श्री पशुपतिनाथ अतिथि गृह को लेकर भेदभाव की शिकायत
श्री पशुपतिनाथ अतिथि गृह को लेकर भेदभाव की शिकायत
मध्य-प्रदेश

श्री पशुपतिनाथ अतिथि गृह को लेकर भेदभाव की शिकायत

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मन्दसौर, 20 दिसम्बर (हि.स.)। सामाजिक कार्यकर्ता शैलेन्द्र गोस्वामी ने रविवार को कलेक्टर एवं पशुपतिनाथ मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष मनोज पुष्प के नाम ज्ञापन देकर श्री पशुपतिनाथ अतिथि गृह प्रदान करने में किये जा रहे भेदभाव की शिकायत की गई। शैलेन्द्र गोस्वामी ने कहा कि श्री पशुपतिनाथ अतिथि गृह जिसमें भाजपा पार्टी के तीन दिवसीय सम्मेलन के लिये उपलब्ध कराया गया है जिसमें भारत सरकार एवं मध्यप्रदेश सरकार की कोविड-19 गाईडलाईन का पालन नहीं करते हुए भाजपा को तीन दिन के लिये उक्त परिसर दे दिया गया लेकिन क्षेत्र के निवासियों को मांगलिक कार्यक्रमों व दर्शनार्थियों को कोविड-19 का हवाला देकर अतिथि गृह नहीं दिया जा रहा है। जिससे स्पष्ट होता है कि मंदिर समिति सत्ताधारी पार्टी के दबाव में आकर मनमाने तरीके से भेदभाव करके नियमों की अवहेलना कर रही है। गोस्वामी ने कहा कि पशुपतिनाथ मंदिर की सम्पत्ति किसी विशेष पार्टी की नहीं होकर जनता की व भक्तों की सम्पत्ति है जिस पर सभी का समान अधिकार है और कोविड-19 के नियम भी सभी के लिये बराबर है। लेकिन मंदिर प्रबंध समिति से क्षेत्र के निवासियों ने मांगलिक कार्यक्रम हेतु व दर्शनार्थियों हेतु छः माह पूर्व अतिथि गृह बुक कराकर रसीद कटवाई थी लेकिन उनको कोविड-19 का हवाला देकर रसीद को केंसल कर दिया। रोजाना भगवान श्री पशुपतिनाथ के दर्शन के लिये पधार रहे दर्शनार्थियों को भी अतिथि गृह में जगह नहीं दी जा रही है। जिससे दर्शनार्थी यहां-वहां अपना बसेरा करते है। एक तरफ दर्शनार्थियों को कड़कड़ाती सर्दी में खुले में मंदिर परिसर में रूकने हेतु मजबूर होना पड़ रहा है व दूसरी और भारत सरकार व प्रदेश सरकार द्वारा जारी कोविड-19 के नियमों के विपरित जाकर भाजपा के सम्मेलन हेतु तीन दिन के लिये उपलब्ध कराया जा रहा है। ऐसा कृत्य करते समय समिति प्रबंधक को विचार करना चाहिए कि वे कोरोना को बढ़ा रहे है या घटा रहे है। हिन्दुस्थान समाचार / अशोक झलौया-hindusthansamachar.in