Administration raid on milk factory, locks installed in factory after disturbances
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मध्य-प्रदेश

दुग्ध कारखाने पर प्रशासन का छापा, गड़बडिय़ां मिलने पर कारखाने में लगाए ताले

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गुना 09 जनवरी (हि.स.)। सावधान! हमें दूध के नाम पर जहर पिलाया जा रहा है। पैकेट बंद पौष्टिक दूध का दावा कर सोडा और आर्गेनिक दूध पाउडर की मिलावट कर बेचा जा रहा है। यह खुलासा शनिवार को एक दु्ग्ध कारखाने पर प्रशासन द्वारा मारे गए छापे के दौरान हुआ है। शुभम डेयरी के नाम से यह कारखाना शहर के औद्योगिक क्षेत्र में स्थित है। जहां एसडीएम सुश्री अंकिता जैन के नेतृत्व में शनिवार सुबह प्रशासन की टीम ने छापामार कार्रवाई की। इस दौरान कारखाने पर तमाम गड़बडिय़ां मिलीं है। जिसके बाद कारखाने में लगा दिये गए हैं। छापे की कार्रवाई के दौरान कास्टिक सोडा व आर्गेनिक मिल्क पाउडर की मिलावट तो प्रथम दृष्टया ही सामने आई, वहीं कई अन्य प्रकार के रसायन से भी दूध तैयार किया जाता मिला। यहां प्रशासन की छापामार कार्रवाई करीब 3 से 4 घंटे तक चली और इस दौरान फटा दूध, पैकिटों पर पैकिंग व एक्सपायर डेट का न मिलना, पर्याप्त साफ-सफाई न होना, कारखाने का लायसेंस नहीं होना सहित तमाम गड़बडिय़ां सामने आईं। कार्रवाई के दौरान मौजूद रही खाद्य एवं औषधी विभाग की टीम ने यहां से नमूने उठाए, जिन्हें जांच के लिए भोपाल भेजा जाएगा। तब तक के लिए कारखाने पर ताले डाल दिए गए हैं। एसडीएम का कहना है कि नमूनों की रिपोर्ट आने के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी। दूध कारखाने के साथ चल रहा था बर्फ कारखाना बताया जाता है कि शहर के औद्योगिक क्षेत्र में शुभम डेयरी के नाम से दुग्ध कारखाना संचालित है। इस कारखाने में करीब 4-5 हजार लीटर दूध रोज आता है। जिसे पैकेटबंद कर आपूर्ति करने की बात कही जाती है। यहां से दूध शहर सहित आसपास शिवपुरी, अशोकनगर, राजगढ़ आदि जिले में भेजा जाता है। सुबह एसडीएम अंकिता जैन, नायाब तहसीलदार रमाशंकर सिंह सहित खाद्य एवं औषधी विभाग की टीम कारखाने पर पहुंचे। टीम के पहुँचते ही यहां खलबली मच गई। पूछताछ में पता चला कि इस कारखाने का संचालन कोई रोहित साहू नाम का व्यक्ति कर रहा है। मौके पर कारखाने का लायसेंस प्रशासन को उपलब्ध नहीं हो पाया, वहीं इसी परिसर में स्थित बर्फ फैक्ट्री संचालित होने को लेकर भी कोई संतुष्टिजनक जवाब प्रशासनिक टीम को नहीं मिला। बताया जाता है कि कलेक्टर कुमार पुरुषोत्तम को मिली शिकायत के बाद यहां छापामार कार्रवाई की गई है। हमारा बहुत नुकसान होगा कार्रवाई के दौरान कारखाने पर बड़ी तादाद में दूधिए भी मौजूद थे। जिन्हे कारखाने से दूध का वितरण किया जाता है। जब तमाम गड़बडिय़ां मिलने और इसके चलते कारखाना बंद करने की स्थिति बनी तो दूधिओं का विरोध सामने आया। उनका कहना रहा कि कारखाना संचालक को कुछ भी हो, किन्तू कारखाना बंद होने से उनका बहुत नुकसान होगा। साथ ही वह जिनके यहां दूध वितरण करते हैं, उन्हें भी तमाम तरह की परेशानी भोगनी होगी। हालांकि दूधियों की बातें सुनकर एसडीएम नाराज हो गईं। उनका साफ कहना रहा कि लोगों को मिलावटी दूध पिलाकर फायदे-नुकसान की सोचते हो। शुद्ध के लिए युद्ध अभियान की हकीकत आ रही सामने उल्लेखनीय है कि पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार में शुद्ध के लिए युद्ध के नाम से अभियान चलाया गया था। इस अभियान के नाम पर बड़े पैमाने पर छापामार कार्रवाई की गईं थीं। तब यह दावा किया गया था कि अभियान के बेहतर नतीजे सामने आए हैं और मिलावटखोरों के हौसले पस्त हुए हैं, किन्तु अभियान की जमीनी हकीकत बदली राजनीतिक परिस्थितियों में इन दोनों मिलावटखोरों के खिलाफ की जा रही कार्रवाई में सामने आ रही है। प्रशासन की टीम जहां पहुँच रही है, वहीं बड़ी तादाद में मिलावट सामने आ रही है। बता दें कि कांग्रेस सरकार में हुई कार्रवाई तत्समय ही संदिग्ध मानी गई थी। भाजपा ने तो सीधे-सीधे अभियान को बदले की भावना से की जा रही कार्रवाई से जोड़ा था। जिसमें भाजपा समर्थित व्यवसायिओं को निशाना बनाने की बात कही गई थी। बहरहाल जो भी हो, प्रशासन की इन दिनों हो रही कार्रवाई ने मिलावट खोरों में हडक़ंप मचा रखा है। कार्रवाई इसलिए भी गंभीर है, कारण मिलावट साबित होने पर संबंधित व्यवसायी पर रासुका के तहत भी कार्रवाई की जा रही है। मिलावट कर तैयार किया जाता है दूध कारखाने पर यूं तो सिर्फ दूध पैकेट बंद करने शहर सहित आसपास के जिलों में भेजने की बात संचालक रोहित साहू ने बताई है, किन्तु छापे के दौरान सामने आया है कि यहां दूध में मिलावट कर उसे अतिरिक्त रुप से तैयार किया जाता है। इसके लिए दूध में सोडा सहित आर्गेनिक दूध का पाउडर मिलाया जाता है। कुछ अन्य रसायन भी मौके पर मिले है। जिससे माना जा रहा है कि दूध में इनकी मिलावट भी होती होगी। निरीक्षण में पैकिंग छाछ के पैकिट भी मिले। साथ ही घी भी बरामद हुआ है। पैकिंग दूध व छाछ के कई पैकिटों पर पैकिंग व एक्सपायर डेट लिखी नहीं मिली। इन सबकों लेकर जहां संचालक से सवाल किया गया तो वह कोई संतुष्टिजनक जवाब नहीं दे पाए। यहां ड्रमों में भारी मात्रा में दूध भरा हुआ था। एसडीएम ने जब इस दूध की जांच की तो कहीं यह गाढ़ा तो कहीं पानी जैसा पतला निकला। एसडीएम के निर्देश के बाद टीम ने यहां से दूध, छाछ, घी, कास्टिक सोडा, आर्गेनिक मिल्क पाउडर के नमूने लिए हैं। हिन्दुस्थान समाचार / अभिषेक-hindusthansamachar.in