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मध्य-प्रदेश

परिजन मशक्कत के बाद लाकर देते थे रेमडेसीविर इंजेक्शन, अस्पतालकर्मी ज्यादा कीमत में बेच देते थे

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उज्जैन 26 अप्रैल (हि.स.)। कोरोना पॉजीटिव मरीजों के परिजन चौबीस घंटे शहर में भटककर कीमत से अधिक दाम चुकाने के बाद रेमडेसिविर इंजेक्शन का इंतजाम अस्पतालों में भर्ती अपने परिजनों के लिए उपलब्ध कराते थे लेकिन अस्पताल का नर्सिंग स्टॉफ और कर्मचारी मरीजों को इंजेक्शन नहीं लगाकर गायब कर देते थे और बाहर दूसरे जरूरतमंदों को मनमाने दामों पर बेच देते थे। कालाबाजारी गैंग के 8 सदस्य पुलिस की हिरासत में आए हैं जिन पर रासुका लगाई गई है। पिछले दिनों रेमडेसिविर इंजेक्शन की लगातार कालाबाजारी होने की खबरें सामने आने के बाद पुलिस अधीक्षक ने शांतिदूत हेल्प लाइन नंबर जारी करते हुए बताया था कि इंजेक्शन की कालाबाजारी करने वालों के खिलाफ पुलिस सख्त कार्यवाही करेगी। हेल्प लाइन नंबर पर सूचना देने वाले का नाम गुप्त रखा जाएगा। रविवार को चिमनगंज थाना पुलिस को जानकारी मिली कि आगर रोड पर रेमडेसिविर इंजेक्शन ज्यादा दामों में बेचने का काम कुछ युवकों द्वारा किया जा रहा है। पुलिस ने युवकों की धरपकड़ के लिए ग्राहक बनकर संपर्क किया। युवकों ने एक इंजेक्शन की कीमत 65 हजार रुपए बताई। पुलिस ने सौदा तय कर लिया और इंजेक्शन खरीदने के लिए पहुंच गई। जैसे ही युवक ने पुलिस को इंजेक्शन उपलब्ध कराया उसे हिरासत में ले लिया गया। जिसके बाद पूछताछ शुरू की गई तो कडिय़ां जुड़ती चली गई। आरडी गार्डी मेडिकल कॉलेज नर्सिंग स्टॉफ के 8 युवक और देशमुख अस्पताल के 3 कर्मचारी सलाखों के पीछे पहुंच गए। पूछताछ में सामने आया कि देशमुख अस्पताल के कर्मचारियों द्वारा भर्ती मरीजों को लगाने के लिए परिजन इंजेक्शन लाकर देते थे। कर्मचारी इंजेक्शन मरीजों को नहीं लगाते थे और गायब करने के बाद बाहर दूसरे जरूरतमंद लोगों को 40 से 60 हजार रुपए कीमत में बेच देते थे। मेडिकल नर्सिंग स्टॉफ के युवक भी इसी तरह की कालाबाजारी में शामिल थे। बताया यह भी जा रहा है कि इस गिरोह ने अब तक 4 दर्जन से अधिक इंजेक्शनों की कालाबाजारी की है। इंजेक्शन की कालाबाजारी करने वालों की जानकारी जैसे ही सोशल मीडिया पर शाम को वायरल हुई कई लोगों ने इन्हें दरिंदा कहना शुरू कर दिया। जिन लोगों के मरीज देशमुख अस्पताल में भर्ती थे और उन्होंने इंजेक्शन उपलब्ध कराए थे वह अब संशय में हैं कि कहीं उनके साथ बड़ी धोखाधड़ी तो नहीं हुई है। धोखाधड़ी सहित कई धाराओं में केस चिमनगंज थाना पुलिस ने हिरासत में लिए गए अस्पताल और मेडिकल कॉलेज से जुड़े हुए 8 लोगों के खिलाफ कालाबाजारी करने के मामले में धोखाधड़ी की धारा 420, 120-बी, महामारी अधिनियम 1997 धारा 24 के साथ आयुर्वेदिक अधिनियम 5/13 मध्यप्रदेश ड्रग कंट्रोल अधिनियम 1949 और आवश्यक वस्तु अधिनियम की धारा 3/7 के साथ धारा 188 का प्रकरण दर्ज किया है। पुलिस ने प्रकरण दर्ज करने के साथ ही सभी के खिलाफ रासुका की कार्यवाही का प्रतिवेदन कलेक्टर आशीष सिंह को भी प्रेषित किया था। कलेक्टर ने सभी पर रासुका लगाए जाने के आदेश दिए हैं। पूर्व में ही कलेक्टर द्वारा कहा गया था कि कालाबाजारी करने वालों के खिलाफ सख्त कार्यवाही कर रासुका लगाई जाएगी। इन लोगों को किया गया गिरफ्तार चिमनगंज थाना पुलिस ने बताया कि कालाबाजारी करने वालों में लोकेश पिता श्यामलाल आंजना 22 वर्ष निवासी ग्राम बटवटी जिला शाजापुर हालमुकाम एलाउंस सिटी आगर रोड, प्रियेश पिता विनोद चौहान 21 वर्ष निवासी मिशन कम्पाउण्ड, भानूप्रताप पिता रघुवीरसिंह राजपूत 19 वर्ष निवासी ग्राम पांदा जिला देवास हालमुकाम एलाउंस सिटी, सरफराज पिता शाहिद शाह 22 वर्ष निवासी टोंककला जिला देवास हालमुकाम देशमुख अस्पताल, वैभव पिता विजय पांचाल 19 वर्ष निवासी महिदपुर रोड हालमुकाम एलाउंस सिटी, हरिओम पिता शांतिलाल आंजना 19 वर्ष निवासी पोलायखुर्द जिला शाजापुर हालमुकाम एलाउंस सिटी, कुलदीप पिता सुनील चौहान 22 वर्ष निवासी पिपलोदा उन्हेल हालमुकाम एलाउंस सिटी और राजेश पिता जयराम नरवरिया 25 साल निवासी हामूखेड़ी नागझिरी शामिल हैं जिनके पास से 3 रेमडेसिविर इंजेक्शन और 2 एंटीबॉयोटिक इंजेक्शन के साथ एक्टिवा वाहन जब्त किया गया है। देशमुख में 300 रुपए घंटा ऑक्सीजन देशमुख अस्पताल में कोरोना पॉजीटिव मरीजों के साथ हो रही लूट की खबरों के मामलों में सूत्रों ने बताया कि यहां मरीजों को ऑक्सीजन की जरूरत पडऩे पर 300 रुपए प्रतिघंटे के हिसाब से पैसे वसूले जा रहे हैं। वहीं पलंग चार्ज भी 15 हजार रुपए प्रतिदिन के हिसाब से लिया जा रहा है। एंटीबॉयोटिक इंजेक्शन जिसकी कीमत 13 हजार के लगभग है उसके 30 हजार रुपए वसूले जा रहे हैं। इंजेक्शन की कालाबाजारी करने वाले जैसे ही पुलिस गिरफ्त में आए कई मरीजों के परिजनों ने देशमुख अस्पताल में हंगामा भी किया और अपने मरीजों को उपलब्ध कराए रेमडेसिविर इंजेक्शन का हिसाब भी अस्पताल प्रबंधन से मांगा। हिंदुस्थान समाचार/गजेंद्र सिंह तोमर