साहूकारी अधिनियम में संशोधन के पूर्व सर्राफा व्यापारियों से चर्चा की मांग
साहूकारी अधिनियम में संशोधन के पूर्व सर्राफा व्यापारियों से चर्चा की मांग
मध्य-प्रदेश

साहूकारी अधिनियम में संशोधन के पूर्व सर्राफा व्यापारियों से चर्चा की मांग

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रतलाम, 23 जुलाई (हि.स.)। सर्राफा एसोसिएशन ने गुरुवार को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन देकर साहूकारी अधिनियम में संशोधन के पूर्व सर्राफा व्यवसायियों से चर्चा करने का आग्रह किया है। इस संबंध में सर्राफा एसोसिएशन के अध्यक्ष झमक भरगट, कोषाध्यक्ष संजय छाजेड़, उपाध्यक्ष विशाल डांगी, सचिव रामबाबू टंच, सहसचिव ज्ञानचंद जैन, रवि मोठिया, विनोद मूणत ने कलेक्टर के प्रतिनिधि को ज्ञापन दिया। ज्ञापन में बताया कि सदियों से सर्राफा व्यापारी एवं ग्रामीण आदिवासियों के मध्य एक पवित्र व्यवसायिक रिश्ता चला आ रहा है। आर्थिक सुरक्षा की दृष्टि से चांदी-सौने के गहने वे खरीदते है एवं आवश्यकता पडऩे पर गहने गिरवी रखकर अपनी रोजमर्रा की जरूरत की पूर्ति करते है। इस व्यवसाय से सरकार को जीएसटी की आय भी होती है। पूर्व में भी मुख्यमंत्री ने 2011 में तराना में सर्राफा व्यवसायियों को आश्वस्त किया था कि आप डेढ़-दो प्रतिशत पर गहने गिरवी रखकर निर्भिक होकर व्यापार कर सकते है। ज्ञापन में बताया गया कि शासन अधिक ब्याज वसूलने वालों एवं जमीन गिरवी रखने वाले सुदखोरों पर जो ग्रामीण को लूट रहे है उन पर सख्त कार्रवाई करे और जो ईमानदारी से व्यापार कर रहे है उन लोगों को राहत प्रदान करे। यदि बिना सोचे-समझे मनमाना कानून बना दिया गया तो गरीब ग्रामीण जनता को परेशानी उठानी पड़ेगी और वे ग्रामीण आदिवासी गहने बेचने को मजबूर होंगे तो फिर भविष्य में वे कभी नहीं बना सकेंगे। हिन्दुस्थान समाचार/ शरद जोशी-hindusthansamachar.in