श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र न्यास के निधि समर्पण के लिए मध्‍य भारत में बनाए गए 213 प्रखण्‍ड प्रमुख
श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र न्यास के निधि समर्पण के लिए मध्‍य भारत में बनाए गए 213 प्रखण्‍ड प्रमुख
मध्य-प्रदेश

श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र न्यास के निधि समर्पण के लिए मध्‍य भारत में बनाए गए 213 प्रखण्‍ड प्रमुख

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भोपाल, 23 दिसम्बर (हि.स.)। अयोध्या में भव्य श्रीराम भव्य मंदिर निर्माण करने के लिए मध्य भारत प्रान्त में श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र न्यास के निधि समर्पण प्रांत योजना के तहत तैयारियों में अब तक 213 प्रखण्डों के प्रमुख तय कर दिए गए हैं। जिसमें कि अभियान प्रमुख, सह अभियान प्रमुख व निधि प्रमुख बनाए गए हैं। सभी ने निधि संकलन के लिए सूची तैयार करने के साथ ही 15 जनवरी से घर-घर जाने से पूर्व ही मौखित सूचनात्मक दृष्टि से अपना कार्य आरंभ कर दिया है। वैसे इन सभी को केंद्र से आयी योजनानुसार 3-4 की सदस्य संख्या में टोली बनाकर 15 जनवरी 2021 में निधि संग्रह के कार्य में जुटना था। इस संबंध में निधि समर्पण मध्य भारत के प्रान्त अभियान प्रमुख बृजेश सिंह चौहान ने बताया है कि हमारी योजनानुसार अभी मध्य भारत प्रांत को हमने 213 प्रखण्डों में बांटा है। एक प्रखण्ड या खण्ड में कुल 80 से 100 तक ग्राम संख्या आती है। इन सभी में अब तक 195 प्रखण्डों में प्रमुख पदाधिकारी तय होने के बाद से विधिवत बैठके शुरू कर दी गई हैं। इसके अलावा अन्य में इसे लेकर निरंतर कार्य का सिलसिला जारी है। उन्होंने बताया कि इसके साथ ही हमारे संगठन में 10 हजार की आबादी या इससे कुछ ऊपर की जनसंख्या रखनेवाले शहरों व कस्बों को मण्डल/बस्ती (ग्रामीण में मण्डल और नगरीय रचना में बस्ती) माना गया है। सभी शासकीय जिला केंद्र की दृष्टि से बात करें तो विदिशा में शतप्रतिशत काम इस दिशा में पूरा कर लिया गया है। उन्होंने कहा कि केंद्र से रसीद बुक आ चुकी हैं। जिसमें 10 रुपये व 1 हजार रुपये के कूपन व प्रभू श्रीराम के रंगीन चित्र के साथ मंदिर की संरचना हम तक पहुंच चुकी है । अब इनका नीचे ग्राम स्तर तक पहुंचाने का कार्य तेजी के साथ किया जा रहा है। हर खण्ड में अभियान प्रमुख, सह अभियान प्रमुख और निधि प्रमुख बनाए गए हैं। जोकि अपने नीचे के स्तर पर समितियां गठित करने का काम कर रहे हैं, आगे 28 दिसम्बर तक कार्य पूरा कर लिया जाएगा। उनका कहना यह भी था कि मध्य भारत में अभी शहरी क्षेत्रों की 520 बस्तियों में और ग्रामीण क्षेत्र में 1528 मण्डल अभी कार्य कर रहे हैं। अब तक राशि संकलन की कार्य योजना में प्रांत में 50 प्रतिशत कार्य पूरा कर लिया गया है, जोकि ग्रामीण इकाई तक का है। श्रीराम भक्तों में निधि संग्रह के लिए सूची बनाकर समर्पण राशि के लिए बातचीत अपने-अपने स्तर पर कई जगह शुरू भी कर दी है। उन्होंने कहा कि हमारी कोशिश रहेगी कि मध्य भारत प्रांत देश में सबसे अधिक धनराशि प्रभू श्रीराम के भव्य मंदिर निर्माण के लिए निधि समर्पण के रूप में संग्रह करने में सफल हो सके, इसी के लिए ये सारी योजना-रचना है । हिन्दुस्थान समाचार/डॉ. मयंक चतुर्वेदी-hindusthansamachar.in