माता पिता के चरणों में ही सारे तीर्थ समाहित होते हैं : व्यास

माता पिता के चरणों में ही सारे तीर्थ समाहित होते हैं : व्यास
माता पिता के चरणों में ही सारे तीर्थ समाहित होते हैं : व्यास

गुना, 25 जुलाई (हि.स.)। कुंभराज नगर के श्री गुरु महाराज आश्रम पर इन दिनों श्री गुरु महाराज सेवा मण्डल द्वारा श्रीमद् भागवत कथा सप्ताह का आयोजन किया जा रहा है। कथा के पांचवें दिन शनिवार को कथा व्यास पंडित अवधेश व्यास ने बताया कि जीवन में सुख शांति का समावेश होता है तब ही धर्म के प्रति आस्था बढ़ती है। जहां भी जिस समय भी श्रीमद् भागवत कथा सुनने का अवसर प्राप्त हो, इसे कभी भी नही छोडऩा चाहिए। भजन में ही जीवन का सार होता है। कथा के प्रारंभ में यजमान परिवार द्वारा व्यास गादी की पूजा अर्चना की गई। कथा वाचक व्यास ने माता पिता की सेवा को आवश्यक बताते हुए कहा कि जिस ने भी माता पिता की निस्वार्थ भाव से सेवा कर ली। समझ लो उसने सभी तीर्थों की यात्रा करली। माता पिता के चरणों में ही तीर्थ है। उन्होंने कहा कि चौरासी लाख योनियों मे भटकने के बाद यह मानव तन मिला है। इसलिए इसका उपयोग सत्य के मार्ग पर चलने में लगा दो । संसार में चारों ओर मोह माया व्याप्त है। जिसमें मानव फंस कर अपने अमूल्य जीवन को नष्ट कर रहा है। कथा के दौरान गोवर्धन पूजन का आयोजन किया गया। इस दौरान छप्पन भोग का प्रसाद वितरण हुआ। खास बात यह है कि कोरोना के चलते श्रीमद भागवत का मूलपाठ का ही वाचन किया जा रहा है। जिसमें मात्र 5 श्रोता ही उपस्थित रहते हैंं। हिन्दुस्थान समाचार / अभिषेक-hindusthansamachar.in

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