वृद्धाश्रम में नहीं पहुंच रहे डॉक्टर, आयोग ने लिया संज्ञान
वृद्धाश्रम में नहीं पहुंच रहे डॉक्टर, आयोग ने लिया संज्ञान
मध्य-प्रदेश

वृद्धाश्रम में नहीं पहुंच रहे डॉक्टर, आयोग ने लिया संज्ञान

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भोपाल, 10 सितम्बर (हि.स.)। मध्यप्रदेश मानव अधिकार आयोग ने सिवनी जिले में डॉक्टर के आने से बीमार बुजुर्गों के परेशान होने पर संज्ञान लिया है। आयोग ने इस मामले में कलेक्टर तथा मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, सिवनी से चार सप्ताह में प्रतिवेदन मांगा है। मानव अधिकार आयोग से प्राप्त जानकारी के अनुसार सिवनी जिले में डीईओ आफिस के पास संचालित वृद्धाश्रम में रह रहे बीमार बुजुर्ग भगवान भरोसे दिन काट रहे हैं। वहां नियमित भोजन व अन्य सुविधाएं तो बढ़िया मिल रही हैं, लेकिन इलाज के लिये डॉक्टर महिनों से नहीं पहुंचे हैं। ऐसे में बुर्जुगों का मर्ज और बढ़ रहा है। इधर जिम्मेदार अधिकारी इस ओर ध्यान नहीं दे रहे है। यहां रहे रहे बुजुर्गों ने चर्चा के दौरान बताया कि करीब दो माह पहले अस्पताल में पदस्थ डॉ. काकोड़िया आये थे। लॉकडाउन के पहले माह में एक दो बार डॉक्टर आते थे। कोरोना संक्रमण के कारण डॉक्टर चेक-अप करने नहीं आ रहे हैं। पूर्व में भी डॉक्टर आते थे, तो सिर्फ बीपी चेक कर चले जाते थे। समय पर इलाज नहीं मिलने के कारण बीमार बुजुर्गों को तकलीफों का सामना करना पड़ रहा है। सामाजिक न्याय विभाग द्वारा संचालित इस वद्धाश्रम में 10 पुरुष व 15 महिलाएं रह रही हैं। इनमें से 90 फीसदी बुजुर्ग गंभीर बीमारियों से ग्रसित हैं। किसी को हार्ट, किसी को शुगर तो किसी को लकवा की बीमारी ने जकड़ रखा है। इसके अलावा शुगर, साइटिका, श्वांस (दमा) व टीबी की बीमारी है। इन बीमारियों की नियमित जांच होना जरूरी है। साथ ही समय पर दवाईयां मिलना भी जरूरी हैं। इसके विपरीत वृद्धाश्रम के बुजुर्गों को न तो समय पर इलाज मिल रहा है और न ही दवाईयां मिल रहीं है। आश्रम में रह रहे 65 साल के राजमणी कुशवाहा को शरीर के आधे भाग में लकवा व शुगर के साथ हार्ट की बीमारी है। वहीं 70 साल के केशव बघेल साइटिका, शिवचरण किरार को श्वांस, 86 साल के देवीप्रसाद ठाकरे लगातार खांसी चलने की बीमारी से पीड़ित हैं। हिन्दुस्थान समाचार/केशव दुबे-hindusthansamachar.in