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मध्य-प्रदेश

कोरोना की तीसरी लहर से बच्चों को बचाने की कवायद में जिला चिकित्सालय में व्यवस्था तैयार

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- 4 वेंटीलेटर सहित 10 बिस्तरों की सुविधा, वन स्टॉप सेंटर को बनाया चाइल्ड आइसोलेशन वार्ड अनूपपुर, 28 मई (हि.स.)। कोरोना की दूसरी लहर में कुछ बच्चों के संक्रमित होने के प्रकरणों के बाद आगामी दिनों कोरोना की तीसरी लहर में बच्चों के सर्वाधिक प्रभावित होने की आशंकाओं के चलते जिला स्वास्थ्य प्रबंधक ने विशेष बच्चा आइसोलेशन वार्ड की व्यवस्था की है। वार्ड में 10 बिस्तरों के साथ 4 वेंटीलेटर की सुविधा रखी गई है। इसके अलावा वर्तमान में ब्लैक फंगस के बढ़ते प्रकरण पर भी जिले में इलाज के लिए कोरोना कोविड केयर सेंटर में एक विशेष वार्ड तैयार किया गया है, जिसमें ब्लैक फंगस जैसे पीड़ित मरीजों के इलाज के लिए 10 बिस्तर की व्यवस्था बनाई है। इसे लेकर अब स्वास्थ्य विभाग थोड़ा सा राहत महसूस कर रहा है। जिला मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. एससी राय ने बताया कि वर्तमान में कोरोना कोविड केयर सेंटर के रूप में बनाए गए वन स्टॉप सेंटर को अब खाली कराते हुए बच्चों के लिए सुरक्षित कोविड केयर सेंटर बनाया गया है। इसमें बच्चों के इलाज के लिए 10 बिस्तर की सुविधा के साथ 4 वेंटीलेटर की सुविधा तैयार रखी गई है। इसके अलावा ऑक्सीजन सिलेंडर को भी रिजर्व में रखा गया है जबकि ब्लैक फंगस के जिले में मामले सामने आने पर इसके इलाज के लिए भी सुरक्षित वार्ड तैयार किया गया है। इसकी जानकारी कलेक्टर को देते हुए शिशु चिकित्सकों व स्टाफ की भी जानकारी दी गई है। डॉ राय ने बताया कि फिलहाल जिले में जिला अस्पताल के एसएनसीयू, पीआईसीयू वार्ड के अलावा बच्चों के इलाज के लिए और कोई सुविधा नहीं है। कोरोना की दूसरी लहर को अधिक गम्भीर मानते हुए आगामी तीसरी लहर में बच्चों को सर्वाधिक प्रभावित करने की आशंका जताई गई हैं। इनमें जिले के कुपोषित बच्चों के सर्वाधिक संक्रमित होने की आशंकाएं विशेषज्ञों द्वारा जतायी गई है। खुद शिशु विशेषज्ञों का मानना है कि कुपोषित बच्चों में रक्त की कमी के कारण इम्युनिटी पावर कम होती है, जिसमें संक्रमण से लड़ने की क्षमता कम होने पर बच्चों को अधिक नुकसान पहुंचेगा। इसे देखते हुए अब स्वास्थ्य प्रबंधक द्वारा बच्चा वार्ड कोरोना आइसोलेशन सेंटर बनाया गया है। सीएमएचओ का कहना है कि जरूरत के अनुसार आगामी दिनों में कुछ सीएचसी सेंटर को भी सुरक्षित आइसोलेशन वार्ड के रूप में तैयार किया जाएगा। डॉ. एससी राय ने बताया कि कोरोना संक्रमित मरीज फिलहाल स्वस्थ्य होकर घर जा रहा है लेकिन इस मामले में कुछ ऐसे भी प्रकरण सामने आए, जिनकी डिस्चार्ज के बाद तबियत बिगड़ी और अन्य इंफेक्शन सामने आए हैं। इसे देखते हुए अस्पताल में 10 बिस्तरों का पोस्ट कोविड केयर सेंटर तैयार किया गया है, ताकि ऐसे मरीजों को सस्पेक्ट रूप में पोस्ट केयर वार्ड में रखते हुए उनकी मॉनीटरिंग की जा सकेगी। जिले में अनुमानित 3.40 लाख से अधिक बच्चोंं के लिए जिला चिकित्सालय में मात्र एसएनसीयू, पीआईसीयू और किशोर वार्ड संचालित हैं। इनमें एसएनसीयू में 20 बेड, पीआईसीयू में 10 और किशोर वार्ड में 20 बिस्तर की सुविधा है। एसएनसीयू और पीआईसीयू वार्ड के लिए 8 चिकित्सकों के पद स्वीकृत है, जिनमें वर्तमान में 3 ही उपलब्ध है। पांच रिक्त हैं। सीएचसी स्तर पर चिकित्सकों व संसाधनों का अभाव है लेकिन अब 10 बिस्तरों के कोविड केयर सेंटर मिलने से बच्चों की जान बचाने में मदद मिलेगी। इधर, महिला बाल विकास विभाग के अनुसार जिले में 0 से 6 माह और 3 से 5 वर्ष तक के कुल 59361 नौनिहाल हैं। इनमें अनूपपुर में 14260, जैतहरी में 15533, कोतमा में 8686 और पुष्पराजगढ़ में 20882 बच्चें हैं। हिन्दुस्थान समाचार / राजेश शुक्ला