नागपंचमी पर मंदिरों में अभिषेक कर खुशहाली की कामना की

नागपंचमी पर मंदिरों में अभिषेक कर खुशहाली की कामना की
नागपंचमी पर मंदिरों में अभिषेक कर खुशहाली की कामना की

ग्वालियर, 25 जुलाई (हि.स.)। नागदेवता की पूजा करने के लिए शनिवार सुबह से ही मंदिरों में भक्तों की कतारें लग गईं और शुभ योग में दर्शन कर परिवार की खुशहाली की कामना की गई। प्राचीन नागदेवता मंदिरों में तड़के से ही भक्त पहुंचना शुरू हो गए। कोरोना संक्रमण के चलते मंदिरों में ताले लटके हुए हैं और भक्तों से आग्रह किया जा रहा है कि वह शारीरिक दूरी बनाकर दर्शन करें। मंदिर के अंदर भक्तों को प्रवेश नहीं मिल रहा था। शनिवार को नागपंचमी विशेष योग के साथ मनाई गई। मदिरों में जहां मूर्ति के दर्शन कर मनोकामनाएं मांगी गई तो वहीं गली-मोहल्लों में घूमने वाले सपेरे फोटो की पूजा करवाई। नागदेवता के साथ-साथ सावन के इस माह में भगवान शिव और मां गौरी की भी पूजा अर्चना करते हुए श्रद्धालु अभिषेक कर बिल्वपत्र व धतूरा अर्पित कर रहे थे। मंदिरों के साथ-साथ घर-घर में नाग देव की पूजा की जा रही थी और बामी भी पूजी जा रही थीं। नागदेवता की पूजा करने से परिवार में खुशहाली व मनचाहा फल की प्राप्ति के लिए कई लोग दान-पुण्य भी कर रहे थे। शनिवार सुबह से शहर के प्रसिद्ध छत्री बाजार स्थित नागदेव मंदिर, प्राचीन तारागंज स्थित नागदेव मंदिर, दौलतगंज रामेश्वरम मंदिर सहित शहर के कई स्थानों पर बने नागमंदिरों में पहुंचकर भक्त पहुंचकर पूजा अर्चना करते हुए परिवार की खुशहाली की कामना कर रहे हंै। दूध व गंगाजल से अभिषेक किया जा रहा है। मंदिरों में तड़के 4 बजे से ही भक्तों का पहुंचना शुरू हो गया। मंदिर प्रबंधन व पुलिस द्वारा आग्रह किया जा रहा है कि शारीरिक दूरी बनाकर दर्शन करें और भीड़भाड़ न लगाएं। कोरोना संक्रमण के चलते मंदिरों में भले ही ताले लटके हों लेकिन आस्था के आगे संक्रमण भी पीछे है। भक्त संक्रमण की चिंता किए बगैर दर्शन करने पहुंच रहे हैं जिसके चलते पुलिस भी सतर्क बनी हुई है। नागदेव मंदिरों के बाहर जाने वाले रास्तों को रोका जा रहा था। मंदिर के आसपास अतिरिक्त बल की व्यवस्था की गई थी जिससे भक्तों को दर्शन करने के लिए परेशान नहीं होना पड़े। पुलिस अफसरों ने भी छत्री बाजार नागदेव मंदिर, तारागंज स्थित नागदेव मंदिर और दौलतगंज रामेश्वर मंदिर में पहुंचकर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। कालसर्प व मंगल दोष से मुक्ति और मन की शांति के लिए हर वर्ष मंत्रोच्चारण के बीच नागदेव को मनाने के लिए जातक पालती मारकर बैठते हैं लेकिन इस वर्ष कोरोना संक्रमण के चलते कोई भी आयोजन नहीं हो रहा है। जिन लोगों की कुंडली में कालसर्प दोष है वह परेशान नजर आ रहे हैं। नागपंचमी पर कई लोग कालसर्प दोष निवारण के लिए गरगज कॉलोनी पहुंचे, लेकिन हर वर्ष आयोजन कराने वाले ज्योतिषाचार्य सतीश सोनी और पं. किशोर शर्मा ने इन्हें यह कहते हुए लौटा दिया कि अब तो संक्रमण के खत्म होने के बाद ही पूजा अर्चना की जाएगी। इस दोष से शांति के लिए नागदेवता की पूजा अर्चना करें और भगवान शिव की आराधना करते हुए दान दें। हिन्दुस्थान समाचार / श्याम / मुकेश-hindusthansamachar.in

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