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मध्य-प्रदेश

ग्रेसिम केमिकल डिवीजन में दुर्घटना पर प्रबंधन को थमाया शोकॉज नोटिस

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उज्ज्जैन/नागदा, 03 अप्रैल (हि.स.)। जिले के नागदा में स्थित केमिकल डिवीजन उद्योग में गत दिनों हुई एक दुर्घटना में घायल हुए श्रमिक के मामले को औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा विभाग ने गंभीरता से लिया है। विभाग ने उद्योग प्रबंधन को शोकॉज नोटिस जारी किया है। कारण बताओ सूचना में बड़ी बात यह उजागर हुई कि प्रबंधन मजदूरों की सुरक्षा के प्रति बेपरवाह है। इन सवालों के घेरे में आए प्रबंधन के बाद अब स्पष्ट हैकि श्रमिक जान जोखिम में डालकर उद्योग में कार्य कर रहे हैं। नोटिस के जवाब की प्रतीक्षा की जा रही है, उसके बाद प्रबंधन के खिलाफ कार्यवाही की जाएगी। संतोषप्रद जवाब नहीं मिलने पर विभाग सीघे सीजेएम न्यायालय उज्जैन में कारखाना अधिभोगी एवं प्रबंधन के खिलाफ प्रकरण दायर करने की तैयारी में है। उपसंचालक ने की पुष्टि औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा विभाग संभागीय उपसंचालक अरविंद कुमार शर्मा से दुर्घटना पर हुई कार्यवाही के लिए दूरभाष पर शनिवार को संपर्क किया गया तो उन्होंने हिन्दुस्थान समाचार संवाददाता नागदा से बातचीत में इसकी पुष्टि की हैकि ग्रेसिम केमिकल डिवीजन उद्योग प्रबंधन को शोकॉज नोटिस जारी किया गया है। उनका यह भी कहना हैकि जवाब का इंतजार किया जा रहा है। उसके बाद न्यायालय में कार्यवाही की जाएगी। यह था घटनाक्रम ग्रेसिम केमिकल डिवीनज में गत 26 मार्च को एक मजदूर गोवर्घन पुत्र नानुराम कार्य के दौरान न्यु कास्टिक प्लांट में गंभीर घायल हुआ था। श्रमिक एक प्लेटफार्म से सीट समेत तकरीबन 12 फीट उंचाई से नीचे गिरा था। उसके सिर में गंभीर चोट आने पर उसे बेहोशी की हालत में उसे इंदौर के निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। घायल मजदूर ठेका श्रमिक बताया जा रहा है। औद्योगिक सूत्रों के अनुसार इस मजदूर से स्थायी नेचर का कार्य लिया जा रहा था। बयान लेने में ढिलाई औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा विभाग के अधिकारी अरविंद कुमार शर्मा की मानें तो अभी तक घायल मजदूर के बयान नहीं लिए गए हैं। हालांकि घायल का ऑपरेशन हो चुका है। उसके बाद दुर्घटना के एक सप्ताह के बाद भी औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा विभाग घायल मजदूर के बयान लेने में ढिलाई बरतने की बात सामने आई है। हालांकि अधिकारी कह रहे हैंकि दुर्घटना के समय मौके पर साक्षी मजदूरों के बयान ले लिए गए हैं। नोटिस में ये इश्यू आए सामने एक और प्रबंधन अपने संस्थान में शून्य दुर्घटना के स्लोगन और मजदूरों को पर्याप्त सुरक्षा उपकरण मुहैया कराने का तो दावा करता है, लेकिन औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा विभाग के शोकॉज नोटिस ने इन सब दावों को पोल खुल गई है। नोटिस में यह इश्यु उठाया गया हैकि जो मजदूर घायल हुआ उसे सुरक्षा उपकरण उपलब्ध नहीं कराए गए। मौके पर पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था भी लचर साबित हुई। इन सभी लापरवाहियों का समावेश शोकॉज नोटिस में भी किया गया है। सुरक्षा प्रावधानों की अनदेखी करने पर अब प्रबंधन कानूनी कार्यवाही के लिए निशाने पर है। अधिभोगी एवं प्रबंधन को नामजद नोटिस अधिकारी के मुताबिक उद्योग के कारखाना अधिभोगी एवं प्रबंधन को नामजद नोटिस जारी किए गए हैं। जानकारी अनुसार उद्योग के कारखाना अधिभोगी ओ.पी. रूंगटा एवं प्रबंधक डा. प्रेम तिवारी बताए जा रहे हैं। हिन्दुस्थान समाचार/ कैलाश सनोलिया