सड़क दुर्घटना में पीडि़तों की मंगलकामना के लिए ब्रह्माकुमारी संस्थान ने मनाया विश्व यादगार दिवस
सड़क दुर्घटना में पीडि़तों की मंगलकामना के लिए ब्रह्माकुमारी संस्थान ने मनाया विश्व यादगार दिवस
मध्य-प्रदेश

सड़क दुर्घटना में पीडि़तों की मंगलकामना के लिए ब्रह्माकुमारी संस्थान ने मनाया विश्व यादगार दिवस

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रतलाम, 22 नवम्बर (हि.स.)। प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय डोंगरे नगर सेवाकेंद्र पर यातायात एवं परिवहन प्रभाग द्वारा सड़क दुर्घटना में जान गवाने वाली आत्माओं को श्रंद्धाजलि देने, उनके संतप्त परिवार के प्रति संवेदना रखते हुए उन्हें आध्यात्मिक शक्ति देते हुए मानसिक रूप से सशक्त करने के उद्देश्य से रविवार को विश्व यादगार दिवस बनाया गया। इस दौरान सीएसपी हेमंत चौहान ने ट्रैफिक नियमों का पालन के संबंध में जानकारी दी तथा अपने अनुभवों के आधार पर बहुत ही सारगर्भित ढंग से अपनी बात रखी। उन्होंने बताया कि शराब आदि का सेवन कर गाड़ी नही चलाना तथा ट्रेफिक नियमों का पूर्ण पालन करना जरूरी हैं। सेवाकेंद्र संचालिका ब्रह्माकुमारी सविता दीदी ने आध्यात्मिकता ने कहा कि दिनों दिन सड़क दुर्घटनाएं बढ़ रही हैं, उसका कारण है जल्दबाजी। आज मनुष्य अपनी मंजिल पर जल्दी पहुंचना चाहता है। इस कारण वाहन से ज्यादा उसका मन भागता है, आज वाहन की गति मापने का मीटर तो है, लेकिन मन का किसी के पास नहीं है, इसलिए आज प्रत्येक व्यक्ति को भाग रहे मन को मापने के लिए तीन टेबलेट अवश्य खानी चाहिए वह है - धीरज,शांति और प्रेम रूपी टेबलेट। अपनी मंजिल पर धैर्यता से पहुँचो, क्योंकि देरी से पहुँचने का कारण तो बता सकते हो, परन्तु किसी दुर्घटना के कारण मंजिल पर नहीं पहुंच पाए तो उसका कारण नहीं बतला सकते। उन्होंने कहा कि आज का मनुष्य व्यसन एवं विकार से ग्रसित होने के कारण उसका मन तेजी से दौड़ रहा है, इसलिए सकारात्मक सोच खत्म होते जा रही है,वाहन से पहले अपने मन को कंट्रोल करना चाहिए कहा जाता है मानव एक मुसाफिर हैं उसे परमात्मा की ओर से शरीर रूपी वाहन गिफ्ट के रूप में मिला हुआ हैं।जिस प्रकार ड्राइवर अपनी गाड़ी को जहाँ चाहे कंट्रोल कर सकता है परंतु वही ड्राइवर यदि स्वयं को गाड़ी समझ ले तो वह अनकंट्रोल हो जाता है। इसी प्रकार आत्मा इस शरीर रूपी गाड़ी को शरीर समझ लिया तो हमारा मन कंट्रोल के बाहर होते जा रहा है। आज आवश्यकता हैं आध्यात्मिकता के द्वारा हम अपने मन की कंट्रोल करना सीखें। एकाग्रता हटी दुर्घटना घटी माउंट आबू से पधारे भ्राता पुरुषोत्तम भाई ने कहा कि परमपिता परमात्मा की याद में गाड़ी चलाते है तो अवश्य ही दुर्घटना से बचा जा सकता है। एकाग्रता भंग होने के कारण ही दुर्घटना हो जाती है हैं कहा जाता हैं एकाग्रता हटी दुर्घटना घटी। आवश्यकता है अपने ऊपर संयम रखने की। तो आइये आज इस कार्यक्रम के माध्यम से जो हमारे बीच से चले गये हैं उनके प्रति सच्ची मित्रता रखें तभी उनकी आत्मा को शांति मिलेगी । साथ ही पुलिस विभाग के कर्मचरियों का भी पूर्ण रूप से सहयोग करें। ब्रह्माकुमारी आरती दीदी द्वारा उपस्थित जानो में राजयोग के माध्यम से मानस पटल पर सुरक्षित सड़क व्यवस्था का दृश्य निर्मित कर शुद्ध भावनाओं की शक्ति का बायब्रेशन फैलाया। हिन्दुस्थान समाचार/ शरद जोशी-hindusthansamachar.in