Due to innovations in NRC, Barwani district for the third consecutive month ranks first in the state
Due to innovations in NRC, Barwani district for the third consecutive month ranks first in the state
मध्य-प्रदेश

एनआरसी में हुए नवाचारों से बड़वानी जिला लगातार प्रदेश में तीसरे माह प्रथम रैंक पर

news

बड़वानी, 09 जनवरी (हि.स.)। जिला चिकित्सालय सहित जिले के 6 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में स्थापित पोषण पुनर्वास केंद्र (बाल शक्ति केंद्र) में अति गंभीर कुपोषित बच्चों को भर्ती कर उन्हें सबल, पोषित बनाने में बड़वानी जिला अक्टूबर, नवंबर एवं लगातार तीसरे माह दिसंबर की ग्रेडिंग में प्रदेश में सर्वोच्च स्थान पर आया है। यह उपलब्धि जिले के कलेक्टर शिवराज सिंह वर्मा के एनआरसी केंद्रों में नवाचार के तहत खोले गए खिलौना बैंक, बाल आकर्षित वाल पैटिंग्स, सतत एवं सख्त मॉनिटरिंग, ठंड से बचाव के लिये बच्चों को स्वेटर्स, जैकेट वितरण आदि उपायों से मिली है। महिला एवं बाल विकास विभाग के जिला कार्यक्रम अधिकारी सुनील सोलंकी ने शनिवार को जानकारी देते हुए बताया कि जिले के 6 एनआरसी केंद्रों में 70 बेड की उपलब्धता है। कोरोनकाल में लगभग शून्य भर्ती के बाद शासन की इस महत्वपूर्ण संस्था को जिले में एक अभियान चलाकर बच्चों के पोषण स्तर का मूल्यांकन कर इन बेडो पर अति कम वजन के बच्चे भर्ती करते रहे एवं उन्हें सबल बनाने का प्रयास सफलतापूर्वक किया जा सके, इसके लिए कलेक्टर ने अधिकारियों, दानदाताओं एवं सामाजिक क्षेत्र में योगदान देने वाले प्रतिनिधियों से सहयोग की अपील की। साथ ही जनसहयोग से इन केंद्रों में एक-एक खिलौना बैंक की स्थापना करवाई गई। ठंड के दिनों में नववर्ष के प्रथम दिन एनआरसी में भर्ती बच्चों को मिठाई खिलाकर, स्वेटर वितरण भी किया गया। इन सकारात्मक उपायों से एनआरसी केंद्र में भर्ती कुपोषित बच्चा, इन खिलौनों से खेल कर अपना इलाज सफलतापूर्वक 14 दिन तक करवा सके। महिला एवं बाल विकास विभाग के सहायक संचालक अजय गुप्ता ने बताया कि कलेक्टर के नवाचारों से बड़वानी जिला प्रदेश में जारी रैंकिंग में लगातार तीन माह अक्टूबर, नवंबर एवं दिसंबर में भी 169.29 बेड ऑक्यूपेसी के साथ प्रदेश में प्रथम स्थान पर आया है। जो आकांक्षी जिले में सम्मिलित बड़वानी जिले के लिए गौरवशाली उपलब्धि है। कलेक्टर वर्मा ने जिले को प्राप्त इस गौरवशाली उपलब्धि का श्रेय स्वास्थ्य एवं महिला बाल विकास विभाग के मैदानी अमले, पदाधिकारियों, एनआरसी केंद्र के कार्यरत कर्मियों को दी है। उन्होंने आव्हान किया है कि हम इस स्थिति को बनाए रखें, क्योंकि कुपोषण से जंग में पोषण पुनर्वास केंद्र शासन की एक महत्वपूर्ण संस्था हैं, इसकी क्षमता का शत-प्रतिशत उपयोग करने का अपना प्रयास सतत जारी रखना होगा। हिन्दुस्थान समाचार / उमेद-hindusthansamachar.in