कोरोना कर्फ्यू लगने से बाजारों में मची अफरा-तफरी

 कोरोना कर्फ्यू लगने से बाजारों में मची अफरा-तफरी
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ग्वालियर, 14 अप्रैल (हि.स.)। प्रशासन द्वारा गुरुवार 15 अप्रैल से सात दिन का कोरोना कर्फ्यू लगाए जाने की घोषणा से बुधवार 14 अप्रैल को शहर के बाजारों में खरीदारों की जबरदस्त भीड़ उमड़ पड़ी और अफरा-तफरी का माहौल पैदा हो गया। कोरोना कर्फ्यू और अधिक न बढ़ जाए इसको ध्यान में रखते हुए लोगों ने आवश्यकता से अधिक सामान खरीदा। खाद्य पदार्थों की कमी और मुनाफावसूली के चलते कई दुकानदारों ने भी वस्तुओं के दाम बढ़ाकर बेचे। खरीदारी के बीच संपूर्ण शहर में जगह-जगह जाम की स्थिति बनती रही और लोग परेशान होते रहे। खरीदारी के इस माहौल में सहालगियों की भीड़ सबसे अधिक रही क्योंकि 22 अप्रैल से विवाह का सीजन शुरू होने जा रहा है और 25 अप्रैल को सबसे बड़ा विवाह मुहुर्त है। कोरोना कर्फ्यू के कारण मंगलवार से ही बाजारों में खरीदारों की भीड़ उमडने लगी थी जिसने बुधवार को सुबह से विकराल रूप धारण कर लिया। शहर की हर छोटी-बड़ी सभी दुकानों पर खरीदारों की जबरदस्त भीड़ देखने को मिली। शहर को खाद्य पदार्थों की आपूर्ति करने वाला दाल बाजार भीड़ से ठसाठस रहा। हालत यह हो गई की प्रशासन को दाल बाजार में हस्तक्षेप करते हुए उसे वन वे मार्ग बनाकर कार जैसे वाहन का प्रवेश बंद करना पड़ा। प्रशासन ने लोगों को इंदरगंज से प्रवेश कराकर नयाबाजार से बाहार निकाला, तब जाकर स्थिति में मामूली सुधार हुआ। महंगे दामों पर बिका सामान: शहरवासियों और सहालगियों द्वारा आवश्यकता से अधिक माल खरीदने पर दुकानदारों के पास माल की किल्लत हो गई। कुछ दुकानदारों ने मुनाफावसूली भी की। इस कारण खाद्य पदार्थों के दाम अधिक बढ़ गए और लोगों को मजबूरन महंगे दामों पर सामान खरीदना पड़ा। दाल बाजार व्यापार समिति के सचिव मनीष बांदिल ने बताया कि जिस व्यक्ति को 10 किलो आटे की जरूरत है वह 50 किलो आटा खरीद रहा है। यही हाल शक्कर, दाल, तेल व अन्य खाद्य पदार्थों का रहा है। हर खाद्य पदार्थ की अधिक से अधिक खरीदारी की गई है। श्री बांदिल ने बताया कि कई बार माल की कमी होने के कारण इनके दाम बढ़ा दिए जाते हैं। उन्होंने बताया कि दाल बाजार में प्रतिदिन लगभग 2 से 2.5 करोड़ रुपए का कारोबार होता है लेकिन बुधवार को 6 से 7 करोड़ रुपए का कारोबार हुआ है। इन बाजारों में हुआ जबरदस्त कारोबार: अफरा-तफरी के इस माहौल में नया बाजार से किराना, अनाज और कपड़ा की अच्छी खरीदारी हुई। दौलतगंज, नजरबाग मार्केट, सुभाष मार्केट, माधौगंज, गांधी मार्केट, मोर बाजार, टोपी बाजार एवं सराफा बाजार में भी आमजन व सहालगियों ने जरूरत के अनुसार अच्छी खरीदारी की। सहालग के कारण जेवर, कपड़ा, कॉस्मेटिक, होजरी का कपड़ा, फुटवेयर, पूजा का सामान, सूखे मेवे, विवाह के उपयोग में आने वाला सामान आदि जमकर बिका। होजरी की दुकानों की हालत तो यह थी कि इन पर कदम रखने तक की जगह नहीं थी। शहरवासियों ने दुकानों के बाहर लाइन में लगकर सामान खरीदा। जाम से बिगड़ी शहर की व्यवस्था: शहर में एकदम भीड़ उमडऩे के कारण सुबह 11 बजे के बाद से जाम लगना शुरू हो गए। लोगों को अपने गंतव्य तक पहुँचने के लिए काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। इस बीच यातायात प्रशासन भी शहर की व्यवस्था संभालता रहा। शहर में सबसे अधिक जाम लोहिया बाजार, दौलतगंज, महाराज बाड़ा, सराफा बाजार, माधौगंज, नई सड़क, हनुमान चौराहा, मुरार एवं उपनगर ग्वालियर में अधिक रहा। 22 अप्रैल से शुरू हो रहा है सहालग: सहालगी सीजन 22 अप्रैल से शुरू हो रहा है। वहीं 22 अप्रैल की सुबह 6 बजे तक शहर में कोरोना कफ्र्यू है जिसने सहालगियों की चिंता बढ़ा दी है कि वह विवाह संबंधी कार्य कैसे करेंगे। कई सहालगियों ने बुक हुए मैरिज गार्डनों, धर्मशाला व सामुदायिक भवनों की बुकिंग को भी निरस्त करना शुरू कर दिया है। मेहमानों को भी सीमित संख्या में बुलाया जा रहा है। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार 24, 25, 26, 27, 28, 29 एवं 30 अप्रैल को भी विवाह के मुहुर्त हैं। सह सहालगी भी परेशान होते हुए दिखाई दे रहे हैं। हिन्दुस्थान समाचार/ शरद