शहर के राठी, संजीवनी और पाढर अस्पताल में भी होगा कोरोना मरीजों का उपचार
शहर के राठी, संजीवनी और पाढर अस्पताल में भी होगा कोरोना मरीजों का उपचार
मध्य-प्रदेश

शहर के राठी, संजीवनी और पाढर अस्पताल में भी होगा कोरोना मरीजों का उपचार

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बैतूल, 16 सितम्बर (हि.स.)। जिले में कोरोना संक्रमण से हालात बेकाबू होने और लगातार मरीजों की संख्या बढऩे के बाद जिले के तीन प्रायवेट अस्पतालों में अगले 2-3 दिनों में कोरोना मरीजों का उपचार शुरू हो जाएगा। इनमें शहर के संजीवनी अस्पताल, राठी अस्पताल और जिले के सबसे बड़े प्रायवेट हास्पीटल पाढर अस्पताल में कोरोना मरीजों का उपचार शुरू होगा। इन अस्पताल में कोरोना मरीज सीधे पहुंचकर भी उपचार करवा सकेंगे, जिसमें आयुष्मान कार्डधारी मरीज का उपचार नि:शुल्क होगा। वहीं जिनके पास आयुष्मान कार्ड नहीं है वे अस्पताल में भुगतान कर अपना इलाज करवा सकेंगे। इन अस्पतालों में पाढर अस्पताल में 40, राठी अस्पताल में 6 और संजीवनी अस्पताल में 4 बेड कोरोना मरीजों के लिए रिजर्व कर दिए हैं। जिले में कोरोना संक्रमितों की संख्या में हो रही बेहताशा वृद्धि और सक्रिय मरीजों की संख्या लगातार बढऩे से अब कोरोना मरीजों के उपचार के लिए निजी अस्पतालों की मदद ली जा रही है। जिले में वर्तमान में कोरोना मरीजों के लिए सभी ब्लाक मुख्यालयों के साथ ही बैतूल शहर एवं सेहरा पीएससी में कोविड केयर सेंटर बनाए गए हैं। इन जिले के 12 कोविड केयर सेंटर में लगभग 360 मरीजों के रखने की व्यवस्था है। जिसमें सामान्य मरीजों को रखा जाता है। वहीं बिना लक्षण वाले संक्रमित मरीजों को घरेलू एकांतवास में भी रखा जा रहा है, लेकिन गंभीर मरीजों को जिला अस्पताल स्थित कोरोना वार्ड में भर्ती किया जा रहा है। वहीं गंभीर मरीज को भोपाल रेफर किया जा रहा है। 50 बेड रिजर्व सूत्रों के अनुसार जिला अस्पताल स्थित कोरोना वार्ड पूरा भर चुका है। इसके बाद जिले के तीन प्रायवेट अस्पताल जहां आयुष्मान कार्डधारी मरीजों का उपचार होता है, उनमें कोरोना मरीजों का उपचार करने व्यवस्था की जा रही है। सीएमएचओ डॉ. प्रदीप धाकड़ ने बुधवार को इसकी जानकारी देते हुए बताया कि पाढर में 40, राठी अस्पताल में 6 और संजीवनी अस्पताल में 4 बेड कोरोना मरीजों के लिए रिजर्व किए गए हैं। इन अस्पतालों में कोरोना मरीजों का उपचार अगले एक-दो दिनों में शुरू हो जाएगा। सीधे अस्पताल जा सकते हैं मरीज सीएमएचओ डॉ. धाकड़ ने बताया कि इन अस्पतालों में मरीज सीधे भी जाकर भर्ती हो सकते हैं। जहां आयुष्मान कार्डधारी मरीजों का उपचार नि:शुल्क होगा। इसका भुगतान सरकार करेगी। वहीं जिनके पास आयुष्मान कार्ड नहीं है वे मरीज अस्पताल में भुगतान कर अपना इलाज करवा सकेंगे। जिले के निजी अस्पतालों में कोरोना मरीजों का उपचार शुरू होने से जिले वासियों को राहत मिलेगी। हिन्दुस्थान समाचार / विवेक / मुकेश-hindusthansamachar.in