dairy-should-be-opened-from-7-am-50-50-should-be-allowed-in-marriage-garden-congress-suggested
dairy-should-be-opened-from-7-am-50-50-should-be-allowed-in-marriage-garden-congress-suggested
मध्य-प्रदेश

डेयरी सुबह 7 से खोली जाए, मैरिज गार्डन में 50-50 की अनुमति हो, कांग्रेस ने दिये सुझाव

news

गुना, 16 जून (हि.स.) । जिले में बुधवार से अनलॉक का दायरा बढ़ चुका है। अब रोजाना सभी व्यवसायिक प्रतिष्ठान खुल सकेंगे। हालांकि कलेक्टर फ्रेंक नोबल ए द्वारा जारी आदेश में अनलॉक में भी कई पाबंदियां रखी गई हैं। यानी बाजार 8 बजे तक खुलेगा और रात 10 बजे से 6 सुबह बजे तक कर्फ्यू लागू रहेगा। बाजार खुलने की व्यवस्था को लेकर जिला कांग्रेस ने लोगों की सुविधा के मद्देनजर कई सुझाव जिला कलेक्टर और एसपी को दिए हैं। कांग्रेस जिला अध्यक्ष हरिशंकर विजयवर्गीय ने कहा है कि यदि उनके सुझाव लागू करते हुए कोरोना नियमों का पालन भी सख्ती से कराए जाए तो बेहतर होगा।कांग्रेस जिलाध्यक्ष हरिशंकर विजयवर्गीय ने कलेक्टर फ्रैंक नोबल ए और पुलिस अधीक्षक राजीव कुमार मिश्रा को सुझाव दिया है कि फिलहाल लोगों को अनलॉक में राहत तो मिली है, लेकिन यह पर्याप्त नहीं है। जैसे शादी-विवाह में इस समय 20-20 लोगों के शामिल होने की अनुमति मिली है। ऐसे में यदि मैरिज गार्ड को भी खोलने की इजाजत दे दी जाए तो एक वर्ग की रोजी-रोटी बहाल हो सकती है। हालांकि मैरिज गार्डनों में भी मेहमानों की संख्या का दायरा सीमित कर दिया जाए। यानि असीमित लोगों की बजाए सिर्फ 50-50 लोगों को ही अनुमति मिले। इस तरह मैरिज गार्डन में एक समय में 100 लोग उपस्थित हों, तो भी सामाजिक दूरी बनाई जा सकती है। क्योंकि मैरिज गार्डन अपेक्षाकृत इतने बड़े परिसर में होते हैं कि 100 लोगों के मौजूद रहने से कोरोना प्रोटोकॉल नहीं टूटेगा। कांग्रेस ने यह भी सुझाव दिया है कि शहर के अंदर दूध डेयरी, किराना और रेस्टोरेंट सुबह 7 बजे से रात्रि 10 बजे तक खोलने की अनुमति मिलना चाहिए। फिलहाल इन सभी के समय को अलग-अलग तरह से विभाजित किया गया है। जबकि यह सभी एक-दूसरे से जुड़े हुए हैं। किराना, दूध और रेस्टोरेंट सभी समान रूप से चलने चाहिए। अलग-अलग समय होने से लोगों को परेशानी होती है। हालांकि कलेक्टर से कांग्रेस ने अपील की है कि शहर के अंदर कोरोना गाइडलाइन का पालन सुनिश्चित कराया जाए। इस काम में जिला कांग्रेस कमेटी के सदस्य भी प्रशासन का पूरा सहयोग करेंगे। कोरोना गाइडलाइन के फेर में लोगों को असुविधा नहीं होना चाहिए। वहीं महामारी को भी हम दोबारा हावी नहीं होना देना चाहते हैं। इसलिए जिला प्रशासन सुझाव पर विचार करे और लोगों की सुविधा व महामारी दोनों को ध्यान में रखकर निर्णय ले तो बेहतर होगा। हिन्दुस्थान समाचार / अभिषेक