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मध्य-प्रदेश

जनजातीय लोकनृत्य कलाकारों को करें प्रोत्साहितः स्वामी हरिहरानंद जी

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अनूपपुर, 21 फरवरी (हि.स.)। मां नर्मदा का जन्मोत्सव यहाँ के स्थानीय जनजातीय लोक कलाकारों के प्रदर्शन के बिना अधूरा है। जिला प्रशासन एवं श्री नर्मदे हर सेवा न्यास के माध्यम से जन्मोत्सवके अंतिम दिवस बीती रात जनजातीय लोक नृत्य प्रतियोगिता का आयोजन करके संस्कृति - कला संरक्षण का सराहनीय प्रयास किया गया है। मां नर्मदा की उद्गम नगरी अमरकंटक में नर्मदा जन्मोत्सव के अंतिम दिवस शनिवार की रात मन्दिर प्रांगण में जिला प्रशासन द्वारा आयोजित जनजातीय लोकनृत्य प्रतियोगिता के मुख्य अतिथि महामंडलेश्वर स्वामी हरिहरानंदजी महाराज ने कहा कि जनजातीय कलाकारों के पसीने के आगे कोरोना जैसा खतरनाक वायरस भी भाग जाएगा। छोटी उम्र की जनजातीय कलाकारों का प्रदर्शन अप्रतिम है। समय समय पर ऐसा आयोजन होते रहना चाहिए। जनजातीय लोक कला संरक्षण की जरुरत है। सभी लोक नृत्य प्रतिभागियों का प्रदर्शन उत्कृष्ट रहा है। इन्हे प्रोत्साहन के लिये पुरस्कृत करना भी जरुरी है। इस दौरान जिला संघ चालक सुरेन्द्र भदौरिया, जिला प्रचारक वीरेन्द्र, पूर्व विधायक रामलाल रौतेल, सुदामा सिंह, दिलीप जायसवाल, स्वामी मिलिंद महाराज, एसडीएम अभिषेक चौधरी, भारत विकास परिषद के पूर्व अध्यक्ष मनोज द्विवेदी, योगेन्द्र भैय्यन चतुर्वेदी, शिव चौधरी, कैलाश विश्नानी, योगेश शर्मा, रज्जू सिंह नेताम, राहुल पाण्डेय, अजय शुक्ला, रामगोपाल द्विवेदी, सत्यनारायण सोनी, अंजना कटारे, रीना रौतेल, इंद्राणी सिंह, बबिता सिंह, वंदना मिश्रा, उमेश पाण्डेय के सहित अन्य की उपस्थिति में बीजापुरी, पिपरहा, भमरहा का गुदुम नृत्य दल, मेढ़ाखार, उफरीकला, नवाटोला परसवार, पौनी, टिकई टोला परसवाह का शैलानृत्य दल एवं बीजापुरी के कर्मा नृत्य विधा के कलाकारों ने मनभावन प्रदर्शन किया। पिपरहा भमरहा के गुदुम दल एवं पौनी के शैला नृत्य कलाकारों ने संयुक्त रुप से प्रथम स्थान, टिकई टोला के शैला नृत्य को द्वितीय एवं बीजापुरी के गुदुम नृत्य ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। सभी प्रतिभागियों को समान रुप से पुरस्कृत किया गया। हिन्दुस्थान समाचार/ राजेश शुक्ला

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