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मध्य-प्रदेश

कोरोना के नाम पर नौटंकी बंद करे मुख्यमंत्री, निजी अस्पतालों की लूट को बंद करवाएंः जीतू पटवारी

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भोपाल, 06 अप्रैल (हि.स.)। राज्य में कोरोना की भयावह स्थिति को लेकर और राज्य सरकार का इस ओर ध्यानाकर्षण करने के लिए मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के कार्यकारी अध्यक्ष, मीडिया प्रभारी और पूर्व मंत्री जीतू पटवारी ने मंगलवार को पत्रकारवार्ता के दौरान शिवराज सरकार पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश में फैल रहे कोरोना संक्रमण को लेकर प्रदेश की शिवराज सरकार गंभीर नहीं है। यही कारण है कि कोरोना से लडऩे की अपेक्षा मुख्यमंत्री और उनका पूरा मंत्रीमंडल सिर्फ मीडिया में फोटो छपवाने के लिए तरह-तरह की नौटंकी कर रहा है। जिससे मीडिया को नया-नया मसाला मिलते रहे, उनका पेट भरा रहे। जीतू पटवारी ने कहा कि पिछले एक साल से मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान हर तीसरे दिन कोरोना की समीक्षा बैठक कर रहे हैं, लेकिन प्रदेश में कोरोना की स्थिति हर दिन चिंताजनक होती जा रही है। राज्य सरकार के कुछ मंत्री चुनाव में व्यस्त है, कुछ मंत्री मठ मंदिरों में माथा टेक रहे हैं और कुछ पर्यटन पर है जबकि मुख्यमंत्री विज्ञापन के माध्यम से मीडिया का पेट भर रहे हैं। पूर्व मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री एक साल से कोरोना को लेकर तरह- तरह के अभियान चला रहे है लेकिन स्थिति फिर भी नहीं सुधर रही। कोरोना को लेकर पूरा प्रदेश भयावह स्थिति में है, प्राइवेट अस्पतालों में लूट मची है। जो परिवार कोरोना से पीडि़त है वह बता सकता है कि कितनी भयावह स्थिति है। कोरोना के नाम पर निजी अस्पतालों ने जो लूट का कारोबार कर रहे है अब तो निजी अस्पताल लूट के अड्डे बन गए है। यह अस्पताल कोरोना पीडि़तों से मनमानी फीस वसूल रहे हैं। परेशान लोग कर्ज लेकर या संपत्ति बेचकर अस्पतालों की फीस चुका रहे हैं। स्थानीय प्रशासन का कोई नियंत्रण इन निजी अस्पतालों पर दिखाई नहीं दे रहा है। प्रदेश के अस्पतालों मे कोरोना संक्रमित मरीजों के लिए बिस्तरों की समुचित व्यवस्था नहीं है। कोरोना मरीजों को 48 से 72 घंटों तक प्रतीक्षा करनी पड़ रही है। प्रशासन कुछ भी कहे मीडिया में कुछ भी छप रहा हो लेकिन जमीनी हकीकत इससे उलट है। उन्होंने कहा कि सरकार और जिला प्रशासन हर रोज एक नया सक्र्यूलर जारी कर रहा है अब न तो हेल्थ केयर वर्कर एवं फ्रंटलाइन वर्कर का पंजीयन होगा और न उन्हें कोरोना वैक्सीन लगाई जाएगी। इनको मिलने वाला मानदेय भी सरकार ने बंद कर दिया है। शिवराज सरकार ने प्रदेश के लोगों को 38 करोड़ का काढ़ा पिला दिया जिसका अता पता नहीं है। सरकार सर्क्यूलर जारी करती है कि 45 साल के कम उम्र वाले लोगों को कोरोना टीका नहीं लगेगा। अगर लगाया गया तो अस्पताल और डॉक्टर पर कार्यवाही होगी यह कहां का न्याय है। जीतू पटवारी ने राज्य सरकार से मांग करते हुए कहा कि प्रदेश सरकार को सभी व्यक्तियों का वैक्सीनेशन करवाना चाहिए क्योंकि कोरोना संक्रमण किसी की उम्र देखकर नहीं होता। पूर्व मंत्री ने कहा कि रेमेडिसिवर नाम का एक एंटी वायरल इंजेक्शन प्राईवेट अस्पताल में दुगनी-तिगुनी कीमत पर मिल रहा है प्राइवेट अस्पतालों ने इस इंजेक्शन की मार्केट में शार्टिज कर दी है। जीतू पटवारी ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान पर निशाना साधते हुए कहा कि क्या भाजपा के स्थापना दिवस के दिन छपास की प्यास तो नहीं बढ़ गई जो आप गांधी जी की मूर्ति के नीचे बैठकर नाटक नौटंकी शुरू कर दी है। जनता को मौत के मुँह में धकेलकर गांधी जी की शरण में बैठकर कोरोना के खिलाफ सत्याग्रह की नौटंकी कर रहे हैं। क्या इसमें आपकी छपास की प्यास नहीं दिखती। उन्होंने कहा कि पिछले एक साल से शिवराज जी सत्ता में है लेकिन फिर भी राज्य में कोरोना की यह भयावह स्थिति उनकी गंभीरता को दर्शाती है। शिवराज जी कोरोना के नाम पर नाइट कर्फ्यू लगाते हैं लेकिन यह नियम शराब दुकानों पर लागू नहीं होता। यही कारण है कि लोग सिर्फ कोरोना से ही नहीं मर रहे बल्कि जहरीली शराब पीकर भी मर रहे हैं। आप माफिया के खिलाफ अभियान चलाने की बात करते हैं। आपने कोरोना को आपदा में अवसर माना है इसलिए प्रदेश में कोरोना के नाम पर लूट मची है और यह भयावह स्थिति प्रदेश में बनी है। इस दौरान जीतू पटवारी ने शराब की दुकानों को लेकर कविता भी सुनाई। उन्होंने राज्य की शिवराज सरकार से मांग करते हुए कहा कि सरकार प्रदेश में कोरोना का इलाज करने वाले सभी प्राइवेट अस्पतालों और मेडिकल कालेजों को अधिग्रहण कर जनता को समुचित इलाज मुहैया करवाए ताकि लोगों की जान बच सके। हिन्दुस्थान समाचार/ नेहा पाण्डेय