क्राइसिस मैनेजमेंट की बैठक में कांग्रेसी विधायकों की अनदेखी

क्राइसिस मैनेजमेंट की बैठक में कांग्रेसी विधायकों की अनदेखी
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उज्जैन, 29 अप्रैल (हि.स.)। कल एक बार फिर कोरोना संक्रमण को लेकर क्राइसिस मैनेजमेंट की बैठक आयोजित की गई थी जिसमें कांग्रेस के विधायकों की एक बार फिर अनदेखी की गई है। पूर्व में भी हुई बैठकों के दौरान कांग्रेसी विधायकों को नहीं बुलाए जाने पर उन्होंने आपत्ति दर्ज कराई थी बावजूद उन्हें बैठक में आमंत्रित नहीं किया गया। बैठक में भाजपा सांसद, विधायक और प्रशासन ने लॉकडाउन को 7 मई तक के लिए लागू रखने का निर्णय लिया है। जिले की 7 विधानसभा सीटों में से चार पर कांग्रेस का कब्जा है। जिनमें तराना से महेश परमार, नागदा-खाचरौद से दिलीप गुर्जर, बडऩगर से मुरली मोरवाल व घट्टिया से रामलाल मालवीय विधायक है। वर्तमान समय में कोरोना संक्रमण को देखते हुए कांग्रेस के विधायक मैदान में लोगों की समस्याओं के लिए लड़ रहे हैं। यहां तक कि कांग्रेस के शहर अध्यक्ष महेश सोनी व जिला अध्यक्ष कमल पटेल को भी बैठक में नहीं बुलाया जाता है। तराना विधायक महेश परमार दो दिन रात अपने विधानसभा क्षेत्र से लेकर उज्जैन तक अस्पतालों और कोविड सेंटर में पहुंच रहे हैं। अस्पतालों में होने वाली अव्यवस्थाओं को लेकर वह धरना प्रदर्शन भी कर चुके हैं और अपनी ओर से लगातार मदद का काम भी कर रहे है। इस समय वैश्विक महामारी की आपदा को लेकर प्रशासन द्वारा क्राइसिस मैनेजमेंट की बैठक में भी आयोजित की जा रही है जिसमें भाजपा के मंत्री सांसद और विधायकों को आमंत्रित किया जा रहा है। कांग्रेस के विधायक और शहर अध्यक्ष को बैठक में आमंत्रित नहीं किया जा रहा है जिसको लेकर कांग्रेसी विधायकों और नेताओं में नाराजगी दिखाई दे रही है। पूर्व में भी हुई क्राइसिस मैनेजमेंट की बैठक में कांग्रेसी विधायकों को नहीं बुलाए जाने पर उन्होंने आपत्ति दर्ज कराई थी। लेकिन बुधवार को एक बार फिर हुई बैठक में कांग्रेसियों को आमंत्रित नहीं किया गया और 7 मई तक लॉकडाउन बढ़ाने का फैसला ले लिया गया। हिंदुस्थान समाचार/गजेंद्र सिंह तोमर