौर: संकट गहराया, मंत्रियों-कमिश्नर के साथ बैठक बेनतीजा, रणनीति बना रहे डॉक्टर

इंदौर: संकट गहराया, मंत्रियों-कमिश्नर के साथ बैठक बेनतीजा, रणनीति बना रहे डॉक्टर
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-कलेक्टर को हटाने की मांग को लेकर हड़ताल पर अड़े डॉक्टर, स्वास्थ्य अधिकारी इंदौर, 07 मई (हि.स.)। इंदौर में कोरोना महामारी के बीच डॉक्टर्स और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी खुलकर कलेक्टर के विरोध में खड़े हो गए हैं। कलेक्टर मनीष सिंह के खिलाफ अब पूरे स्वास्थ्य विभाग ने मोर्चा खोल दिया है। शुक्रवार सुबह डॉक्टर्स को समझाने और उनसे बातचीत के लिए रेसीडेंसी कोठी में बुलाई गई बैठक दो घंटे तक चली, लेकिन इसमें भी कोई हल नहीं निकला। इसके बाद अब इस मामले में आगे की रणनीति को लेकर डॉक्टर्स की बैठक चल रही है। वरिष्ठ डॉक्टर पूर्णिमा गडरिया और एक अन्य डॉक्टर के इस्तीफे से शुरू हुआ विवाद गहराता जा रहा है। कलेक्टर मनीष सिंह को हटाने की मांग को लेकर गुरुवार शाम को स्वास्थ्य अधिकारियों ने संभागायुक्त को ज्ञापन देकर शुक्रवार सुबह से सामूहिक हड़ताल पर जाने की बात कही थी। कलेक्टर को हटाने के लिए लामबंद डॉक्टरों को समझाने के लिए रेसीडेंसी में शुक्रवार सुबह 2 घंटे चली बैठक भी बेनतीजा रही। बैठक में प्रभारी मंत्री तुलसी सिलावट, मंत्री ऊषा ठाकुर, सांसद शंकर लालवानी, संभागायुक्त डॉ. पवन कुमार शर्मा, स्वास्थ्य अधिकारी और डॉक्टर मौजूद रहे। जब बात नहीं बनी तो मंत्री और अफसर उठकर चले गए। इसके बाद रेसीडेंसी कोठी में ही स्वास्थ्य विभाग के सभी अधिकारियों की बैठक चल रही है। इसमें यह निर्णय लिया जाएगा कि आगे की रणनीति क्या होना है। इस पूरे घटनाक्रम पर प्रभारी मंत्री तुलसी सिलावट का कहना था कि डॉक्टरों के सम्मान की पूरी जिम्मेदारी है मेरी है। मेरा लगातार उनसे संवाद जारी है और अति शीघ्र हल निकाल लिया जाएगा। ईश्वर के बाद डॉक्टर का सम्मान है और यह वक्त सेवा का है। इस पूरे मामले में स्वास्थ्य अधिकारियों से जब चर्चा की गई तो उनका कहना था कि वह रणनीति तैयार कर रहे हैं । हिन्दुस्थान समाचार/केशव दुबे