रेलवे मेन्स फैडरेशन ने 22 को देशभर में रेल का चक्का जाम की घोषणा
रेलवे मेन्स फैडरेशन ने 22 को देशभर में रेल का चक्का जाम की घोषणा
मध्य-प्रदेश

रेलवे मेन्स फैडरेशन ने 22 को देशभर में रेल का चक्का जाम की घोषणा

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रतलाम, 17 अक्टूबर (हि.स.)। आँल इंडिया रेलवे मेन्स फैडरेशन की स्टैंडिग कमेटी की बैठक में बोनस के लिए महत्वपूर्ण प्रस्ताव रखा गया है, जिसमें कहा गया है कि अगर 21 अक्टूबर तक बोनस का ऐलान नहीं किया गया तो 22 अक्टूबर को रेल का चक्का जाम किया जाएगा। इसके अलावा 20 अक्टूबर को देशभर में बोनस दिवस मनाते हुए धरना - प्रदर्शन किया जाएगा। फैडरेशन के महामंत्री शिवगोपाल मिश्रा ने शनिवार को इसकी जानकारी देते हुए बताया कि कार्यकारी अध्यक्ष एन कन्हैया की अध्यक्षता में दिल्ली में हुई बैठक में बोनस, निजीकरण, निगमीकरण, पुरानी पेंशन की बहाली, डीए, नाइट ड्यूटी एलाउंस, एक्ट अप्रैंटिस के समायोजन, सैल्यूट और मान्यता के चुनाव समेत तमाम मुद्दों पर चर्चा हुई। बैठक में बताया कि इन तमाम मुद्दों पर लगातार रेलमंत्री, बोर्ड के सीईओ समेत सरकार के विभिन्न मंत्रियों और सचिवों से बात हो रही है। बातचीत में तो हर मंत्री और अफसर फैडरेशन की मांग का समर्थन करते है, लेकिन आदेश जारी नहीं हो रहा है, इससे कर्मचारियों में भारी आक्रोश है। महामंत्री मिश्रा ने कहा कि फिलहाल ये सब अधिक दिन तक चलने वाला नहीं है। बैठक में तय किया गया कि 20 अक्टूबर को देश भर में बोनस डे मनाया जाएगा, इस दौरान शाखा से लेकर जोन स्तर पर धरना, प्रदर्शन,रैली का आयोजन किया जाएगा। इसके साथ ही सरकार को 21 अक्टूबर तक का समय दिया गया है, इस दौरान अगर बोनस का ऐलान नहीं किया गया तो 22 अक्टूबर को सीधी कार्रवाई करते हुए रेल का चक्का जाम कर दिया जाएगा। महामंत्री ने कहाकि बोनस हमारा हक है और उत्पादकता पर आधारित बोनस है, मतलब साफ है कि रेल कर्मचारियों ने इसे अपनी मेहनत से कमाया है। मिश्रा ने कहा कि एक ओर जब रेलकर्मचारी कोरोना महामारी के बीच ट्रेनों का संचालन कर प्रवासी मजदूरों को उनके घर पहुंचाने का काम कर रहे थे, कोशिश कर रहे थे कि देश के किसी कोने में आवश्यक उपभोक्ता वस्तुओं की कमी न होने दे, उस वक्त सरकार रेल बेचने का सौदा कर रही थी। कुल 109 चुनिंदा रेल मार्गों पर 151 ट्रेनों का संचालन प्राईवेट आँपरेटर को देने का काम किया जा रहा था। इतना ही नहीं उत्पादन इकाइयों के निगमीकरण की साजिश चल रही थी। महामंत्री ने नाराजगी जाहिर की और कहा कि फैडरेशन ने फैसला किया है कि देश के सभी 7600 रेलवे स्टेशनों पर रेल बचाओ, देश बचाओ अभियान समितियों का गठन कर लोगों को रेल के निजीकरण के प्रति जागरूक किया जाए। हिन्दुस्थान समाचार/ शरद जोशी-hindusthansamachar.in