प्रधानमंत्री को लिखी कमलनाथ की चिट्ठी का प्रदेश भाजपा अध्यक्ष ने दिया करारा जवाब
प्रधानमंत्री को लिखी कमलनाथ की चिट्ठी का प्रदेश भाजपा अध्यक्ष ने दिया करारा जवाब
मध्य-प्रदेश

प्रधानमंत्री को लिखी कमलनाथ की चिट्ठी का प्रदेश भाजपा अध्यक्ष ने दिया करारा जवाब

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वीडी शर्मा ने अपने पत्र में दिखाया कांग्रेस और कमलनाथ को आईना भोपाल, 24 जुलाई (हि.स.)। पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लिखे गए पत्र को लेकर सियासत गर्मा रही है। प्रदेश भाजपा अध्यक्ष विष्णुदत्त शर्मा ने पत्र लिखकर कमलनाथ को उनकी चिट्ठी का करारा जवाब दिया है। प्रदेश भाजपा द्वारा शुक्रवार शाम को यह पत्र मीडिया के लिए जारी किया गया है। प्रदेश भाजपा अध्यक्ष विष्णुदत्त शर्मा ने पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ को पत्र लिखकर उनके द्वारा प्रधानमंत्री मोदी को लिखे गए पत्र का करारा जवाब दिया है। शर्मा ने अपने पत्र में कमलनाथ द्वारा पत्र में उठाए गए मुद्दों को खारिज करते हुए उनका तथ्यात्मक जवाब दिया है, साथ ही पूर्व मुख्यमंत्री, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष और नेता प्रतिपक्ष कमलनाथ को यह सलाह भी दी है कि उन्हें पार्टी के योग्य नेताओं को अपनी जिम्मेदारियां बांट देना चाहिए। प्रदेश अध्यक्ष शर्मा ने कहा है कि कांग्रेस और कमलनाथ जैसे नेताओं ने न कभी लोकतांत्रिक मूल्यों का सम्मान किया, न संविधान की गरिमा का ध्यान रखा। क्षुद्र राजनीतिक लाभ के लिए कांग्रेस संवैधानिक मूल्यों को तिलांजलि देने से नहीं चूकी है, वहीं कांग्रेस में शाही परिवार की सत्ता को बनाए रखने के लिए लोकतंत्र का गला घोंटती रही है, जिससे स्वाभिमानी और योग्य नेताओं को पार्टी छोड़ने पर मजबूर होना पड़ा है। पत्र में कहा गया कि कांग्रेस का यह अलोकतांत्रिक व्यवहार कोई नई बात नहीं है, बल्कि आजादी के पूर्व से लेकर वर्तमान दौर तक सैकड़ों नेताओं को पार्टी छोड़ने पर विवश किया जाता रहा है। शर्मा ने अपने पत्र में कहा है कि मुख्यमंत्री कमलनाथ ने अपने पत्र में तो बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर की दुहाई दी है, लेकिन वास्तव में कांग्रेस के शाही परिवार और उनके दरबारियों ने लगातार डॉ. अंबेडकर का अपमान किया है और यहां तक कि उन्हें चुनाव हराने का षडयंत्र भी रचा। श्री शर्मा ने कहा है कि लोकतंत्र की बात करने वाले कमलनाथ स्वयं कांग्रेस की उस मंडली के सदस्य रहे हैं, जिसने देश में आपातकाल की वकालत करके लोकतंत्र की हत्या की थी। प्रदेश अध्यक्ष शर्मा ने पत्र में लिखा है कि यदि कमलनाथ ने अपना अहंकार छोड़कर पार्टी के नेताओं की बात सुनी होती, उस पर एक्शन लिया होता, तो ये नेता पार्टी छोड़ने पर विवश नहीं होते। हिन्दुस्थान समाचार/केशव दुबे-hindusthansamachar.in