(एक)-नगरीय निकाय प्रतिनिधियों के सहयोग से ही कोविड प्रबंधन संभव : शिवराज

 (एक)-नगरीय निकाय प्रतिनिधियों के सहयोग से ही कोविड प्रबंधन संभव : शिवराज
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भोपाल, 22 मई (हि.स.)। शहरी क्षेत्रों में कोरोना की विपदा का सामना करने में नगर पालिका, नगर परिषद के जन-प्रतिनिधियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। यह लड़ाई किसी के लिए भी अकेले लड़ पाना संभव नहीं था। आप सबके सहयोग से ही प्रदेश में कोरोना को नियंत्रित किया जा सका है। आज प्रदेश की समग्र पॉजिटिविटी दर घटकर 4.82 प्रतिशत हो गई है। यह जन-प्रतिनिधियों के सक्रिय सहयोग से संभव हुआ है। यह कहना था मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान का । वे शनिवार को नगरीय क्षेत्रों के जन-प्रतिनिधियों अर्थात पूर्व तथा वर्तमान मेयर, नगरपालिका, नगर परिषद के पूर्व तथा वर्तमान अध्यक्षों और पार्षदों को कोविड-19 के नियंत्रण के प्रबंधन पर निवास से वीडियो कान्फ्रेंसिंग द्वारा संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा है कि कोरोना को नियंत्रित रखने, 31 मई तक लॉकडाउन का कड़ाई से पालन करने और एक जून से व्यवस्थाओं को धीरे-धीरे आरंभ करने की आगामी रणनीति भी नगरीय निकायों के जन-प्रतिनिधियों के सुझाव से ही बनेगी और इसका क्रियान्वयन भी आपके सहयोग से ही होगा। श्री चौहान ने कहा कि मानवता के इतिहास में ऐसे संकट यदा-कदा ही आते हैं। इस चुनौतीपूर्ण समय में हमें सहयोग, समन्वय सक्रियता और सद्भावना की मिसाल प्रस्तुत करना है। माइक्रो कंटेंटमेंट एरिया बनाकर सघन मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जाए मुख्यमंत्री शिवराज ने कहा कि संक्रमण रोकने के लिए प्रदेश में लम्बे समय तक व्यापार और कार्यालयों को बंद नहीं रखा जा सकता है। एक जून से अनलॉक की प्रक्रिया आरंभ करने का विचार है। इसमें क्रमबद्ध रूप से गतिविधियाँ आरंभ की जाएंगी। कई नगरीय क्षेत्रों में कोरोना के प्रकरण कम हैं जबकि कई स्थानों पर इनकी संख्या अधिक है। इस स्थिति में हमें एरिया स्पेसिफिक रणनीति बनाना होगी। अपने जिलों के अधिक संक्रमण वाले वार्डों को हॉट स्पॉट के रूप में चिन्हित करना होगा। इन क्षेत्रों को माइक्रो कंटेंटमेंट एरिया बनाकर सघन मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा, सघन टेस्टिंग के लिए अभियान जारी रहे। जिन घरों में कोरोना संक्रमण से प्रभावित व्यक्ति हैं उन्हें होम आइसोलेट किया जाए। यह भी सुनिश्चित करें कि ऐसे व्यक्ति परिवार के अन्य सदस्यों से नहीं मिलें। इसका लगातार अनुसरण करना आवश्यक होगा। परिवार वालों को समझाइश देकर इसके लिए तैयार किया जा सकता है। आवश्यकता होने पर मरीज को कोविड केयर सेंटर में रखने की व्यवस्था की जाए। अब प्रदेश में कोरोना प्रकरणों की संख्या कम है। अत: कॉन्टेंक्ट ट्रेसिंग को भी प्रभावी तरीके से लागू किया जाए इससे संक्रमण को फैलने से रोकने में मदद मिलेगी। जन-प्रतिनिधि अपने-अपने क्षेत्र में परिस्थिति अनुसार माइक्रो प्लानिंग कर मॉनिटरिंग करें। हिन्दुस्थान समाचार/डॉ. मयंक चतुर्वेदी

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