विभिन्न धार्मिक अनुष्ठानों के साथ मना गंगा दशहरा

   विभिन्न धार्मिक अनुष्ठानों के साथ मना गंगा दशहरा
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गुना, 20 जून (हि.स.)। अंचल में रविवार को गंगा दशहरा के अवसर पर अंतर्राष्ट्रीय पुष्टिमार्गीय वैष्णव परिषद मप्र, विराट हिन्दू उत्सव समिति, चिंतन मंच के तहत लॉकडाउन नियमों का पालन करते हुए विभिन्न धार्मिक अनुष्ठानों का आयोजन हुआ। इस मौके पर गंगा मंदिर, पुष्टिमार्गीय केंद्रों, श्री गोवर्धनाथ मंदिर सहित अंचल के विभिन्न सत्संग मंडलों में श्री गंगा दशहरा के अवसर पर सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए विशेष मनोरथ एवं यमुना महोत्सव संपन्न हुए। कार्यक्रम का शुभारंभ करते हुए पुष्टिमार्गीय केंद्रों पर परिषद के प्रांतीय प्रचार प्रमुख कैलाश मंथन ने कहा कि भागीरथ प्रयत्नों से ही कठिन से कठिन काम की सिद्धी होती है। असंभव को संभव बनाया जा सकता है। इस अवसर पर शहर एवं अंचल के प्रमुख उद्यानों एवं स्थानों पर त्रिवेणी पीपल, बरगद, नीम, अर्जुन आदि का पौधारोपण किया गया। 21 जून को भी घर-घर में योगासन के तहत सूर्य नमस्कार आदि प्रमुख व्यायाम योग करने का अनुरोध किया गया। वहीं अंचल के शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में &0 जुलाई तक 11 हजार वृक्षारोपण का लक्ष्य रखा गया है। पर्यावरण एवं गंगा महोत्सव के अवसर पर चिंतन मंच के तहत हुए चिंतन गोष्ठियों की श्रृंखला में चिंतन हाउस पर आयोजित कार्यक्रम में हिउस प्रमुख कैलाश मंथन ने कहा कि नदियों के संरक्षण के लिए भागीरथी प्रयत्न जरूरी है। मानवता एवं सृष्टि की रक्षा के लिए भागीरथ के अथक परिश्रम से गंगा धरती पर प्रकट हुई। वर्तमान में नदियों का अस्तित्व खतरे में हैं ऐसे में जल के संरक्षण के लिए जंगलों के काटने पर प्रतिबंध, वृक्षारोपण जरूरी है। देश में हजारों भागीरथों की आवश्यकता है। वर्चुअल बौद्धिक चिंतन गोष्ठी में मंथन ने केंद्र एवं प्रदेश सरकार से चिंतन ने मांग की है कि पर्यावरण के नाम पर प्रचार नहीं धरातल पर कार्य हों। हिन्दुस्थान समाचार / अभिषेक

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