जूडा के बाद अब नर्सिंग स्टाफ आंदोलन की तैयारी में, काली पट्टी बांधकर सांकेतिक विरोध दर्ज कराया

जूडा के बाद अब नर्सिंग स्टाफ आंदोलन की तैयारी में, काली पट्टी बांधकर सांकेतिक विरोध दर्ज कराया
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भोपाल, 11 जून (हि.स.)। मध्य प्रदेश में जूनियर डॉक्टर्स एसोसिशएन की हड़ताल के बाद अब नर्सिंग स्टाफ ने हड़ताल का बिगुल बजा दिया है। अपनी मांगों को लेकर चरणबद्ध तरीके से नर्सिंग स्टाफ पूरे प्रदेश में प्रदर्शन कर रहा है। नर्सिंग स्टाफ ने अपनी 8 सूत्रीय मांगों को लेकर आंदोलन शुरू कर दिया है। भोपाल में शुक्रवार को सांकेतिक प्रदर्शन के तौर पर सभी नर्सों ने ब्लैक रिबन बांधकर अपना विरोध दर्ज कराया और कहा कि अगले तीन दिनों तक इसी तरीके से विरोध जताते रहेंगे। इंदौर और जबलपुर में प्रदर्शन कर रहे नर्सिंग स्टाफ ने भी काली पट्टी बांधी और अपनी मांगों को लेकर मुख्यमंत्री को पोस्टकार्ड लिखे हैं। नर्सिंग एसोसिएशन का कहना है कि कोरोना काल में हमने कठिन हालातों में काम किया। हमारी करीब 8 मांगें है, जिनके बारे में सरकार को समय-समय पर बता चुके है। लेकिन अब तक इस पर कोई सुनवाई नहीं हुई है। इसलिए ये आंदोलन किया जा रहा है। नर्सिंग स्टाफ ने सरकार को चेतावनी दी कि अगर मांगे नहीं मानी गईं तो 25 जून से 25 हजार से भी ज्यादा नर्सिंग कर्मचारी सामूहिक हड़ताल करेंगे। हेल्थ डिपार्टमेंट अधिकारी कर्मचारी संघ के प्रदेश अध्यक्ष सुरेंद्र सिंह कौरव ने बताया कि 10, 11 और 12 जून नर्सेस काली पट्टी बांधकर काम करेंगे। द्वितीय चरण 14 से 17 जून को कार्यस्थल पर विरोध प्रदर्शन करेंगे। तृतीय चरण 18, 19 और 21 जून को मरीजों से क्षमायाचना मांगगे। चतुर्थ चरण में 22 जून को सामूहिक अवकाश पर जाएंगे। पांचवें चरण में मांगें नहीं मानी गयीं तो 25 से अनिश्चिकालीन अवकाश पर जाएंगे। बता दें कि नर्सिंग एसोसिएशन नर्सों की पोस्ट का नाम बदलने, रात्रिकालीन भत्ता देने और सेकंड ग्रेड पे समेत 8 मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। हिन्दुस्थान समाचार/ नेहा पाण्डेय