मानव अधिकार आयोग ने मांगी कलेक्टर और सीएमएचओ से रिपोर्ट

मानव अधिकार आयोग ने मांगी कलेक्टर और सीएमएचओ से रिपोर्ट
मानव अधिकार आयोग ने मांगी कलेक्टर और सीएमएचओ से रिपोर्ट

गुना, 25 जुलाई (हि.स.)। गुना जिला अस्पताल परिसर में एक महिला अपने ढाई साल के बच्चे के साथ 12 घंटे तक बीमार पति का इलाज कराने के लिए बैठी रही, लेकिन पैसे के अभाव में उसका पर्चा न बन पाने के कारण उसका इलाज नहीं हो पाया और उसके पति की मौत हो गई। इस मामले को जहां मुख्यमंत्री ने गंभीरता से लेकर कलेक्टर कुमार पुरुषोत्तम को हर स्तर पर कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। उधर मानव अधिकार आयोग ने इस मामले को गंभीरता से लेकर कलेक्टर गुना तथा सीएमएचओ गुना से तीन सप्ताह में सुनील धाकड़ की मौत के मामले में प्रतिवेदन मांगा है। वहीं कलेक्टर ने इस पूरे मामले की मजिस्ट्रियल जांच करके सात दिन में डिप्टी कलेक्टर सोनम जैसे रिपोर्ट मांगी है। जानकारी के अनुसार अशोकनगर निवासी सुनील धाकड़ टीबी की बीमारी से ग्रसित था, उसको इलाज के लिए उसकी पत्नी जिला अस्पताल गुना लाई थी, यहां वह पूरी रात इलाज के लिए उसे लेकर अस्पताल परिसर में बैठी रही, उसके पास पर्चा बनवाने तक के लिए पैसे नहीं थे, जिससे उसका इलाज अस्पताल के किसी डॉक्टर ने नहीं किया। सुबह फिर उसने पर्चा बनवाने का प्रयास किया तो पर्चा खिडक़ी पर बैठे युवक ने उससे कहा पर्चा बनवाने के पैसे लगेंगे। इस पर वह वापस आकर अपने बीमार पति के पास आकर बैठ गई।सुबह आठ बजे करीब उसके पति की मौत हो गई। वहां मौजूद एक युवक ने बताया कि वह महिला पर्चा बनवाने वाले काउन्टर पर गई थी पर उसका पर्चा नहीं बनाया था। मामले के तूल पकडऩे पर कलेक्टर ने इस मामले को गंभीरता से लिया और सिविल सर्जन से इस पूरे मामले की 24 घंटे में जांच रिपोर्ट मांगी। अस्पताल प्रबंधन ने जब महिला से पैसे मांगने वाले की पहचान कराई तो महिला ने काउंटर पर मौजूद युवक को पहचान लिया। कलेक्टर के आदेश पर सिविल सर्जन ने अपनी जांच रिपोर्ट कलेक्टर को दी जिसमें उन्होंने अपने स्टॉफ को क्लीनचिट दे दी। इससे संतुष्ट न होकर कलेक्टर ने इस पूरे मामले की मजिस्ट्रियल जांच के आदेश दिए हैं।जिसका अधिकारी डिप्टी कलेक्टर सोनम जैन को बनाया है। जबकि उसके पति की हालत ज्यादा खराब होने पर भी अस्पताल के स्टाफ ने अनदेखी की थी। स्मरण रहे कि कलेक्टर कुमार पुरुषोत्तम ने मुख्य मंत्री के आदेश पर मृतक सुनील धाकड़ की पत्नी आरती को कृषि उपज मंडी समिति में सुरक्षा गार्ड की नौकरी दिए जाने और उसके बच्चे को पढ़ाई का पूरा खर्चा एक एनजीओ द्वारा उठाए जाने आदि की बात कही है। हिन्दुस्थान समाचार / अभिषेक-hindusthansamachar.in

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