मीडिया समाज को शिक्षित करने का काम करे - डॉ रजनीश शुक्ल
मीडिया समाज को शिक्षित करने का काम करे - डॉ रजनीश शुक्ल
मध्य-प्रदेश

मीडिया समाज को शिक्षित करने का काम करे - डॉ रजनीश शुक्ल

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रतलाम, 20 दिसम्बर (हि.स.)। मीडिया द्वारा स्वयं को व्यापार समझने के कारण चुनौतियां उत्पन्न हुई हैं। आज जब विश्व में समाज और परिवार संकट में है तब मीडिया की जिम्मेदारी बढ़ गई है। आज मीडिया को संस्कार निर्माण का काम करना है। मीडिया समाज को शिक्षित करने का काम करे। बुराइयों को खत्म करने की भूमिका में मीडिया को आगे आना होगा। मीडिया के माध्यम से समाज को अभी भी बेहतर बनाया जा सकता है। यह उद्गार महात्मा गांधी अंतर्राष्ट्रीय विश्वविद्यालय, वर्धा(महाराष्ट्र) के कुलपति डॉ रजनीश शुक्ला ने व्यक्त किए। कुलपति डा. शुक्ल ने रविवार को राजयोग शिक्षा एवं अनुसन्धान प्रतिष्ठान के मीडिया प्रभाग के पूर्व अध्यक्ष एवं इंदौर ज़ोन के पूर्व क्षेत्रीय निदेशक राजयोगी ब्रह्माकुमार ओम प्रकाश 'भाईजी के पंचम पुण्य स्मरण दिवस पर आयोजित ऑनलाईन मीडिया वेबिनार (मीडिया संवाद) को संबोधित किया। उन्होंने मीडिया के क्षेत्र में योगदान के लिए ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय के प्रयासों की सराहना की। मीडिया, समाज और मूल्यबोध विषय पर आयोजित इस संवाद आयोजन में देश के प्रतिष्ठित पत्रकारों, शिक्षाविदों व आध्यात्म से जुड़े लोगों ने हिस्सा लिया। मीडिया संवाद कार्यक्रम की अध्यक्षता ब्रह्माकुमारी संस्था के मीडिया प्रभाग के अध्यक्ष राजयोग करूणा भाई ने की। मीडिया संवाद कार्यक्रम में स्वागत भाषण राजयोगिनी हेमलता दीदी ने दिया। उन्होंने ओम प्रकाश भाई जी का स्मरण करते हुए कहा कि सूचना क्रांति के युग में हम सभी कार्य ऑनलाइन कर रहे हैं। दुनिया सिमट कर छोटी हो गई है। मीडिया समाज में ऐसा वातावरण बनाए जिसमें सभी भयमुक्त होकर रहें। मीडिया औद्योगिक घरानों के हाथों का खिलौना बन कर ना रहे। मीडिया को अपनी जिम्मेदारी समझना चाहिए। मूल्य मानव के गहने हैं। प्रोफेसर कमल दीक्षित ने मीडिया संवाद कार्यक्रम के विषय को बहुत ही समसामयिक और आज की जरूरत बताया। उन्होंने कहा कि मूल्य धीरे-धीरे बिखर रहे हैं। समाज व्यक्ति केंद्रित हो गया है। सर्वकालिक मूल्य बिखरने से समाज टूट रहा है। हमारी स्पर्धा के मूल्य भी बदल गए हैं। मीडिया समाज की सेवा के लिए है, समाज को अपडेट करने के लिए है। लेकिन अब मीडिया समर्थ व्यक्ति, बाजार और सत्ता के लिए काम करने लगा है। अध्यात्म ही एकमात्र ऐसा उपाय है जो इस सब को बदल सकता है। अध्यात्म स्वयं को बदल सकता है। उन्होंने गैर बराबरी और स्पर्धा के विपरीत आध्यात्म को बताया। भारतीय जनसंचार संस्थान नई दिल्ली के महानिदेशक प्रोफ़ेसर संजय द्विवेदी ने कहा कि मूल्यों की स्थापना के लिए अध्यात्मिक और शैक्षणिक संस्थाओं के साथ साथ परिवारों को भी आगे आना होगा। प्रजापति ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ जैसे संगठन व्यक्ति निर्माण के कार्य को बहुत बेहतर ढंग से कर रहे हैं। इस काम में और भी तेजी लाने की आवश्यकता है। क्योंकि श्रेष्ठ समाज बनने से सब कुछ श्रेष्ठ होगा। मीडिया और पूरे समाज को लोकमंगल की भावना से काम करना चाहिए। इसके लिए परिवार में संस्कार देना पड़ेेगा। उन्होंने कहा कि मीडिया समाज को मत निर्माण करने में सहयोग कर सकता है। राजयोगी आत्मप्रकाश भाई ने स्वर्गीय ओमप्रकाश जी की पावन स्मृति का स्मरण कर उनके साथ बिताए हुए समय के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि ओमप्रकाश जी परात्मा के कार्य से गहराई से जुड़े थे। वे नवीनता के खोजी थे। वरिष्ठ पत्रकार अरविंद तिवारी ने स्वर्गीय ओमप्रकाश भाई जी ने इंदौर में इस तरह से काम किया कि ब्रह्माकुमारी संस्था बहुत प्रतिष्ठित होकर इंदौर शहर का हिस्सा बन गई। मीडिया संवाद कार्यक्रम में ब्रम्हाकुमारी उषा बहन ने वेबिनार में मौजूद सभी सदस्यों को मेडिटेशन अभ्यास कराया। हिन्दुस्थान समाचार/ शरद जोशी-hindusthansamachar.in