7 साल की सजा के बाद घर लौटे भूमि मालिक की जमीन पर बन गया 3 मंजिल मकान
7 साल की सजा के बाद घर लौटे भूमि मालिक की जमीन पर बन गया 3 मंजिल मकान
मध्य-प्रदेश

7 साल की सजा के बाद घर लौटे भूमि मालिक की जमीन पर बन गया 3 मंजिल मकान

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भूमि पाने के लिए लगा रहा कलेक्टर के चक्कर रतलाम, 16 अक्टूबर (हि.स.)। जिले की पिपलौदा तहसील क्षेत्र के ग्राम उपरवाड़ा निवासी इकबाल बैग अपनी भूमि को पाने के लिए तहसील से लेकर कलेक्टर कार्यालय तक के चक्कर लगा रहा है, लेकिन कहीं भी उसकी सुनवाई नहीं हो रही है। ग्राम उपरवाड़ा के इकबाल पुत्र अब्दुल बैग ने ग्राम हतनारा में 17 जून 2008 में एक भूमि ग्राम के ही 6 महिलाओं सहित 9 बिक्रीकर्ताओं से खरीदी थी। इस भूमि को क्रय करने के बाद इकबाल किसी अपराधिक प्रकरण में 7 साल की सजा में जेल चला गया। वहां से लौटने पर ज्ञात हुआ कि उस खरीदी हुई भूमि पर ग्राम हतनारा के नारायण पिता ऊंकारलाल पाटीदार ने वहां अपना 3 मंजिल मकान बना लिया है। इकबाल ने इसके लिए भूमि के सीमांकन करवाने के लिए आवेदन तहसील कार्यालय में दिया। सीमांकन के लिए राजस्व निरीक्षक सलाम उद्दीन मंसूरी ने 30 हजार रुपये लेकर सीमांकन कर दिया। इसकी सीमांकन रिपोर्ट में राजस्व निरीक्षक ने नारायण पाटीदार का उस भूमि पर 40 वर्षों से कब्जा बता दिया, जबकि खसरा नकल, भू अधिकार पुस्तिका सहित भूमि की रजिस्ट्री सभी में इकबाल का नाम दर्ज है। इस मामले को लेकर इकबाल ने फरवरी माह से लगातार सभी वरिष्ठ अधिकारियों को मामले से अवगत करवाया, लेकिन किसी ने ध्यान नहीं दिया। इकबाल का कहना है कि सजा के बाद उसने अपना नया जीवन मेहनत मजदूरी तथा पोल्ट्री फार्म के माध्यम से शुरू किया है, वह सुधरना चाहता है, लेकिन पुलिस तथा अधिकारी अब भी उसे अपराधी समझ रहे हैं तथा वह न्याय के लिए भटक रहा है। वह जेल से छूटा था तथा इतनी राशि नहीं होने के बाद भी उसने राजस्व निरीक्षक को 30 हजार रुपये अन्य व्यक्ति से दिलवाएं हैं। मामले में सभी सबूत उसके पास है, लेकिन न्याय नहीं मिल रहा है। इस सबंध में राजस्व निरीक्षक सलाम उद्दीन मंसूरी से बात की गई तो उन्होंने आरोप को बेबुनियाद बताते हुए कहा कि मुझ पर जो आरोप लगे है उसकी जांच भी हो चुकी है। अगर में दोषी होता तो कब की कार्यवाही हो गई होती। रही बात राशि लेने की तो संबधित मुझसे कार्यालय पर आकर भी मिल सकता था। इस संबंध में तहसीलदार किरण बरबड़े का कहना है कि मामला उनके संज्ञान में नहीं आया है, विभागीय तौर पर जांच करवाई जाएगी तथा न्याय दिलवाया जाएगा। हिन्दुस्थान समाचार/ शरद जोशी-hindusthansamachar.in