सुबोध जैन के निलंबन के बाद गूंजा लॉकडाउन में फर्जी रसीदें काटने का मामला
सुबोध जैन के निलंबन के बाद गूंजा लॉकडाउन में फर्जी रसीदें काटने का मामला
मध्य-प्रदेश

सुबोध जैन के निलंबन के बाद गूंजा लॉकडाउन में फर्जी रसीदें काटने का मामला

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उज्जैन, 18 अक्टूबर (हि.स.)। नगर निगम में प्रतिनियुक्ति पर आने के बाद पहले भाजपा बोर्ड के और बाद में निगमायुक्त के विश्वसनीय बने सुबोध जैन को निगमायुक्त के प्रतिवेदन पर संभागायुक्त आनंदकुमार शर्मा ने निलंबित कर दिया। नगरीय प्रशासन विभाग से प्रतिनियुक्ति पर नगर निगम में आए श्री जैन का मूल पद नगर निगम में राजस्व अधिकारी का था, लेकिन वे जोड़तोड़ करके सहायक आयुक्त के पद तक पहुंच गए थे। जहरीली शराब मामले में जब उनके अधिनस्थ काम करने वाले सिकंदर और गब्बर के खिलाफ पुलिस प्राथमिकी दर्ज हुई तब भी निगमायुक्त ने इस ओर ध्यान नहीं दिया। ऐसे हुआ श्री जैन का निलंबन सूत्रों के अनुसार भोपाल स्तर के एक वरिष्ठ आयएएस ने जब निगमायुक्त को कहाकि इतने बड़े मामले में जब निगम अधिकारी का नाम सामने आया है। पुलिस पूछताछ में भी संबंधित का नाम सामने आने के दावे किए जा रहे हैं, तब निगम की छबि बचाने के लिए कुछ करें। सूत्र बताते हैं कि इसके बाद शनिवार अपरांह निगमायुक्त ने प्रतिवेदन संभागायुक्त को भेजा और शाम को शासकीय औपचारिकताएं पूरी करने के बाद सुबोध जैन को निलंबित कर दिया गया। पूरे लॉकडाउन अवधि की जांच हो शहर कांग्रेस के कार्यवाहक अध्यक्ष रवि राय ने हिस से चर्चा में आरोप लगाया कि निगम अधिकारी सुबोध जैन को शुरू से ही बचा रहे हैं। उन्होंने बताया कि कांग्रेस सरकार के दौरान सुबोध जैन को हटाने के अनेक प्रयास किए गए, लेकिन उन्हे अफसरशाही ने बचा लिया। भाजपा सरकार के दौरान भी यही हो रहा था। यदि यह मामला सामने नहीं आता तो सबकुछ पूर्ववत चलता रहता। उन्होंने मांग की कि संभागायुक्त प्रशासक होने के नाते सुबोध जैन-सिकंदर-गब्बर आदि की लॉकडाउन अवधि में किए गए कार्यो की जांच करे। फर्जी रसीद कट्टे के दोषियों को सामने लाएं। हिन्दुस्थान समाचार/ललित/राजू-hindusthansamachar.in