कांग्रेस ने पूछा, सरकार बताये आदिवासी जिलों तक क्यों नहीं पहुंचे पर्याप्त इंजेक्शन

कांग्रेस ने पूछा, सरकार बताये आदिवासी जिलों तक क्यों नहीं पहुंचे पर्याप्त इंजेक्शन
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भोपाल, 07 मई (हि.स.)। प्रदेश कांग्रेस के मीडिया उपाध्यक्ष भूपेंद्र गुप्ता ने जीवन रक्षक दवाइयों के बंटवारे को अत्यंत कलंकित करने वाला बताया है। उन्होंने कहा है कि मध्य प्रदेश की ग्रामीण जनता की उपेक्षा और शहरी बड़े अस्पतालों की आपूर्ति से मध्य प्रदेश सरकार के अंदर बैठे निजी अस्पतालों के पोषक अधिकारियों की पोल खुल गई है। मध्य प्रदेश को 1 लाख 60 हजार रेमडेसीविर इंजेक्शन प्राप्त होने के बावजूद एक लाख इंजेक्शन केवल 5 बड़े शहरों को ही बांट दिए गए। कई जिलों को एक भी इंजेक्शन नहीं मिला। उन्होंने कहा कि प्रदेश के हर नागरिक की जान समान रूप से कीमती है। सरकारी अस्पतालों में भर्ती मरीजों की संख्या के अनुपात में बांटे जाने वाले इंजेक्शन अगर मात्र पांच जिलों में ही बांट दिये गए हैं तो यह शर्मनाक है। निजी अस्पतालों को दिए गए 40 प्रतिशत इंजेक्शन किन मरीजों को लगे या मुनाफाखोरी में चले गये, सरकार को जांच कर यह सार्वजनिक करना चाहिए क्योंकि मुनाफाखोरों का बड़ा रैकेट इन्हीं अस्पतालों में पैदा हुआ है। कांग्रेस नेता ने आलोचना करते हुए कहा कि शिवपुरी और सीधी को शून्य, अलीराजपुर, श्योपुर, डिंडोरी, उमरिया, अनूपपुर आदि जिलों को न्यूनतम इंजेक्शन आवंटित करने से प्रशासन में आदिवासियों के प्रति भेदभाव पूर्ण सोच दिखाई देता हैं। कांग्रेस नेता ने कहा कि ऐसा प्रतीत होता है ऐसे संकट के समय में जब दूरस्थ गांव के संसाधनहीन लोगों को सरकार की सहानुभूति की ज्यादा आवश्यकता है तब आदिवासी क्षेत्रों में पर्याप्त इंजेक्शन ना पहुंचना प्रशासन का आदिवासी समाज के प्रति गैर जिम्मेदाराना रवैया है। सरकार संबंधितों पर कार्यवाही करे। सरकार आनुपातिक अलाटमेंट कर समता के अधिकार को सुनिश्चित करे। हिन्दुस्थान समाचार/ नेहा पाण्डेय