बोकारो से मंडीदीप पहुंची 'प्राणवायु' वाली ट्रेन, सुगमता से मिलेगी आक्सीजन

बोकारो से मंडीदीप पहुंची 'प्राणवायु' वाली ट्रेन, सुगमता से मिलेगी आक्सीजन
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पुलिस की सुरक्षा में भोपाल भेजे गए ऑक्सीजन के टेंकर रायसेन,28 अप्रैल (हि. स.) । कोविड मरीजों के लिए ऑक्सीजन लेकर झारखंड के बोकारो से आ रही विशेष ट्रेन बुधवार को मध्यप्रदेश के रायसेन जिले के मंडीदीप पहुंच गई। यह ट्रेन 6 टैंकरों में 64 टन ऑक्सीजन लेकर आयी है। इनमें से 31 टन के दो टैंकर भोपाल के लिए मंडीदीप में उतारे गए, 3 सागर के मकरोनिया, 1 जबलपुर के भेड़ाघाट में उतारे गए। यहां से इन्हें स्वास्थ्य विभाग की टीमों को सौंप दिया जाएगा। ऑक्सीजन स्पेशल ट्रेन पिछले 24 घंटे में ग्रीन कॉरिडाेर बनाकर 1153 किमी का सफर तय कर बुधवार सुबह 9.00 बजे पहुंची। 64 टन ऑक्सीजन 40 हजार मरीजों को एक दिन दे सकती है राहत भोपाल में टैंकर से ऑक्सीजन निकालकर जंबो सिलेंडरों में भरी जाएगी, फिर सिलेंडरों को उन अस्पतालों में बांट दिया जाएगा जहां कोविड के गंभीर मरीज भर्ती हैं। यह प्रक्रिया हर दिन होगी। स्वास्थ्य विशेषज्ञ बताते हैं कि अभी ज्यादातर मरीज होम आइसोलेशन में हैं। जो गंभीर मरीज भर्ती हैं, उनमें से किसी को 5 लीटर प्रति मिनट तो किसी को 15 लीटर प्रति मिनट ऑक्सीजन लग रही है। यदि इस हिसाब से कैलकुलेट करें तो 64 टन ऑक्सीजन एक दिन में 40 हजार गंभीर मरीजों के काम आ सकती है। ग्रीन कॉरिडोर में भी 50 से 60 किमी प्रति घंटे ही रही ट्रेन की रफ्तार यह ट्रेन 1153 किमी के सफर में पांच जगह रुकी। यहां लोको पायलट, असिस्टेंट व गार्ड सहित स्टाफ बदला गया। इसे लाने के लिए ग्रीन जोन बनाया गया था, इसका मतलब है कि रास्ते में अन्य किसी मालगाड़ी को इसके आगे नहीं चलाया जाएगा। फिर भी इसकी औसत रफ्तार 50 से 60 किमी प्रति घंटे रही। इस एक्सप्रेस में दो इंजन लगाए गए थे। एक इलेक्ट्रिक और दूसरा डीजल। यदि बिजली सप्लाई कभी भी फेल हो जाए या पॉवर ग्रिड जल जाए, तब भी डीजल इंजन से ऑक्सीजन एक्सप्रेस को सही समय पर गंतव्य तक पहुंचाया जा सके ऐसी व्यवस्था की गयी थी। रेलवे क्रॉयोजनिक टैंकरों से लिक्विड ऑक्सीजन सप्लाई कर रही है। जैसे ही यह ट्रेन मंडीदीप रेलवे स्टेशन पहुंची, देखने के लिए लोगों की भीड़ लग गई। 'प्राणवायु' लाने वाली ट्रेन का मंडीदीप में इंतजार कर रहे लोग अपनी जान की बाजी लगाकर कोविड-19 संक्रमण जैसी महामारी को भी भूल कर रेलवे स्टेशन पर 'प्राणवाय' के टैंकरों को देखने के लिए पहुंच गए। । हिन्दुस्थान समाचार / नीलेंद्र मिश्रा