राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा कार्यक्रम में लापरवाही पर पीसीओ व छह पंचायत सचिव निलंबित
राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा कार्यक्रम में लापरवाही पर पीसीओ व छह पंचायत सचिव निलंबित
मध्य-प्रदेश

राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा कार्यक्रम में लापरवाही पर पीसीओ व छह पंचायत सचिव निलंबित

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सीधी, 10 सितम्बर (हि.स.)। कलेक्टर रवीन्द्र कुमार चौधरी द्वारा राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा कार्यक्रम अंतर्गत पात्र हितग्राहियों की आधार सीडिंग एवं 14वें वित्त आयोग की वित्तीय एवं भौतिक प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गयी। इन कार्यों में गंभीर लापरवाही एवं स्वेच्छा चारिता पाए जाने पर एक पंचायत समन्वयक अधिकारी तथा छ: पंचायत सचिवों को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है। इसके साथ ही एक पंचायत समन्वयक अधिकारी को दो वेतनवृद्धि असंचयी प्रभाव से रोकने तथा एक संविदा उपयंत्री (मनरेगा) की संविदा समाप्ति के लिए कारण बताओ सूचना पत्र जारी किया गया है। कलेक्टर चौधरी ने गुरुवार को इस संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा कार्यक्रम अंतर्गत पात्र हितग्राहियों की आधार सीडिंग एवं 14वें वित्त आयोग की वित्तीय एवं भौतिक प्रगति में लापरवाही पर पंचायत समन्वयक अधिकारी इन्द्रजीत पटेल, ग्राम पंचायत भाठा के सचिव सूर्यप्रताप सिंह, ग्राम पंचायत पटेहरा के सचिव भूपेन्द्र साकेत, ग्राम पंचायत विशुनी टोला के सचिव बाल्मीक यादव, ग्राम पंचायत कंजवार के सचिव बहादुर सिंह, ग्राम पंचायत नेबूहा के सचिव ज्ञानेन्द्र सिंह और ग्राम पंचायत खंतरा के सचिव रामकरण साहू को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है। इसके साथ ही पंचायत समन्वयक अधिकारी अर्जुन प्रसाद त्रिपाठी को 02 वार्षिक वेतन वृद्धियां असंचयी प्रभाव से रोकने तथा संविदा उपयंत्री (मनरेगा) प्रकाश सिंह की संविदा समाप्ति का कारण बताओ सूचना पत्र जारी किया गया है। कलेक्टर ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया है कि राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा कार्यक्रम अंतर्गत सभी हितग्राहियों के आधार सीडिंग की कार्यवाही पूर्ण कर नवीन खाद्यान्न पर्ची जारी करने एवं मृत तथा डुप्लीकेट व्यक्तियों के नाम विलोपित करने की कार्यवाही निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण करना सुनिश्चित करें। इसके साथ ही 14वें वित्त आयोग द्वारा निर्धारित वित्तीय एवं भौतिक लक्ष्यों की प्राप्ति निर्धारित समय-सीमा में प्राप्त की जाए। उन्होंने स्पष्ट किया है कि उक्त कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही या उदासीनता स्वीकार्य नहीं है। कार्यक्रम के क्रियान्वयन में स्वेच्छाचारिता पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों के विरूद्ध कठोर अनुशासनात्मक कार्यवाही की जाएगी। हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश/राजू-hindusthansamachar.in