कोरोना मरीजों के इलाज की दर निर्धारित, निजी अस्पताल वसूल रहे दो गुना राशि

कोरोना मरीजों के इलाज की दर निर्धारित, निजी अस्पताल वसूल रहे दो गुना राशि
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गुना, 28 अप्रैल (हि.स.) । जिले में कोरोना संक्रमित मरीजों का ग्राफ तेजी से बढ़ रहा है। मरीजों को भर्ती कर इलाज के लिए स्वास्थ्य विभाग ने निजी अस्पतालों को अनुमति दी है। उधर, कलेक्टर ने निजी अस्पताल संचालकों को निर्देश दिए थे कि वह इलाज के दौरान चार्ज लिस्ट दीवार पर प्रदर्शित करें, लेकिन हालात यह हैं कि निजी अस्पताल संचालक हर रोज एक पलंग का पांच से छह हजार रुपये वसूल रहे हैं, तो मरीजों को एक घंटे ऑक्सीजन देने पर दो रुपये का चार्ज लगा रहे हैं। उल्लेखनीय है कि कलेक्टर कुमार पुरुषोत्तम ने 15 दिन पहले निजी अस्पताल संचालकों की बैठक लेकर निर्देश दिए थे कि वह कोविड वार्ड बनाकर कोरोना संक्रमित मरीजों का इलाज करें। मरीजों के इलाज को लेकर चार्ज तय किए जाकर चार्ज लिस्ट दीवार पर प्रदर्शित की जाए, लेकिन कलेक्टर के इस आदेश को निजी अस्पताल संचालकों ने नहीं माना । आज तक चार्ज लिस्ट प्रदर्शित नहीं की गई है। मरीजों के अंटेडरों ने इसकी शिकायत जिला प्रशासन से की है। साथ ही शिकायती आवेदन भी एसडीएम कार्यालय के बॉक्स में डाले हैं, लेकिन अभी तक निजी अस्पताल संचालकों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हुई है। दवाएं हर रोज देते हैं 8 हजार की: स्वास्थ्य विभाग के अफसरों की मानें, तो निजी अस्पतालों में भर्ती मरीजों ने शिकायती आवेदन देकर कहा है कि एक दिन का पलंग का चार्ज पांच से छह हजार रुपये संचालक ले रहे हैं। वहीं निजी अस्पताल संचालक एक ऑक्सीजन का सिलेंडर कम दर में खरीदते हैं, लेकिन वह तिगुनी से अधिक राशि मरीजों के अंटेडरों से वसूल रहे हैं। वहीं अब दवाओं और सीटी स्कैन सहित अन्य चार्ज की जानकारी गुरुवार को जिला प्रशासन के अधिकारी लेंगे। जिला अस्पताल के पलंग फुल, नए मरीज की भर्ती पर रोक जिला अस्पताल में कोविड वार्ड के पलंग फुल हैं, तो मेडिकल वार्ड में 100 पलंग हैं और भर्ती करीब 300 मरीज हैं, जिसकी वजह से नए मरीजों की भर्ती नहीं की जा रही है। जिला अस्पताल प्रशासन ने प्रवेश द्वारा पर एक पत्र चस्पा कर नए मरीजों के भर्ती पर रोक लगा दी है, जिसकी वजह से कोविड मरीज और अन्य बीमारी से पीडि़त मरीजों को मजबूरी में निजी अस्पतालों में भर्ती होना पड़ रहा है। निजी अस्पतालों ने इलाज को लेकर चार्ज प्रदर्शित नहीं किए हैं, तो उनके खिलाफ सख्ती से कार्रवाई की जाएगी। निजी अस्पतालों की मॉनीटरिंग करने को लेकर टीम का गठन किया गया है। - विवेक रघुवंशी, एडीएम गुना हिन्दुस्थान समाचार / अभिषेक