स्वस्थ बचपन सशक्त राष्ट्र की आधारशिला- खाद्य मंत्री सिंह
स्वस्थ बचपन सशक्त राष्ट्र की आधारशिला- खाद्य मंत्री सिंह
मध्य-प्रदेश

स्वस्थ बचपन सशक्त राष्ट्र की आधारशिला- खाद्य मंत्री सिंह

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अनूपपुर, 17 सितम्बर (हि.स.)। सशक्त राष्ट्र की आधारशिला सुरक्षित एवं स्वस्थ बचपन में अवलम्बित है। पोषण अभियान कुपोषण कम करने हेतु भारत सरकार का एक महत्वाकांक्षी अभियान है। प्रदेश के समग्र विकास हेतु आवश्यक संसाधनों में मानव संसाधन का महत्वपूर्ण स्थान है। जन समुदाय के विकास सूचकांकों में स्वास्थ्य एवं पोषण प्राथमिक एवं अति महत्वपूर्ण भाग है। बच्चे जो समाज की नींव हैं, उनके स्वास्थ्य एवं पोषण स्तर हेतु किये गये प्रयासों का प्रतिफल स्वास्थ्य समाज के रूप में परिलक्षित होगा। यह बातें गुरुवार को खाद्य मंत्री बिसाहूलाल सिंह ने गरीब कल्याण सप्ताह अंतर्गत पोषण कार्यक्रम में अंतर्विभागीय सामंजस्य से जिले की पोषण प्रबंधन रणनीति पुस्तिका के विमोचन के दौरान कही। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा बच्चों के बेहतर स्वास्थ्य एवं पोषण हेतु निरन्तर प्रयास किये जा रहे हैं। शासन द्वारा महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा प्रदेश के समस्त जिलों में पोषण अभियान अन्तर्गत विभिन्न विभागों से अभिसरण एवं समन्वय से एकीकृत पोषण प्रबंधन रणनीति तैयार की गई है, जिसके अंतर्गत बच्चों एवं गर्भवती महिलाओं के पोषण स्तर में सुधार एवं खून की कमी (एनीमिया) निवारण हेतु ग्राम स्तरीय एवं जिला स्तरीय स्वास्थ्य एवं पोषण कार्ययोजना जनसमुदाय के सहभागिता से तैयार की गई है। विभाग के साथ-साथ आमजनो, अभिभावकों एवं पालकों को भी इस अभियान में सफलता हेतु सक्रिय भूमिका निभानी होगी। इस दौरान खाद्य मंत्री द्वारा उपस्थित जन समुदाय को पोषण अभियान में सक्रिय सहभागिता निभाने की शपथ दिलाई गई। जिले में पोषण की वर्तमान स्थिति जिला कार्यक्रम अधिकारी विनोद परस्ते ने बताया कि राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वे 2015-16 के अनुसार जिले में जन्म से 05 वर्ष की आयु के बच्चों में कम वजन 40 प्रतिशत, ठिगनापन 33 प्रतिशत, अति गंभीर कुपोषण 13.9 प्रतिशत एवं खून की कमी (एनीमिया) 67.6 प्रतिशत है। वही 15 से 49 वर्ष की आयु वर्ग की किशोरियों एवं महिलाओं में खून की कमी (एनीमिया) 62.3 प्रतिशत है तथा जन्म के समय कम वजन (2500 ग्राम से कम) वाले बच्चे 7.7 प्रतिशत है। उन्होने बताया कि जिला पोषण प्रबंधन रणनीति के माध्यम से क्रमश: कम वजन 34 प्रतिशत, ठिगनापन 27.5 प्रतिशत, अति गंभीर कुपोषण बच्चों में खून की कमी 7.9 प्रतिशत, बच्चों में व्याप्त एनीमिया को 58.6 प्रतिशत, किशोरियो एवं महिलाओं में खून की कमी को 53.3 प्रतिशत तथा जन्म के समय कम वजन के दर में 5.7 प्रतिशत तक की कमी लाने हेतु वर्ष 2022 तक लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इस रणनीतिक प्रयास से शिशु मृत्यु दर एवं मातृ मृत्यु दर में प्रभावी कमी लाने के लिये विभिन्न विभागो के अभिरसण से तैयार की गई है। इस रणनीति का प्रभावी क्रियान्वयन जिले को सुपोषित जिला होने की ओर अग्रसर करेगा। बेटियों को ई-प्रमाण पत्र,मेधावी बालिकाओं को बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अंतर्गत किया पुरुष्कृत खाद्य मंत्री सिंह ने अनूपपुर वार्ड क्र. 3 की साक्षी राठोर, तमन्ना पनिका, वार्ड क्र.12 की नम्रता लाल, वार्ड-4 की अवनी खेमका एवं वार्ड-2 की श्रेया सोंधिया को लाडली लक्ष्मी योजनांतर्गत ई-प्रमाण पत्र वितरित किया। इसके साथ ही कक्षा 6 की छात्रा श्रुति मसीह एवं सुमेरा मंसूरी दोनो को 2-2 हजार रुपए तथा कक्षा 9 की छात्राओं अंजली राठोर, किरण यादव एवं रोशनी पनिका को 6-6 हजार रुपए की छात्रवृति लाडली लक्ष्मी योजनांतर्गत प्रदान की। इस दौरान आपके द्वारा मेधावी बालिकाओं कशिश खटवानी एवं अंकिता प्रजापति को बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजनांतर्गत 5-5 हजार रुपए की पुरुष्कार राशि का चेक प्रदान किया। हिन्दुस्थान समाचार/ राजेश शुक्ला-hindusthansamachar.in