मुख्यमंत्री ने किया पोषण महोत्सव का शुभारंभ, आठ लाख बच्चों को दूध वितरण आरंभ
मुख्यमंत्री ने किया पोषण महोत्सव का शुभारंभ, आठ लाख बच्चों को दूध वितरण आरंभ
मध्य-प्रदेश

मुख्यमंत्री ने किया पोषण महोत्सव का शुभारंभ, आठ लाख बच्चों को दूध वितरण आरंभ

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साढ़े तीन लाख से अधिक बच्चों को 75.55 करोड़ रुपये अंतरित, 601 आंगनवाडिय़ों का लोकार्पण भोपाल, 17 सितम्बर (हि.स.)। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के जन्मदिवस के अवसर पर प्रदेश में 8 लाख बच्चों को दूध वितरण आरंभ कर राज्यव्यापी पोषण महोत्सव का शुभारंभ किया। इस दौरान उन्होंने लाड़ली लक्ष्मी योजना की 3 लाख 56 हजार 443 बालिकाओं को 75 करोड़ 55 लाख रुपये की राशि सिंगल क्लिक से उनके खाते में अंतरित की। मुख्यमंत्री ने सुपोषित प्रदेश के निर्माण के लिये राज्य स्तरीय पोषण प्रबंधन रणनीति जारी करते हुए प्रदेशवासियों को पोषण संकल्प दिलाया, साथ ही राज्य की 601 नवीन आंगनवाड़ी भवनों का लोकार्पण भी किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि केवल प्रदेश ही नहीं पूरे देश के लिये आनंद और प्रसन्नता का अवसर है कि लोकप्रिय जननायक और देशवासियों की आशा के केन्द्र हमारे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का आज जन्मदिवस है। उन्होंने प्रदेश की 8 करोड़ जनता की ओर से प्रधानमंत्री को जन्मदिन की हार्दिक बधाई और शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि नरेन्द्र मोदी ने निर्धन, निराश्रित, कमजोर की सेवा को अपना संकल्प बनाया है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी भारत के लिये भगवान का वरदान हैं। उनके जन्मदिवस से प्रदेश में गरीबों के कल्याण के लिये अनेक कार्यक्रम आरंभ किये जा रहे हैं। आगामी संपूर्ण सप्ताह गरीब कल्याण सप्ताह के रूप में मनाया जाएगा। मुख्यमंत्री ने गुरुवार को मंत्रालय से गरीब कल्याण सप्ताह का शुभारंभ राज्यव्यापी पोषण महोत्सव से किया। पोषण महोत्सव 97 हजार से अधिक आंगनवाड़ी केन्द्रों पर एक साथ मनाया गया। प्रदेश की 23 हजार 922 ग्राम पंचायत मुख्यालयों, 378 नगरीय निकायों के 6 हजार से अधिक वार्डों, 313 जनपद पंचायतों और जिला मुख्यालयों पर कार्यक्रम आयोजित किए गए। ग्राम पंचायतों में ग्रामों की पोषण प्रबंधन रणनीति और वार्डों में वार्ड की पोषण प्रबंधन रणनीति जारी की गई। वर्चुअल आधार पर आधारित इस कार्यक्रम का प्रसारण दूरदर्शन सहित सभी प्रमुख चैनलों पर किया गया। इसके साथ ही ट्वीटर, फेसबुक तथा बेवकास्ट से भी बड़ी संख्या में लोग कार्यक्रम से जुड़े। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी गौरवशाली, शक्तिशाली और वैभवशाली भारत के निर्माता हैं। उन्होंने जो भी कार्य किया वह पूरी तन्मयता और दूरदृष्टि के साथ किया। देश की सीमाओं की रक्षा हो, आत्मनिर्भर भारत के निर्माण की संकल्पना हो या गरीबों के कल्याण और विकास के लिये चलायी जाने वाली योजनाएँ, प्रधानमंत्री मोदी की दक्ष नेतृत्व क्षमता हर गतिविधि में परिलक्षित होती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि गरीबों की चिंता करने वाले ऐसे यशस्वी प्रधानमंत्री के जन्मदिन से राज्य सरकार ने गरीब कल्याण सप्ताह के अंतर्गत जन-जन की भलाई के कार्यक्रम संचालित करने का निर्णय लिया है। अब पोषण सरकार - आंगनवाड़ी में होंगे पोषण मटके मुख्यमंत्री ने कहा कि पोषण प्रबंधन रणनीति के माध्यम से पोषण सरकार पर कार्य करना आरंभ किया जा रहा है। हमारा यह मानना है कि कुपोषण मुक्ति की लड़ाई में समाज का साथ मिलना जरूरी हैं। इसके लिये हर गाँव में अन्नपूर्णा पंचायत बनाई जाएगी। जिसमें पंचायत, नगरीय निकाय, स्व-सहायता समूह, स्कूल प्रबंधन समिति, वन प्रबंधन समिति सहित अन्य लोगों को जोड़ा जाएगा। पोषण और स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता पर निगरानी रखना इस पंचायत का काम होगा। उन्होंने प्रत्येक गाँव में पोषण मटके रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि आंगनवाड़ी में रखे इन मटकों में सक्षम परिवारों के सहयोग से फल, सब्जी, अनाज आदि एकत्र किया जाएगा। कमजोर बच्चों एवं महिलाओं के पोषण स्तर को बढ़ाने के लिये इनका उपयोग किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि मैं यह सुनिश्चित करूंगा कि मुख्यमंत्री निवास में लगी पोषण वाटिका से फल और सब्जियाँ पास की आंगनवाड़ी के पोषण मटके में जाएं। 'रोटी बनाओ-कंडा थापो की जगह बेटा-बेटी बराबर मानो' मुख्यमंत्री ने कहा कि 'रोटी बनाओ-कंडा थापो की जगह बेटा-बेटी बराबर मानो' की सोच स्थापित करने और बेटियों के प्रति समाज की मानसिकता बदलने के लिए लाड़ली लक्ष्मी योजना आरंभ की गयी थी। मुझे इस बात की प्रसन्नता है कि जिन बेटियों को में गोद में लेकर एनएससी दी वे आज 9वीं 10वीं कक्षा में पढ़ रहीं हैं और डॉक्टर व कलेक्टर बनने का सपना देख रहीं हैं। बेटियों को बराबरी के अवसर उपलब्ध कराने के लिये हमारी सरकार प्रतिबद्ध है। इसी उद्देश्य से उनके जन्म से लेकर रोजगार और विवाह तक हर स्तर पर उनकी सहायता व कल्याण के लिये योजनाएँ संचालित की गयी हैं। प्रदेश में बालिकाओं एवं महिलाओं के विरूद्ध हिंसा सहन नहीं की जाएगी। ऐसी कृत्य करने वालों के विरूद्ध सख्त से सख्त कार्यवाही होगी। बेटियों, बहनों और माताओं का सम्मान, सुरक्षा और समानता का भाव सर्वोपरि है। प्री-प्रायमरी एजुकेशन की जिम्मेदारी अब आंगनवाडिय़ों को मुख्यमंत्री ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अंतर्गत 6 साल तक के बच्चों के प्री-प्रायमरी एजुकेशन की जिम्मेदारी अब आंगनवाडिय़ों को सौंपी जा रही है। मंत्रालय में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम में महिला एवं बाल विकास मंत्री इमरती देवी, मुख्य सचिव इकबाल सिंह बैंस, प्रमुख सचिव महिला एवं बाल विकास अशोक शाह सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे। हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश-hindusthansamachar.in