अशोकनगर: एसबीआई में युवक ने की खुदकुशी, एचडीएफसी बैंक में लगी आग

अशोकनगर: एसबीआई में युवक ने की खुदकुशी, एचडीएफसी बैंक में लगी आग
ashoknagar-youth-commits-suicide-in-sbi-hdfc-bank-fire

अशोकनगर,09 जून (हि.स.)। स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की शाखा में यहां बुधवार की सुबह बैंक के ताले खोलने पर बैंक के अंदर युवक फांसी पर लटका हुआ मिला, वहीं यहां एचडीएफसी बैंक शाखा में बुधवार तड़के आग लगने का घटनाक्रम हो गया। स्टेट बैंक ऑफ इंण्डिया और एचडीएफसी बैंक शाखाओं में खुदकुशी और आग लगने की घटनाक्रमों के कारण दोनों बैंक शाखायें बंद रहीं। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार यहां शहर के मण्डी रोड़ स्थित स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के फील्ड आफीसर श्याम चरावले स्टाफ के साथ बुधवार सुबह 8: 49 बजे बैंक खोलने गए हुए थे, उनके द्वारा बैंक के ताला खोलते ही जैसे ही बैंक के अंदर नजर गई तो बैंक का जेनरेटर आपरेटर बैंक के अंदर फांसी पर लटका देख सभी हद-प्रद रह गए। उक्त आशय की सूचना बैंक के वरिष्ठ अधिकारियों और पुलिस को दी गई। जानकारी लगते ही पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी एवं फोरेंसिक टीम मौका स्थल पहुंची और शव का परीक्षण कर उसे फंदे से उतारकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। बैंक में कैसे रुका मृतक?: बैंक के अंदर खुदकुशी करने वाला मृतक मनीष दुवे (35) पुत्र रमेश दुवे चौधरी मोहल्ला अशोकनगर का निवासी था। बताया गया कि मृतक मनीष का वर्ष 2006 से आठ हजार रुपये प्रतिमाह से बैंक में जेनरेटर किराये पर लगा हुआ था, जेनरेटर ऑपरेटिंग कार्य हेतु प्रतिदिन बैंक में उसका आना-जाना होता था। खुदकुशी करने के एक दिन पूर्व भी वह बैंक आया हुआ था। आखिर मृतक मनीष एक दिन पूर्व बैंक बंद होने के उपरांत बैंक में कैसे रह गया, जिसके द्वारा बैंक बंद होने पर खुदकुशी की वारदात को अंजाम दिया गया? यहां बैंक के सुरक्षा इंतजामों पर सवाल खड़े होते हैं। वहीं इस संबंध में बैंक प्रबंधक बोद्धिक शिंदे का कहना है कि बैंक बंद करते समय बैंक में आवाज लगाकर, देख-परख कर ही बैंक बंद किया जाता है। उनका कहना है कि एक दिन पूर्व भी बैंक के सर्विस मैनेजर गगन बिजौलिया द्वारा देख-परख कर बैंक को बंद किया गया था। बैंक प्रबंधक का यह भी कहना है कि हो सकता है मृतक कहीं पर्दे आदि के पीछे छुप गया होगा यह मानवीय चूक है। मृतक की आगामी 20 मई को थी दूसरी शादी: जानकारी में बताया गया कि मृतक मनीष की पत्नि का निधन पांच साल पहले हो गया था, मनीष का एक आठ वर्ष का पुत्र भी है। मृतक के भाई की आगामी 20 जून को शादी होना थी, यह भी बताया गया कि इसी दिन मृतक की भी दूसरी शादी होना तय की गई थी। जेब से निकला पांच पेज का सुसाईड नोट: मृतक की जेब से एक पांच पेज का सुसाइड नोट पुलिस को मिला है। सुसाइड नोट में मृतक द्वारा अपने लेन-देन का उल्लेख किया गया है, तथा कुछ लोगों से लिए उधार पैसे से तंग आने का हवाला भी दिया गया है। इसके साथ ही मृतक द्वारा उसके शव को सीधे मुक्तिधाम ले जाने का उल्लेख भी किया गया है। मृतक के सुसाइड नोट से प्रतीत होता है कि वह आर्थिक हालातों से परेशान था। फिलहाल पुलिस बैंक में लगे सीसीटीवी कैमरों को खंगालेगी। बैंक में पहले भी हो चूकी सुरक्षा की चूकें: मृतक मनीश के बैंक के अंदर फांसी लगाने की वारदात को अंजाम देने के पूर्व भी बैंक के अंदर सुरक्षा इंतजामों को लेकर पहले भी सवाल खड़े हो चुके हैं। पूर्व में इसी एसबीआई शाखा का अचानक सायरन बज चुका है, तो एक मर्तबा एक कुत्ता भी शाखा के अंदर बंद रह गया था । एचडीएफसी में आग: वहीं शहर के वायपास रोड़ स्थित सुबह एचडीएफसी बैंक के दूसरे माले में आग लगने का घटनाक्रम भी बुधवार को सामने आया है। इस संबंध में एचडीएफसी के प्रबंधक निशांत शर्मा ने बताया कि उन्हें सुबह साढ़े पांच बजे बैंक में आग की जानकारी लगी थी। तत्काल उनके द्वारा आग बुझाने के प्रबंध किए गए। आग सार्टसर्किट की वजह से लगी थी। जिससे बैंक के सर्वररूम को नुकसान पहुंचा है। सर्वररूम को ठीक करने का काम किया जा रहा है। हिन्दुस्थान समाचार/ देवेन्द्र ताम्रकार