सरपंच-सचिव रोजगार देने की वजाए दे रहे धमकी
सरपंच-सचिव रोजगार देने की वजाए दे रहे धमकी
मध्य-प्रदेश

सरपंच-सचिव रोजगार देने की वजाए दे रहे धमकी

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गुना, 17 जुलाई (हि.स.)। सरकार लॉक डाउन की मार झेल रहे स्थानीय व प्रवासी मजदूरों को मनरेगा के तहत रोजगार दिलाने की बात कह रही है, लेकिन प्रशासनिक उदासीनता के कारण एक बड़ा वर्ग आज भी सरकार की जनहितैषी योजनाओं से पूरी तरह से वंचित बना हुआ है। उसे न तो स्थानीय स्तर पर रोजगार मिल पा रहा है और न ही शासन से मिलने वाली कोई आर्थिक मदद। जिसके कारण इस वर्ग के लोगों के समक्ष भूखे मरने की स्थिति पैदा हो गई है। ताजा मामला जिले की चांचौड़ा जनपद के ग्राम मोतीपुरा, आवास, मंजरा ऊंची बरड़ी, कैकड़ी वीरान का सामने आया है। यहां रहने वाले बंजारा समाज के लोगों ने बताया कि हमारे क्षेत्र में पथरीली सूखी जमीन है। जहां खेती करना संभव नहीं है। हमारा मूल धंधा मजदूरी करना है। ग्राम पंचायत कैकड़ी वीरान के सरपंच व सचिव से जब मजदूरी मांगते हैं तो वे रोजगार देने के वजाए अभद्रता करते हुए डराते धमकाते हैं। इसी वजह से हम सभी को रोजगार के लिए दूसरे राज्य राजस्थान के लिए पलायन करना पड़ता है, लेकिन इस बार कोरोना महामारी के चलते वहां नहीं जा पा रहे हैं। कोरोना की वजह से ही उन्हें बीते माह जयपुर, कोटा, झालाबाड़ से पैदल भूखे ही लौटना पड़ा है। बंजारा समाज के लोगों ने एक जुलाई को रोजगार दिलाने की मांग को लेकर सीईओ जनपद गुना को आवेदन दिया था। जिसके बाद 7 जुलाई को सचिव धन्नालाल शिवहरे हमारे गांव आया तो हमने उसे भी आवेदन दिया। जवाब में उसने कहा कि मजदूरी करोगे तो तुम्हें 150 रुपए मिलेंगे व भुगतान तीन माह बाद ही मिलेगा। सचिव ने कहा कि तुम नेतागिरी कर रहे हो इसलिए तुम्हें रोजगार नहीं मिलेगा। यह कहकर आवेदन फेंक दिया - ग्रामीणों ने सचिव पर यह भी लगाए आरोप सचिव ने कहने के बाद भी हमारा जॉब कार्ड नहीं बनाया। हमारे नाम से फर्जी मजदूरी भी निकाल ली। हमारे घरों में अनाज नहीं है। गांव में निवास करने वाले 40 से अधिक परिवारों के पास राशन कार्ड नहीं हैं। पंचायत द्वारा किसी भी परिवार के लिए राशन पानी की कोई व्यवस्था नहीं की है। - कभी भी हो सकते हैं बड़े हादसे का शिकार सरकार की तमाम जनहितैषी योजनाएं लागू होने के बावजूद बंजारा समुदाय के लोग आज भी मुख्य धारा से कटे हुए हैं। उनके पास न रहने को घर है और न ही रोजगार का साधन। जिला मुख्यालय पर बंजारा समाज के कई परिवार कैंट रोड पर पिछले कई सालों से पेड़ों के नीचे निवास कर रहे हैंं। जो कभी भी बड़े हादसे का शिकार हो सकते हैं, क्योंकि यह परिवार जिन पेड़़ों के नीचे टपरिया बनाकर रह रहे हैं, वह पेड़ वर्षों पुराने हैंं। हाल ही में इसी इलाके में कई बड़े पेड़ जमींदोज हो चुके हैं। वहीं दूसरा खतरा इन परिवार के बच्चों के समक्ष मंडरा रहा है, क्योंकि छोटे छोटे बच्चे सडक़ किनारे ही खाना खाते हैं व खेलते हैं, जबकि इस मार्ग पर पूरे समय बस, ट्रक, ट्रेक्टर ट्रॉली से लेकर बड़े टैंकरों की आवाजाही बनी रहती है। वहीं तीसरी समस्या शौचालय की है। इन परिवारों के पास शौचालय की कोई व्यवस्था नहीं है। इसलिए मजबूरीवश पूरा परिवार अल सुबह व देर रात खुले में ही शौच जाता है। जिससे आसपास खाली पड़े प्लाटों में गंदगी फैल रही है। वहीं चौथी समस्या इन परिवारों के पास रोजगार का अभाव है। इनके पास राशन कार्ड न होने से राशन के लाभ से भी वंचित बने हुए हैं। हिन्दुस्थान समाचार / अभिषेक/ राजू-hindusthansamachar.in