कोविड-19 मुक्त अभियान में आज से प्रारंभ हुआ डोर टू डोर सर्वे, वैक्सीनेशन की भ्रांतियां की जाएंगी दूर

कोविड-19 मुक्त अभियान में आज से प्रारंभ हुआ डोर टू डोर सर्वे,  वैक्सीनेशन की भ्रांतियां की जाएंगी दूर
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उज्जैन, 26 अप्रैल (हि.स.)। उज्जैन जिले में नवाचार करते हुए आज से जिले के सभी नगरीय एवं ग्रामीण क्षेत्रों में कोरोना मुक्त उज्जैन अभियान प्रारंभ किया गया। इस अभियान के तहत जिले में सर्वेक्षण दल गठित किए गए हैं जिनमें आंगनबाड़ी कार्यकर्ता ,शिक्षक, पंचायत सचिव एवं अन्य अधिकारियों को लगाया गया है । सर्वे टीम के लोग उन्हें आवंटित किए गए घरों में जाकर लोगों से बात करेंगे तथा सर्दी बुखार एवं खांसी से पीड़ित मरीजों को सूचीबद्ध करेंगे। सर्वे के आधार पर सभी सदी-बुखार से पीड़ित मरीजों के घर डॉक्टर्स की टीम जाकर परीक्षण करेगी व उन्हें घर पर ही दवाएं देगी । सर्वे के लिए गठित किए गए दलों का प्रशिक्षण आज उज्जैन शहर में एवं जिले के अन्य स्थानों पर प्रारंभ किया गया। उज्जैन शहर में विभिन्न वार्डों में प्रशिक्षण दिया गया जीवाजीगंज हाई सेकेंडरी स्कूल में आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रम में कलेक्टर से आशीष सिंह भी शामिल हुए। उन्होंने यहां पर सर्वे दल के सदस्यों से कहा कि उनका कार्य अत्यधिक महत्वपूर्ण है यदि वे बिना लापरवाही के इस कार्य को करेंगे तो चिन्हित किए गए मरीजों को घर पर ही दवा लेकर ठीक किया जा सकेगा। इससे मरीज की हालत भी नहीं बिगड़ेगी और चिकित्सालय में बिस्तर भी गंभीर बीमारों को उपलब्ध हो पाएंगे । कलेक्टर ने सर्वे दल के सदस्यों को कहा है कि वे ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्र में वैक्सीनेशन के प्रति फैली भ्रांतियों को भी दूर करें । उन्होंने कहा कि वैक्सीनेशन से किसी को नुकसान नहीं है फायदा ही फायदा है । वैक्सीन लगवाने के बाद यदि कोरोना हो भी जाता है तो उसका असर अत्यधिक कम रहता है ,आदमी की जान बच जाती है। इसलिए सभी पात्र लोग आगे आकर वैक्सीन लगवाए । प्रशिक्षण कार्यक्रम में अपर कलेक्टर एवं स्मार्ट सिटी के मुख्य कार्यपालन अधिकारी जितेंद्र सिंह चौहान भी शामिल हुए। उन्होंने भी शास्त्री नगर मैदान एवं उत्कृष्ट हाई सेकेंडरी स्कूल में आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रम में संबोधित किया तथा सभी सर्वे करने वाले कर्मचारियों को कहा कि वह बहुत ही महत्वपूर्ण कार्य कर रहे हैं। उनके इस कार्य से कई लोगों की जान बचाई जा सकेगी । उज्जैन जिले के सभी नगरीय एवम ग्रामीण क्षेत्रों में 26 अप्रैल से कोरोना मुक्त उज्जैन अभियान प्रारम्भ किया गया । इस अभियान के तहत उज्जैन शहर में गठित 400 से अधिक सर्वे टीम घर घर जाकर सर्दी खांसी एवं बुखार के मरीजों की पहचान करेगी। चिन्हित मरीजों का चिकित्सक से परीक्षण करवाकर उन्हें दवाई की किट उपलब्ध करवाई जाएगी। इसी तरह जिले के अन्य एस डी एम ने भी अपने अपने कार्य क्षेत्र में शहरी व ग्रामीण क्षेत्र में कोरोना मुक्त अभियान के लिए सर्वे टीम गठित कर दी है। इस अभियान में शिक्षकों , आंगनवाड़ी कार्यकर्ता एवं महिला एवं बाल विकास विभाग के अमले को लगाया गया है। नगरीय क्षेत्र में प्रत्येक 250 घरों पर चिकित्सक की एक टीम तैनात की गई है, जो चिन्हित किए गए घरों में जाकर सर्दी खासी बुखार के मरीजों का परीक्षण करेगी एवं उन्हें घर पर ही आवश्यक दवाइयां उपलब्ध कराएगी । आवश्यकता होने पर संबंधित मरीज की कोरोना की जांच करवाने का निर्णय भी उक्त चिकित्सकोद्वारा लिया जाएगा । कोरोना मुक्त उज्जैन अभियान का उद्देश्य कोरोना के लक्षण वाले मरीजों की पहचान कर प्रारंभिक अवस्था से ही उनका उपचार करने का है जिससे समय पर उपचार कर रोग को गंभीर होने से रोका जा सके ।अभियान का फोकस सर्दी जुकाम बुखार के मरीजों के उपचार पर अधिक रहेगा । कलेक्टर ने सभी सर्वे टीम को पर्याप्त रूप से थर्मल गन , मास्क एवं सैनिटाइजर उपलब्ध करवाने के निर्देश दिए हैं। साथ ही डॉक्टर्स की टीम के पास पर्याप्त मात्रा में दवाई भी उपलब्ध कराने के निर्देश सीएमएचओ को कहा है । हिंदुस्थान समाचार/गजेंद्र सिंह तोमर