भोपाल में फिर 49 लोगों ने दी कोरोना को मात, सफल उपचार के बाद हुए डिस्चार्ज
भोपाल में फिर 49 लोगों ने दी कोरोना को मात, सफल उपचार के बाद हुए डिस्चार्ज
मध्य-प्रदेश

भोपाल में फिर 49 लोगों ने दी कोरोना को मात, सफल उपचार के बाद हुए डिस्चार्ज

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भोपाल, 23 जुलाई (हि.स.)। मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में जहां कोरोना के नये मामले लगातार सामने आ रहे हैं तो वहीं पुराने मरीज स्वस्थ होकर घर भी पहुंच रहे हैं। इसी क्रम में गुरुवार को यहां फिर 49 लोगों ने कोरोना को मात दी और अपने घर रवाना हुए। सफल उपचार के बाद कोरोना संक्रमण से मुक्त होने के बाद उन्हें अस्पताल से डिस्चार्ज किया गया। इस दौरान उन्होंने भोपालवासियों से कोरोना के संक्रमण के प्रति जागरूक रहने की अपील करते हुए कहा है कि कोरोना से लडऩा है, डरना नहीं है। हम सब इस संक्रमण को मिलकर हरा सकते है। मास्क लगाएं, सैनिटाइजर का उपयोग करें और सामाजिक दूरी अपनाएं। अपने साहस, हौसले और दृढ़ निश्चय के दम पर कोरोना संक्रमण को हराने वाले योद्धा गुरुवार को अपने घर रवाना हुए, उनमें पंडित खुशीलाल शासकीय आयुर्वेदिक अस्पताल से 6, शासकीय होम्योपैथिक अस्पताल से 3, शासकीय हमीदिया अस्पताल से 7 और चिरायु अस्पताल से 33 व्यक्ति डिस्चार्ज हुए। शासकीय हमीदिया अस्पताल के अधीक्षक डॉ अरुण कुमार श्रीवास्तव और चिरायु अस्पताल के डायरेक्टर डॉ अजय गोयनका ने डिस्चार्ज हुए सभी व्यक्तियों को 14 दिवस घरेलू एकांतवास में रहने की समझाइश दी। घरेलू एकांतवास के दौरान खुद को आइसोलेट रखने और अच्छे खानपान रखने की हिदायत दी गई। उन्होंने सभी डिस्चार्ज व्यक्तियों से कहा कि कोरोना के संबंध में आमजन को जागरूक करें। लोगों को स्वयं आगे आकर लक्षणों की जांच कराने के लिए प्रोत्साहित करें। जितनी अधिक जांच कराई जाएगी, उतनी जल्दी भोपाल को कोरोना संक्रमण से स्वस्थ किया का सकेगा। उन्होंने कहा कि कोरोना एक वायरस है और अन्य वायरल संक्रमण की तरह यह संक्रमण किसी को भी हो सकता है। संक्रमित व्यक्ति को बेहतर इलाज के साथ-साथ ऊंचे मनोबल और सकारात्मकता की आवश्यकता होती है। जिस तरह हम हर बीमारी में अपने घर के सदस्यों की देखभाल करते हैं, उसी तरह ऐसे संकट के समय में हमें सभी संक्रमित और संक्रमण से ठीक हुए व्यक्तियों का सहारा बनना है। उनकी हर संभव मदद करना है। यह हमारी सामाजिक और नैतिक जिम्मेदारी भी है। आज हमें जरूरत है एक दूसरे के साथ और सहयोग की। हमारा यह आत्मीय व्यवहार ही इन कोरोना योद्धाओं को अपना नवजीवन शुरू करने में एक वरदान की तरह होगा। हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश तोमर/राजू-hindusthansamachar.in